What is Elephant Parenting Style in Hindi: बच्चों को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ उनकी आजादी का ख्याल रखना भी बेहद जरूरी होता है। ये सब तय करता है कि माता-पिता बच्चे की कैसी पैरेंटिग कर रहे हैं। कोई भी नहीं चाहता कि वह बच्चे की परवरिश में कोई कमी छोड़े। कुछ अभिभावक बच्चों के साथ काफी सख्त होते हैं तो तो कुछ को लगता है कि बच्चों को पूरी फ्रीडम दे देना ही अच्छी पैरेंटिंग है। वहीं अच्छी पैरेंटिंग के चक्कर में कई पेरेंट्स आज भी पुराने तौर तरीकों से बच्चों की परवरिश करने की कोशिश करते हैं। अब टाइम बदल गया है। समाज भी बदला है। इसी समाज में आगे चलकर बच्चों को सर्वाइव करना है। तो पुराने तरीके की पैरेंटिंग से फायदे के बजाय नुकसान ही हाथ लग सकता है। समय और बच्चों के बदलते बिहेवियर को देखते हुए नए नए तरीके के पैरेंटिंग स्टाइल अपनाए जा रहे हैं। पेरेंट्स समझ चुके हैं कि डांट-फटकार और प्रेशर से बच्चा जिद्दी और ढीठ हो सकता है। अगर आप अपने बच्चे की ग्रोथ और उसके फ्यूचर को लेकर वाकई सीरियस हैं तो आप पैरेंटिंग का यह खास तरीका अपना सकते हैं। पैरेंटिंग के इस नए स्टाइल को इंटरनेट की दुनिया में एलिफेंट पैरेंटिंग का नाम दिया गया है।

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एलीफेंट पैरेंट्स बच्चों की देखभाल में उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के साथ साथ एक हद तक उनकी आजादी का भी ख्याल खासतौर पर रखते हैं। इस पैरेंटिंग स्टाइल को एक्सपर्ट्स बहुत अच्छा मानते हैं। आइए जानते हैं कि क्या और कैसे होती है एलीफेंट पैरेंटिंग और क्या हैं इसके फायदे-नुकसान:
क्या होती है एलीफेंट पैरेंटिंग (What is Elephant Parenting)
एलीफेंट पैरेंटिंग - इस शब्द से ही आप जान सकते हैं कि यह उस तरह की पैरेंटिंग स्टाइल है जैसे कोई हाथी अपने बच्चे की करता है। हाथियों के लिए अपने बच्चों की खुशी सबसे बड़ी होती है। एक हाथी या हथिनी अपने बच्चों की खुशी के लिए कुछ भी करती है। ठीक इसी तरह का काम एलीफेंट पैरेंट्स करते हैं। इसमें पैरेंट्स अपने बच्चे की पढ़ाई और खेल में मिलने वाली उपलब्धियों से ज्यादा उसकी इमोशनल हेल्थ को आगे रखते हैं। ये अपने बच्चों से बेहद प्यार करते हैं और खासतौर पर उनके बचपन में उनकी हर तरह की जरूरत को पूरा करना चाहते हैं। बच्चे के पढ़ाई और एथलीट में सफल होने पर ये कम ध्यान देते हैं।
एलीफेंट पैरेंटिंग में बच्चों को ज्यादा आजादी और विकल्प मिलते हैं। टाइगर पैरेंटिंग की तरह उन पर उन चीजों या कामों को करने का दबाव नहीं होता है, जो ये नहीं करना चाहते हैं। एलीफैंट पेरेंट्स चाहते हैं कि उनका बच्चा हमेशा खुश रहे। मसलन अगर बच्चा रो रहा है तो मुमकिन है वो रोते-रोते सो जाए, लेकिन एलीफेंट पैरेंट्स बच्चे को चुप कराकर ही सुलाते हैं। इस तरह की पैरेंटिंग स्टाइल में बच्चे को माता-पिता का शत प्रतिशत सपोर्ट और प्यार मिलता है।

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कैसे होती है एलीफेंट पैरेंटिंग ( How Elephant Parenting Work)
बच्चों को हर उस काम करने के लिए बढ़ावा दिया जाता है जिससे उन्हें खुशी मिलती हो या उनके विकास में मददगार हों। टाइगर पैरेंटिंग की तरह उन्हें कठोर नियमों में नहीं रखा जाता। बच्चों को नई चीजें सीखने और ट्राई करने के लिए मोटिवेट किया जाता है। बच्चों के साथ हमेशा प्यार और सहानुभूति के साथ पेश आया जाता है। एलीफेंट पैरेंटिग में बच्चों के लिए हमेशा प्यार और प्रोत्साहन से भरा माहौल तैयार किया जाता है। इतना ही नहीं उनकी हर भावनात्मक जरूरत को पूरा किया जाता है।
एलीफेंट पैरेंटिंग के फायदे (Benefits of Elephant Parenting)
एलीफेंट पैरेंटिंग के बहुत से फायदे हैं। इससे बच्चा बिना किसी दबाव के अपने नैसर्गिक गुण को निखार पाता है। उसे किसी भी तरह के मानसिक तनाव का सामना भी नहीं करना पड़ता। इस तरह की पैरेंटिंग में बच्चों को पता चल जाता है कि अगर वह कुछ गलत भी करेंगे तो उनके पैरेंट्स उन्हें डांटने की जगह उनकी गलती सुधारने में मदद करेंगे। ऐसे में बच्चा नई चीजों को करने या सीखने में संकोच नहीं करता। इस तरह की पैरेटिंग से माता-पिता और बच्चों के बीच बहुत अच्छी इमोशनल बॉन्डिंग हो जाती है।

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एलीफेंट पैरेंटिंग के नुकसान (Negative Effects of Elephant Parenting)
सुनने में लगता होगा कि एलीफेंट पैरेंटिंग बच्चों की परवरिश करने का एकदम परफेक्ट तरीका है लेकिन हर चीज के कुछ फायदे और नुकसान होते हैं और एलीफेंट पैरेंटिंग पर भी यह नियम लागू होता है। इस तरह की पैरेंटिंग में बच्चों को लेकर मां-बाप बहुत ज्यादा प्रोटेक्टिव होते हैं। एक हद तक तो ये सुरक्षा का भाव बच्चे के लिए बेहद जरूरी भी होती है। लेकिन हर चीज में पैरेंट्स के ऊपर बच्चों की निर्भरता उसके भविष्य के लिए नुकसानदायक हो सकती है। बचपन में अत्यधिक सुरक्षा मिलने की वजह से बच्चे में जीवन के उतार-चढ़ावों से निपटने की क्षमता कमजोर हो जाती है, खासकर वयस्क होने पर बच्चे को ज्यादा परेशानी आती है।
एलीफेंट पैरेंटिंग में इन बातों का रखे धयान (Tips for Elephant Parenting)
ऐसी पैरेंटिंग स्टाइल में अगर ध्यान ना दिया जाए तो बच्चा कभी आत्मनिर्भर नहीं बन पाता। उसे हर चीजें पैरेंट्स की मदद की जरूरत महसूस होती है। इसके लिए सबसे जरूरी है कि आप बच्चे के प्रति ओवर प्रोटेक्टिव ना बनें। अपने बच्चे की आजादी ना छीनें। दरअसल एलीफेंट पैरेंटिंग में पैरेंट्स बच्चे को किसी तरह के नुकसान या परेशानी से बचाने के लिए उसकी आजादी छीन लेते है।

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सफल एलीफेंट पैरेटिग के लिए आपको बच्चों पर से कंट्रोल कम करना ही पड़ेगा। बच्चे जब बड़े होने लगे तो उसे खुद अपने निर्णय लेने की आजादी देनी चाहिए। उसे अपनी जिंदगी में रोजमर्रा के फैसले खुद लेने के लिए प्रोत्साहित करें। इन बातों का ध्यान रख आप ना सिर्फ अपने बच्चे को इमोशनली सिक्योर कर सकते हैं बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर और मजबूत भी बना सकते हैं।
