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Hula Hooping: डेली वर्कआउट में शामिल करें हुला हूपिंग, तन के साथ मन को भी दुरुस्त रखेगी प्लास्टिक रिंग

Hula Hooping Benefits: हुला हूपिंग एक फुल-बॉडी वर्कआउट है, जो कोर मांसपेशियों को मजबूत करता है और कमर को टोन करता है। यह कार्डियो और स्ट्रेंथ ट्रेनिंग का शानदार मिश्रण है। नियमित अभ्यास से पेट की चर्बी कम होती है, लचीलापन बढ़ता है और तनाव भी घटता है।

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हुला हूपिंग के फायदे

क्या आप फिट रहने का मजेदार तरीका ढूंढ़ रहे हैं? अगर हां, तो हुला हूपिंग आपके लिए है। यह प्लास्टिक रिंग वाली कसरत न सिर्फ कोर मांसपेशियों को मजबूत करती है, बल्कि मनोरंजन का भी पूरा डोज देती है। यह करने में न केवल सरल बल्कि खुश रहने का भी एक मजेदार साधन है। जर्नल ऑफ स्ट्रेंथ एंड कंडीशनिंग रिसर्च (2021) में छपे एक अध्ययन के अनुसार, 6 सप्ताह तक हुला हूपिंग करने वालों की कमर की परिधि में उल्लेखनीय कमी आई और कोर की ताकत बढ़ी, जो चलने से भी ज्यादा प्रभावी साबित हुई।

अब सवाल उठता है कि सरल से दिखने वाले मनोरंजन से भरपूर हुला हूपिंग करते कैसे हैं? इस सवाल का जवाब सेलिब्रिटी न्यूट्रिशनिस्ट पूजा मखीजा देती हैं। उन्होंने बताया, "यह एक साधारण व्यायाम है, जिसमें एक प्लास्टिक रिंग को कमर, कूल्हों या शरीर के अन्य हिस्सों के चारों ओर घुमाया जाता है। इसे शुरू करने के लिए एक हल्का या भारी हुला हूप लें। अपने पैरों को कंधे की चौड़ाई पर रखें, रिंग को कमर पर टिकाएं और इसे घुमाने के लिए कूल्हों को गोलाकार गति में हिलाएं। एक्सपर्ट बताते हैं कि शुरुआत में इसे 5 से 10 मिनट तक ही करना चाहिए और धीरे-धीरे समय बढ़ाना चाहिए।"

एक्सपर्ट बताते हैं कि हुला हूप की सबसे खास बात यह है कि इसे जिम के अलावा, घर पर भी आसानी से किया जा सकता है।

इससे मिलने वाले फायदे बहुत हैं। एक्सपर्ट के अनुसार, हुला हूपिंग एक फुल-बॉडी वर्कआउट है, जो कोर मांसपेशियों को मजबूत करता है और कमर को टोन करता है। यह कार्डियो और स्ट्रेंथ ट्रेनिंग का शानदार मिश्रण है। नियमित अभ्यास से पेट की चर्बी कम होती है, लचीलापन बढ़ता है और तनाव भी घटता है। यह व्यायाम मस्ती के साथ कैलोरी बर्न करता है, जिससे फिटनेस का लक्ष्य बोरिंग नहीं लगता। बच्चों से लेकर बड़ों तक, सभी इसे आसानी से आजमा सकते हैं।

हालांकि, हुला हूप करने में कुछ सावधानियां भी बरतनी जरूरी हैं। इसे शुरू करने से पहले सही आकार का हूप चुनें; बड़ा हूप शुरुआती लोगों के लिए आसान होता है। पीठ दर्द या कोई चोट है, तो डॉक्टर से सलाह लेना आवश्यक है। शुरुआत में ज्यादा जोर नहीं लगाना चाहिए और धीरे-धीरे स्पीड बढ़ानी चाहिए। अभ्यास करने से पहले ध्यान रखना चाहिए कि जगह खुली और बड़ी हो, ताकि रिंग किसी चीज से टकराए न। हल्के कपड़े और आरामदायक जूते पहनें।

--आईएएनएस

Suneet Singh
सुनीत सिंहauthor

सुनीत सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में डिप्टी न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन में स्पेशल स्टोरीज प्रोजेक्ट का नेतृत्व कर रहे हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों के अनुभव के साथ, सुनीत उन बहुमुखी पत्रकारों में शामिल हैं जिन्होंने न्यूजरूम और फील्ड—दोनों मोर्चों पर खुद को साबित किया है। माइक, कैमरा और एडिटिंग डेस्क तीनों से उनकी सहज जुगलबंदी ने उन्हें एक संतुलित और विश्वसनीय मीडिया प्रोफेशनल के रूप में स्थापित किया है। पिछले 10 वर्षों से सुनीत लाइफस्टाइल, लिटरेचर, सिनेमा और संस्कृति से जुड़ी गहन व विश्लेषणात्मक स्टोरीज लिखते रहे हैं और अबतक 12,000 से अधिक आर्टिकल पब्लिश कर चुके हैं। उनकी लेखन शैली गहराई, मौलिक दृष्टिकोण और रिसर्च-आधारित प्रस्तुति से पहचानी जाती है। वे विषयों की बारीकियों को पकड़कर उन्हें सरल, प्रभावी और पाठकों से जुड़ने वाली भाषा में ढालने में दक्ष हैं।

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