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Micro Cheating: रिश्तों को खोखला कर रही है माइक्रो चीटिंग, आपका पार्टनर भी तो नहीं दे रहा धोखा, जानें माइक्रो चीटिंग के लक्षण और बचाव के तरीके

Micro Cheating in relationship (क्या है माइक्रो चीटिंग): यूं तो माइक्रो चीटिंग की पोल खुल ही जाती है लेकिन कई बार ऐसा होता है कि तब तक बहुत देर हो चुकी होती है। उस हालत में रिश्ते के बचने की सारी संभावनाएं खत्म हो जाती हैं। ऐसे में अगर सही समय पर इन माइक्रो चीटिंग के संकेतों को पहचान लें तो रिश्तों को सुधारा जा सकता है।

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What is Micro Cheating in Relationship (क्या होती है माइक्रो चीटिंग)

What is Micro Cheating in Relationship: रिश्ते विश्वास पर टिके होते हैं। अगर किसी रिलेशनशिप में विश्वास ना हो तो वह रिश्ता ज्यादा दूर तक नहीं जा पाता है। इस विश्वास को कमाने में लंबा समय लगता है लेकिन टूटने में पल भर भी नहीं लगता। बहुत से रिश्ते इसी विश्वास के टूटने के कारण टूटे हैं। रिश्तों में विश्वास का टूटना धोखे के कारण होता है। अगर एक पार्टनर दूसरे को धोखा दे रहा है तो वहां विश्वासघात किया जा रहा है। जब यह धोखा खुलकर सामने आ जाता है तो फिर उस रिश्ते का द एंड वहीं हो जाता है। लेकिन आजकल रिश्तों में नए तरह के धोखे का चलन है। यह ऐसी चीटिंग है जो रिलेशनशिप को खराब नहीं करती। सोशल मीडिया की दुनिया में इस तरह के धोखे को माइक्रो चीटिंग कहा जा रहा है। आइए जानते हैं कि आखिर क्या बला है ये माइक्रो चीटिंग।

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Micro Cheating Symptoms

क्या होती है माइक्रो चीटिंग (What is Micro Cheating)

माइक्रो चीटिंग - यह नाम सुनने में तो ऐसा लग रहा है जैसे सीधे किसी विज्ञान की डिक्शनरी से लिया गया हो। लेकिन ऐसा नहीं है। माइक्रो मतलब होता है छोटा सा और चीटिंग मतलब धोखा, मतलब माइक्रो चीटिंग मतलब हुआ छोटा सा धोखा। आमतौर पर रिश्तों में धोखा देने का मतलब किसी तीसरे शख्स के साथ शारीरिक संबंध बनाना या फिर उससे अवैध संबंध रखना होता है।

वहीं दूसरी ओर माइक्रो चीटिंग किसी भी रिश्ते में छोटी-छोटी चीजों के जरिए धोखा देना होता है, लेकिन इसमें तीसरे व्यक्ति के साथ शारीरिक संबंध बनाना शामिल नहीं होता है। इसके बाद भी ये वो चीजें होती हैं जो धोखा महसूस करने वाले के लिए चीटिंग के समान ही होती हैं। और आसान तरीके से समझाएं तो अगर आपका पार्टनर आपको बिना बताए किसी तीसरे व्यक्ति के साथ प्यार भरी रोमांटिक बातें करता है, तो ये माइक्रो चीटिंग कहलाएगी।

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Micro Cheating Symptoms Signs

क्यों माइक्रो चीटिंग में फंस रहे कपल्स

माइक्रो चीटिंग के ट्रेंड के फैलने के पीछे सबसे बड़ा कारण आजकल की लाइफस्टाइल का है। आजकल हर पति पत्नी या फिर रोमांटिक कपल नौकरी करता है। उनका अधिकतम समय ऑफिस में बीतता है। ऐसे में जाने-अनजाने हम कई बार किसी दूसरे व्यक्ति के इतने करीब आ जाते हैं कि उससे अपने जीवन की सभी छोटी-बड़ी बातें डिस्कस करने लगते हैं। धीरे-धीरे ये डिस्कशन इमोशनल बॉन्डिंग का रूप लेते जाता है। ये इमोशनल बॉन्डिंग शारीरिक संबंधों तक पहुंच सकता है, जिसका असर आपके असल रिलेशन पर धीरे-धीरे नजर आने लगता है।

कैसे रिश्तों को खोखला कर रही है माइक्रो चीटिंग

माइक्रो चीटिंग कहने को तो छोटा सा धोखा है, लेकिन धोखा तो धोखा ही होता है। उसमें बड़ा या छोटा धोखे जैसा कुछ नहीं होता। शुरुआत में किसी को ये लग सकता है कि हम अपने पार्टनर को धोखा नहीं दे रहे हैं क्योंकि हम किसी और के साथ शारीरिक संबंध नहीं बना रहे हैं। बावजूद इसके आपकी यह माइक्रो चीटिंग आपके पार्टनर को भावनात्मक तौर बुरी तरह से तोड़ देती हैं। यहीं से रिश्तों में दरार पड़ने लगती है। पार्टनर को लगता है कि अगर वो मुझे चीट कर रहे हैं तो अगर मैं खुद करूं तो क्या गलत है। कुल मिलाकर पार्टनर से छिपा कर किसी और के साथ वैसी बातें करना जैसी आप अपने पति या पत्नी से करते हैं वो गलत है। यह रिश्तों में इतना तनाव पैदा कर दे रहा है कि नौबत तलाक की आ जा रही है।

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Micro Cheating meaning in Hindi

रिलेशनशिप में कैसे पहचानें माइक्रो चीटिंग

यूं तो माइक्रो चीटिंग की पोल खुल ही जाती है लेकिन कई बार ऐसा होता है कि तब तक बहुत देर हो चुकी होती है। उस हालत में रिश्ते के बचने की सारी संभावनाएं खत्म हो जाती हैं। ऐसे में अगर सही समय पर इन माइक्रो चीटिंग के संकेतों को पहचान लें तो रिश्तों को सुधारा जा सकता है:

1. अगर आपका पार्टनर हद से ज्यादा मोबाइल में बिजी रहने लगे या फिर घर के बाहर ज्यादा समय बिताने लगे तो आपको सतर्क हो जाना चाहिए। कोई जरूरी नहीं है कि ऐसे केस में पार्टनर आपको चीट कर रहा हो लेकिन ये एक संकेत हो सकता है कि आप सतर्क रहें।

2. अगर पार्टनर अपना फोन आपको ना छूने दे या फिर अपने फोन या मेल का पासवर्ड चेंज करते रहे तो भी यहां माइक्रो चीटिंग की संभावना है। मोबाइल से चैटिंगी डिलीट करना भी माइक्रो चीटिंग की ओर संकेत करते हैं।

3. अगर पार्टनर आपकी छोटी-छोटी बातों से चिढ़ने लगे तो समझिए सब कुछ सही नहीं है। पार्टनर का बात बात पर आपसे झगड़ना और कई दिनों तक बात बंद कर देना भी माइक्रो चीटिंग का लक्षण हो सकता है।

4. फोन पर डेटिंग ऐप्स होना भी माइक्रो चीटिंग की ओर इशारा करते हैं। क्योंकि अगर कोई किसी के साथ रिलेशनशिप में है तो फिर उसके मोबाइल में डेटिंग ऐप्स का क्या काम।

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How to prevent Mirco Cheating

कैसे सुधारे माइक्रो चीटिंग की फितरत

माइक्रो चीटिंग कई बार इंसान की फितरत बन जाती है। उसे लगता है कि वह कुछ गलत नहीं कर रहा है। हालांकि ऐसा सोचना बिल्कुल भी गलत है। अगर आप भी कहीं न कही अपने पार्टनर को माइक्रो चीट कर रहे हैं, लेकिन अपने रिश्ते को भी बचाना चाहते हैं तो आज से ही पार्टनर से छिपा कर किसी और से बात करना बंद कर दें। आप को जिस तरह की बातें किसी बाहर वाले से कर के अच्छा लग रहा है वो सब आप अपने पार्टनर से करें। माइक्रो चीटिंग से निपटने के लिए, अपने साथी के साथ खुले और ईमानदार तरीके से बातचीत करें।

Suneet Singh
सुनीत सिंहauthor

सुनीत सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में डिप्टी न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन में स्पेशल स्टोरीज प्रोजेक्ट का नेतृत्व कर रहे हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों के अनुभव के साथ, सुनीत उन बहुमुखी पत्रकारों में शामिल हैं जिन्होंने न्यूजरूम और फील्ड—दोनों मोर्चों पर खुद को साबित किया है। माइक, कैमरा और एडिटिंग डेस्क तीनों से उनकी सहज जुगलबंदी ने उन्हें एक संतुलित और विश्वसनीय मीडिया प्रोफेशनल के रूप में स्थापित किया है। पिछले 10 वर्षों से सुनीत लाइफस्टाइल, लिटरेचर, सिनेमा और संस्कृति से जुड़ी गहन व विश्लेषणात्मक स्टोरीज लिखते रहे हैं और अबतक 12,000 से अधिक आर्टिकल पब्लिश कर चुके हैं। उनकी लेखन शैली गहराई, मौलिक दृष्टिकोण और रिसर्च-आधारित प्रस्तुति से पहचानी जाती है। वे विषयों की बारीकियों को पकड़कर उन्हें सरल, प्रभावी और पाठकों से जुड़ने वाली भाषा में ढालने में दक्ष हैं।

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