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Thought of the day: जीतने से बड़ी बात है सही बने रहना, क्योंकि हर जीत सम्मान नहीं दिलाती

Thought of the Day: जीत का असली अर्थ केवल ट्रॉफी, पैसा या पद हासिल करना नहीं है। असली जीत तब होती है जब आपकी सफलता पर लोग ताली बजाने के साथ-साथ आपका सम्मान भी करें।

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आज का सुविचार

Aaj Ka Suvichar: आज का सुविचार है- जीतने से बड़ी बात है सही बने रहना, क्योंकि हर जीत सम्मान नहीं दिलाती। यह सुविचार हमें जीवन का गहरा और अनमोल सबक सिखाता है। आज की दुनिया में हर कोई जीतना चाहता है, लेकिन यह कम ही लोग सोचते हैं कि उस जीत को हासिल करने का रास्ता कैसा था। अगर सफलता छल, झूठ, बेईमानी या किसी का हक छीनकर मिली हो, तो वह कुछ समय के लिए खुशी जरूर दे सकती है, लेकिन सम्मान कभी नहीं दिला सकती।

सही बने रहना आसान नहीं होता। कई बार परिस्थितियां हमें गलत रास्ता चुनने के लिए उकसाती हैं। लगता है कि अगर नियम तोड़ दिए जाएं या सिद्धांत छोड़ दिए जाएं तो मंजिल जल्दी मिल जाएगी। इतिहास और समाज हमेशा उन्हीं लोगों को याद रखता है जिन्होंने मुश्किल समय में भी अपने मूल्यों और ईमानदारी का साथ नहीं छोड़ा।

जीत का असली अर्थ केवल ट्रॉफी, पैसा या पद हासिल करना नहीं है। असली जीत तब होती है जब आपकी सफलता पर लोग ताली बजाने के साथ-साथ आपका सम्मान भी करें। एक ईमानदार व्यक्ति भले ही देर से मंजिल तक पहुंचे, लेकिन उसकी उपलब्धियां लंबे समय तक लोगों के दिलों में जगह बनाती हैं। वहीं गलत तरीके से मिली जीत कई बार सवालों के घेरे में आ जाती है और समय के साथ उसकी चमक फीकी पड़ जाती है।

जीवन में ऐसे कई मौके आते हैं जब सही और आसान रास्ते में से किसी एक को चुनना होता है। आसान रास्ता तुरंत लाभ दे सकता है, लेकिन सही रास्ता आत्मसंतोष और विश्वास देता है। यही विश्वास इंसान की सबसे बड़ी पूंजी होता है।

इसलिए जीतने से ज्यादा जरूरी है अपने चरित्र, ईमानदारी और नैतिकता को बचाए रखना। क्योंकि अंत में लोग आपकी उपलब्धियों से पहले आपके व्यक्तित्व को याद रखते हैं। सम्मान वही पाता है जिसने केवल जीत हासिल नहीं की, बल्कि उसे सही तरीके से हासिल किया।

अगर आपको आज का यह सुविचार पसंद आया हो तो हम आपके लिए ऐसे ही और भी कुछ प्रेरक विचार लाए हैं। इन प्रेरक सुविचारों को आप अपनों के साथ शेयर कर सकते हैं या फिर अपनो सोशल मीडिया पर भी बतौर स्टेटस लगा सकते हैं:

1. सफलता की ऊंचाई से ज्यादा मायने उस रास्ते का होता है, जिससे आप वहां पहुंचे हैं।

2. ईमानदारी से मिली छोटी हार, बेईमानी से मिली बड़ी जीत से कहीं बेहतर होती है।

3. चरित्र खोकर जीती गई बाजी, आखिरकार सबसे बड़ी हार साबित होती है।

4. जो इंसान अपने सिद्धांत नहीं बेचता, वही असली मायनों में सबसे अमीर होता है।

5. हर मंजिल तक पहुंचना जरूरी नहीं, लेकिन हर सफर में इंसान बने रहना जरूरी है।

6. दुनिया आपकी कामयाबी भूल सकती है, लेकिन आपका चरित्र हमेशा याद रखती है।

7. जीत वह नहीं जो दूसरों को हराकर मिले, जीत वह है जो खुद के जमीर को जिंदा रखे।

8. सही रास्ता लंबा जरूर हो सकता है, लेकिन मंजिल तक पहुंचने के बाद सिर ऊंचा रखने का हक भी वही देता है।

9. जिस सफलता में आत्मसम्मान खो जाए, वह सफलता नहीं बल्कि समझौता है।

10. लोग आपकी उपलब्धियों पर तालियां बजाते हैं, लेकिन आपका सम्मान आपके व्यवहार से कमाते हैं।

11. मुश्किल वक्त में भी जो अपने मूल्यों पर अडिग रहता है, वही सच्चा विजेता कहलाता है।

12. समय जीत और हार दोनों को भुला देता है, लेकिन अच्छे कर्मों की पहचान हमेशा जिंदा रहती है।

13. दूसरों को पीछे छोड़ने से बड़ा काम है खुद को गिरने से बचाए रखना।

14. जीवन की सबसे बड़ी ट्रॉफी वह सुकून है, जो सही फैसले लेने के बाद मिलता है।

15. ऐसी जीत का कोई मतलब नहीं जो आईने में खुद की नजरों से मिलने का साहस छीन ले।

Suneet Singh
सुनीत सिंहauthor

सुनीत सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में डिप्टी न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन में स्पेशल स्टोरीज प्रोजेक्ट का नेतृत्व कर रहे हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों के अनुभव के साथ, सुनीत उन बहुमुखी पत्रकारों में शामिल हैं जिन्होंने न्यूजरूम और फील्ड—दोनों मोर्चों पर खुद को साबित किया है। माइक, कैमरा और एडिटिंग डेस्क तीनों से उनकी सहज जुगलबंदी ने उन्हें एक संतुलित और विश्वसनीय मीडिया प्रोफेशनल के रूप में स्थापित किया है। पिछले 10 वर्षों से सुनीत लाइफस्टाइल, लिटरेचर, सिनेमा और संस्कृति से जुड़ी गहन व विश्लेषणात्मक स्टोरीज लिखते रहे हैं और अबतक 12,000 से अधिक आर्टिकल पब्लिश कर चुके हैं। उनकी लेखन शैली गहराई, मौलिक दृष्टिकोण और रिसर्च-आधारित प्रस्तुति से पहचानी जाती है। वे विषयों की बारीकियों को पकड़कर उन्हें सरल, प्रभावी और पाठकों से जुड़ने वाली भाषा में ढालने में दक्ष हैं।

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