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Thought of the day: वादों की जरूरत नहीं होती उन रिश्तों में, जहां निभाने वाले पर भरोसा होता है

Thought of the day(आज का सुविचार): आज का यह सुविचार रिश्तों की सबसे खूबसूरत सच्चाई को बयान करता है। दरअसल रिश्ते शब्दों से नहीं, विश्वास और निभाने की नीयत से मजबूत बनते हैं।

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आज का सुविचार

Thought of the day(आज का सुविचार): एक अच्छा सुझाव या विचार किसी की भी जिंदगी बदलने की ताकत रखते हैं। जरूरत है सही समय पर हमारा राब्ता उस विचार से हो। कई बार हमें बस एक किक की जरूरत होती है, और यही विचार हमारे लिए उस किक का काम करते हैं। ये विचार हमारे जीवन में कभी नई प्रेरणा लेकर आते हैं तो कभी नए हौसले के साथ। इसी लिए हम भी आपको रोज एक सुविचार बताते हैं, क्या पता कौन से विचार से आपको वही जरूरी किक मिल जाए। इसी कड़ी में आइए पढ़ते हैं आज का सुविचार:

“वादों की जरूरत नहीं होती उन रिश्तों में, जहां निभाने वाले पर भरोसा होता है”

आज का यह सुविचार रिश्तों की सबसे खूबसूरत सच्चाई को बयान करता है। दरअसल रिश्ते शब्दों से नहीं, विश्वास और निभाने की नीयत से मजबूत बनते हैं। जहां सच्चा अपनापन होता है, वहां बार-बार कसमें खाने या बड़े-बड़े वादे करने की जरूरत नहीं पड़ती।

आजकल लोग अकसर रिश्तों में बहुत कुछ कह देते हैं। हमेशा साथ रहने की बातें, कभी न बदलने के दावे और जिंदगीभर प्यार निभाने के वादे। लेकिन केवल शब्द रिश्तों को मजबूत नहीं बनाते। असली रिश्ते वे होते हैं जहां इंसान बिना कहे भी दूसरे की भावनाओं को समझ ले। जहां भरोसा इतना गहरा हो कि सामने वाले के इरादों पर कभी शक न हो।

कई बार जिंदगी में मुश्किलें आती हैं, हालात बदलते हैं, दूरियां भी बढ़ जाती हैं। लेकिन अगर रिश्ता सच्चे विश्वास पर टिका हो, तो वह हर परिस्थिति में कायम रहता है। ऐसे रिश्तों में लोग यह साबित करने की कोशिश नहीं करते कि वे कितना प्यार करते हैं, बल्कि अपने व्यवहार और साथ से यह महसूस करा देते हैं।

आज का यह सुनिचार यह भी सिखाता है कि रिश्तों की असली खूबसूरती निभाने में होती है। जो लोग सच में अपने होते हैं, वे हर परिस्थिति में साथ खड़े रहते हैं। उन्हें हर बार यह कहने की जरूरत नहीं पड़ती कि “मैं तुम्हारे साथ हूं”, क्योंकि उनका व्यवहार ही यह एहसास दिला देता है।

असल में भरोसा किसी भी रिश्ते की सबसे मजबूत नींव होता है। जहां भरोसा होता है, वहां डर कम होता है, शिकायतें कम होती हैं और दिल को सुकून ज्यादा मिलता है। ऐसे रिश्ते शब्दों से नहीं, एहसासों से चलते हैं।

Suneet Singh
सुनीत सिंहauthor

सुनीत सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में डिप्टी न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन में स्पेशल स्टोरीज प्रोजेक्ट का नेतृत्व कर रहे हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों के अनुभव के साथ, सुनीत उन बहुमुखी पत्रकारों में शामिल हैं जिन्होंने न्यूजरूम और फील्ड—दोनों मोर्चों पर खुद को साबित किया है। माइक, कैमरा और एडिटिंग डेस्क तीनों से उनकी सहज जुगलबंदी ने उन्हें एक संतुलित और विश्वसनीय मीडिया प्रोफेशनल के रूप में स्थापित किया है। पिछले 10 वर्षों से सुनीत लाइफस्टाइल, लिटरेचर, सिनेमा और संस्कृति से जुड़ी गहन व विश्लेषणात्मक स्टोरीज लिखते रहे हैं और अबतक 12,000 से अधिक आर्टिकल पब्लिश कर चुके हैं। उनकी लेखन शैली गहराई, मौलिक दृष्टिकोण और रिसर्च-आधारित प्रस्तुति से पहचानी जाती है। वे विषयों की बारीकियों को पकड़कर उन्हें सरल, प्रभावी और पाठकों से जुड़ने वाली भाषा में ढालने में दक्ष हैं।

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