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Mother's Day 2026: बेटी की मौत से भी नहीं टूटीं, कौन हैं विजय को 'थलापति' बनाने वालीं शोभा

Who is Vijay's Mother (थलापति विजय की मां कौन हैं): थलापति विजय की मां का नाम शोभा चंद्रशेखर (Shobha Chandrashekhar) है। 1948 में हिंदू परिवार में जन्मीं शोभा विजय की राजनैतिक जीत के बाद से लगातार सुर्खियों में हैं।

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क्या करती हैं थलापति विजय की मां शोभा चंद्रशेखर

Thalapathy Vijay Mother: साउथ सुपरस्टार थलापति विजय का पॉलिटिक्स में भी सुपरहिट डेब्यू हुआ है। हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों में विजय की पार्टी टीवीके सबसे बड़े दल के तौर पर उभरी है और सरकार बनाने जा रही है। जल्द ही विजय तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पद की शपथ (Vijay Oath Ceremony) भी लेंगे। विजय की इस जीत पर उनके परिवार (Thalapathy Vijay Family) की भी खूब चर्चा हो रही है। बहुत से लोग ये भी जानना चाहते हैं कि विजय की मां (Who is Vijay Mother) कौन हैं।

कौन हैं थलापति विजय की मां

थलापति विजय की मां का नाम शोभा चंद्रशेखर है। 1948 में हिंदू परिवार में जन्मीं शोभा विजय की राजनैतिक जीत के बाद से लगातार सुर्खियों में हैं। बता दें कि शोभा चंद्रशेखर का नाम तमिलनाडु और तमिल सिनेमा के लिए कोई नया नहीं है। शोभा बहुमुखी प्रतिभा की धनी हैं। वह तमिल फिल्म इंडस्ट्री की जानी-मानी सिंगर, राइटर, प्रोड्यूसर और डायरेक्टर रह चुकी हैं।

क्या करती थीं शोभा चंद्रशेखर

शोभा चंद्रशेखर ने तमिल सिनेमा में कई भूमिकाओं में काम किया है। वह एक प्रशिक्षित कर्नाटक संगीत गायिका हैं और उन्होंने कई तमिल फिल्मों के लिए प्लेबैक सिंगिंग की है। उन्होंने लाइट म्यूजिक ट्रूप्स के साथ भी परफॉर्म किया और अपने बेटे विजय के साथ डुएट गाने भी गाए। उनका पहला चर्चित फिल्मी गीत महाराजा ओरु महारानी माना जाता है।

सिर्फ सिंगिंग ही नहीं, शोभा ने फिल्मों की कहानी लिखने और निर्माण में भी अपनी पहचान बनाई। रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्होंने करीब 50 से ज्यादा प्रोजेक्ट्स के लिए लिखा और लगभग 10 फिल्मों को प्रोड्यूस किया। इसके अलावा उन्होंने नानबर्गल और इन्नीसाइ मझाइ जैसी फिल्मों का निर्देशन भी किया। कला के क्षेत्र में योगदान के लिए तमिलनाडु सरकार ने उन्हें कलईमामणि सम्मान से भी नवाजा था।

विजय की सफलता के पीछे उनकी मां का बड़ा योगदान माना जाता है। बेटे को स्टारडम के बावजूद जमीन से जुड़ा रखा। हाल ही में विजय की राजनीतिक जीत के बाद शोभा का एक पुराना वीडियो भी वायरल हुआ, जिसमें वह बेटे के भविष्य और मुख्यमंत्री बनने जैसे संकेतों वाला गीत गाती नजर आईं।

जब छोटी बहन की मौत से टूटने लगें विजय

इस परिवार ने निजी जीवन में गहरा दुख भी झेला है। शोभा और एस. ए. चंद्रशेखर के दो बच्चे थे, लेकिन उनकी बेटी विद्या का महज दो साल की उम्र में निधन हो गया था। इस घटना ने पूरे परिवार को गहरा आघात पहुंचाया। कहा जाता है कि विजय अपनी छोटी बहन के बेहद करीब थे और इस दुख ने उनके व्यक्तित्व पर भी गहरा असर डाला। शोभा ने इस सबसे मुश्किल समय में भी खुद को टूटने नहीं दिया और बेटे विजय की परवरिश पर पूरा ध्यान लगाया।

मां ने विजय को बनाया 'थलापति'

शोभा और उनके पति एस.ए. चंद्रशेखर ने विजय के शुरुआती करियर को संवारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। शोभा ने विजय की कई शुरुआती फिल्मों का निर्माण किया और उनके करियर के कठिन दौर में एक मजबूत स्तंभ की तरह खड़ी रहीं। कहा जाता है कि विजय के शांत स्वभाव और उनकी सादगी के पीछे उनकी माँ के दिए हुए संस्कार ही हैं। शोभा ने पति के साथ मिलकर विजय में ऐसे गुण भरे कि आज पूरी दुनिया में वह थलापति विजय के नाम से मशहूर हो चुके हैं।

आज जब विजय राजनीति और सिनेमा दोनों में बड़ी पहचान बना चुके हैं, तब उनकी मां शोभा चंद्रशेखर को उस मजबूत स्तंभ के रूप में देखा जा रहा है, जिन्होंने हर मोड़ पर बेटे का साथ दिया और उसके सपनों को उड़ान देने में अहम भूमिका निभाई।

Suneet Singh
सुनीत सिंहauthor

सुनीत सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में डिप्टी न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन में स्पेशल स्टोरीज प्रोजेक्ट का नेतृत्व कर रहे हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों के अनुभव के साथ, सुनीत उन बहुमुखी पत्रकारों में शामिल हैं जिन्होंने न्यूजरूम और फील्ड—दोनों मोर्चों पर खुद को साबित किया है। माइक, कैमरा और एडिटिंग डेस्क तीनों से उनकी सहज जुगलबंदी ने उन्हें एक संतुलित और विश्वसनीय मीडिया प्रोफेशनल के रूप में स्थापित किया है। पिछले 10 वर्षों से सुनीत लाइफस्टाइल, लिटरेचर, सिनेमा और संस्कृति से जुड़ी गहन व विश्लेषणात्मक स्टोरीज लिखते रहे हैं और अबतक 12,000 से अधिक आर्टिकल पब्लिश कर चुके हैं। उनकी लेखन शैली गहराई, मौलिक दृष्टिकोण और रिसर्च-आधारित प्रस्तुति से पहचानी जाती है। वे विषयों की बारीकियों को पकड़कर उन्हें सरल, प्रभावी और पाठकों से जुड़ने वाली भाषा में ढालने में दक्ष हैं।

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