Swami Vivekananda Motivational Quotes(स्वामी विवेकानंद के प्रेरक विचार): भारत के महान विचारक स्वामी विवेकानंद (Swami Vivekananda) को हिंदू धर्म के वैभव को वैश्विक स्तर पर लाने का श्रेय दिया जाता है। उनके अनमोल विचार आज भी युवाओं को प्रेरित करने का काम करते हैं। स्वामी विवेकानंद (Swami Vivekananda Motivational Quotes) ने रामकृष्ण मिशन की स्थापना की थी। इतना ही नहीं उन्होंने भारत के प्रति लोगों की धारणा तक बदल दी थी। स्वामी विवेकानंद (Swami Vivekananda Prerak Vichar) ने 1893 में शिकागो के विश्व धर्म संसद प्रसिद्ध भाषण दिया था जिसने दुनिया को भारत के प्रति देखने का नजरिया बदल दिया था। विवेकानंद 25 वर्ष की आयु में सांसारिक मोह माया त्याग कर संन्यासी बन गए थे। उनके विचारों को फॉलो कर आप जीवन में बहुत कुछ कर सकते हैं। ऐसे में यहां देखें उनके कुछ अनमोल विचार जो आपको प्रेरणा देने का काम करेंगे।
Swami Vivekananda Motivational Quotes in Hindi
1. पसंद उसे करो जो तुम्हारे में परिवर्तिन लाए, वरना प्रभावित को मदारी भी कर देता है।
2. फर्क इससे नहीं पड़ता कि क्या हो और कैसे दिखते हो, फर्क इससे पड़ता है कि आप क्या कर सकते हो।
3. जब किसी दिन आपके सामने कोई समस्या ना आए, तो आप सुनिश्चित हो सकते हैं कि आप गलत रास्ते पर चल रहे हैं।
4. व्यस्त होना ही काफी नहीं है, व्यस्त तो चीटियां भी होती हैं। सवाल ये है कि आप किस काम में व्यस्त हैं।
5. जब तक किसी काम को किया नहीं जाता, तब तक वो असंभव लगता है।
Swami Vivekananda Anmol Vichar in Hindi
6. एक बार हारने के बाद फिर से कोशिश करने में मत घबराना क्योंकि इस बार शुरुआत शून्य से नहीं अनुभव से होगी।
7. उठो, जागो और तब तक नहीं रुको जब तक लक्ष्य ना प्राप्त हो जाये।
8. ब्रह्मांड की सभी शक्तियां हमारे अंदर हैं। यह हम ही हैं जिन्होंने अपनी आंखों के सामने हाथ रखा है और रोते हुए कहा कि अंधेरा है।
9. किसी की निंदा ना करें, अगर आप मदद के लिए हाथ बढ़ा सकते हैं, तो ज़रुर बढाएं। अगर नहीं बढ़ा सकते, तो अपने हाथ जोड़िये, अपने भाइयों को आशीर्वाद दीजिये, और उन्हें उनके मार्ग पे जाने दीजिये।
10. बाहरी प्रकृति केवल आंतरिक प्रकृति बड़ी है।
11. सच को कहने के हजारों तरीके हो सकते हैं और फिर भी सच तो वही रहता है।
12. इस दुनिया में सभी भेद-भाव किसी स्तर के हैं, ना कि प्रकार के, क्योंकि एकता ही सभी चीजों का रहस्य है।
Swami Vivekananda Prerak Vichar in Hindi
13. जब कोई विचार अनन्य रूप से मस्तिष्क पर अधिकार कर लेता है तब वह वास्तविक भौतिक या मानसिक अवस्था में परिवर्तित हो जाता है।
14. जितना हम दूसरों के साथ अच्छा करते हैं उतना ही हमारा हृदय पवित्र हो जाता है और भगवान उसमें बसता है।
15. यदि स्वयं में विश्वास करना और अधिक विस्तार से पढाया और अभ्यास कराया गया होता, तो मुझे यकीन है कि बुराइयों और दुःख का एक बहुत बड़ा हिस्सा गायब हो गया होता।
