लाइफस्टाइल

बुजुर्गों के लिए पावर बूस्टर हैं नाती—पोते, तनाव कम होने के साथ ही मेंटल हेल्थ को रखते हैं फिट

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Dec 2, 2022, 06:07 PM IST

Mental Health : बुजुर्गों का मानसिक स्वास्थ्य बेहतर करने के लिए आपको किसी दवा की जरूरत नहीं है। इसके लिए बस आप उन्हें अपने नाती-पोतों के साथ कुछ समय बिताने दें। जी हां, हाल ही में हुए अध्ययन में इस बात का खुलासा हुआ है कि बुजुर्ग अगर अपने नाती-पोतों के साथ रहते हैं, तो इससे उनका अकेलापन कम होता है। आइए जानते हैं इस अध्ययन के बारे में विस्तार से-

Image

बुजुर्गों के लिए नाती-पोते होते हैं मेंटल पावूर बूस्टर, जानें कैसे?

KEY HIGHLIGHTS
  • सप्ताह में 12 घंटे नाती-पोतों के साथ बिताएं समय
  • बुजुर्ग बीमार साथी की केयर करना होता है स्ट्रेसफुल
  • बच्चों के साथ समय बिताने से अकेलापन होता है दूर

Mental Health : बुजुर्गों को युवाओं की तुलना में अधिक देखभाल की आवश्यकता होती है। इन्हें न सिर्फ शारीरिक, बल्कि मानसिक रूप से भी केयर की जरूरत है। हाल ही में एक रिसर्च सामने आया है, जिसमें खुलासा हुआ है कि बुजुर्गों के मेंटल हेल्थ को बूस्ट करने में नाती-पोतों काफी मददगार होते हैं। सर्वे में सामने आया है कि बुजुर्गों को अपने नाती-पोतों के साथ खेलना काफी पसंद होता है। इससे उन्हें कई तरह की मानसिक समस्याओं से मुक्ति मिल सकती है। आइए इस लेख में विस्तार से जानते हैं-

क्या कहती है रिसर्च

लंदन के किंग्स कॉलेज में हाल ही में एक रिसर्च किया गया है। इस रिसर्च के शोधकर्ताओं का कहना है कि बुजुर्गों को नाती-पोतों को पार्क ले जाना, बाजार ले जाना, स्कूल ले जाना काफी पसंद होता है। इस तरह की एक्टिविटी उनके अकेलापन को दूर कर सकती है। साथ ही इससे उनका मानसिक स्वास्थ्य भी बेहतर होता है। इसके अलावा बुजुर्ग अगर अपने बीमार साथी की देखभाल करते हैं, तो इससे उनका स्ट्रेस लेवल बढ़ सकता है।

21 देशों के बुजुर्गों पर हुआ रिसर्च

दरअसल, 21 देशों में 50 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों पर रिसर्च किया गया है। इस रिसर्च में करीब 1 लाख 90 हजार बुजुर्गों को शामिल किया गया। इस रिसर्च में बुजुर्गों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर रिसर्च किया गया है।

सामाजिक काम से दूर होता है स्ट्रेस

रिसर्च में यह बात सामने आई है कि बुजुर्गों को सामाजिक भलाई और पर्यावरण संरक्षण के लिए किए गए कार्यों से काफी रिलैक्स फील होता है। इससे उनका अकेलापन दूर होता है।

नाती-पोतों के साथ दूर होता है अकेलापन

इस अध्ययन में सामने आया है कि नाती-पोतों के साथ खेलने वाले बुजुर्गों का अकेलापन दूर होता है। रिसर्च में कहा गया है कि ऐसे बुजुर्ग जो अपने नाती-पोतों के साथ हर सप्ताह 12 घंटे से अधिक समय बिताते हैं, तो उन्हें बाकि बुजुर्गों की तुलना में कम अकेलापन महसूस होता है। ऐसे में शोधकर्ताओं का कहना है कि बुजुर्गों को देखभाल की जरूरत होती है, लेकिन उन्हें अपने नाती-पोतों की देखभाल करना काफी ज्यादा अच्छा लगता है।

ध्यान रखें कि बुजुर्गों की अगर आप देखभाल करना चाहते हैं तो कोशिश करें कि उन्हें अकेला न छोड़ें। उन्हें आप अपने बच्चों और परिवार के सदस्यों के साथ रहने दें। इससे उनका और आपका दोनों का ही मानसिक स्वास्थ्य बेहतर हो सकता है।

टाइम्स नाउ नवभारत
टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटलauthor

अक्टूबर 2017 में डिजिटल न्यूज़ की दुनिया में कदम रखने वाला टाइम्स नाउ नवभारत अपनी एक अलग पहचान बना चुका है। अपने न्यूज चैनल टाइम्स नाउ नवभारत की सोच एवं नजरिए के साथ आगे बढ़ते हुए यह न्यूज़ प्लेटफॉर्म आम लोगों से जुड़े मुद्दों का गहराई से विश्लेषण एवं उसे आसान भाषा में पेश करता आया है। राजनीति से लेकर खेल, मनोरंजन, कारोबार और आम लोगों के जीवन पर असर डालने वालीं खबरों का मायने समझाते हुए यह डिजिटल प्लेटफॉर्म लोगों के भरोसे पर खरा उतरा है। \n\nसाथ ही यह अपने न्यूज़ चैनल पर दिखाए जाने वाली खबरों, शोज, स्पशेल कार्यक्रमों एवं रिपोर्टों को पेश करता है। चैनल के ये कार्यक्रम एवं शोज देश-दुनिया के घटनाक्रमों पर एक नया एवं विश्वसनीय नजरिया देते हैं। अपनी खबरों एवं विश्लेषण के चलते पसंदीदा न्यूज़ प्लेटफॉर्म बन चुका टाइम्स नाउ नवभारत, डिजिटल लोगों के भरोसे को लगातार मजबूत कर रहा है।

और पढ़ें
End of Article