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Sunday Funday Shayari: संडे को बनाएं फन डे, शेयर करें ये मजेदार इतवार शायरी

Sunday Masti Status in Hindi (इतवार शायरी, रविवार शायरी): इतवार हमें ठहरकर सोचना का मौका देता है। भागदौड़ भरी जिंदगी की रफ्तार एक दिन के लिए रुकी नजर आती है। हर कोई अपने रविवार को अपने तरीके से जीता है।

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इतवार पर शायरी, संडे शायरी, रविवार शायरी (Photo: iStock)

Sunday Shayari in Hindi: बच्चे, बूढ़े हो या फिर जवान, नौकरी करने वाले हों या बिज़नसमैन, स्त्री हो या पुरुष, लगभग हर किसी को इतवार का बेसब्री से इन्तजार रहता है। दरअसल सप्ताह का ये दिन ऐसा होता जब किसी को भी किसी चीज में जल्दी नहीं होती। ना तो जल्दी उठना होता है और ना ही कहीं समय पर पहुंचना होता है। इस भागदौड़ भरी लाइफ में सुकून के एक दिन का नाम है संडे। संडे मतलब पूरा समय अपनों के साथ रहना। मौज मस्ती करना और खुद को थोड़ा आराम देना। अगर आप आज संडे को फन डे बनाना चाहते हैं तो हम आपकी मदद कर रहे हैं। अपने यार दोस्त और करीबियों को भेजिए ये मजेदार शायरी।

Sunday Funday Shayari | Sunday Masti Status in Hindi

1. तेरी याद हर दिन आती है

और बड़ा सताती है,

इतवार छुट्टी का दिन होता है

कमबख्त ये भी भूल जाती है।

2. अबकी बार ऐसी सरकार बनाएं,

जो हफ्ते में दो इतवार लाएं।

3. कागज की कश्तियों को भी अब पतवार चाहिए,

अब आशिक को मोहब्बत में भी इतवार चाहिए।

4. गरीब के हिस्से में कोई इतवार नही आता है,

इस दिन तो काम और अधिक बढ़ जाता है।

5. तेरी मुलाक़ात लगे इतवार सा,

तू ना मिले तो हर दिन लगे बेकार सा।

6. मेरी सोमवार सी जिन्दगी में तुम इतवार हो जाना,

मैं ताजा खबर और तुम सुबह का अखबार हो जाना।

7. सुकून के पलों में भी करार कहाँ आता है,

अब वो पहले जैसा इतवार कहाँ आता है।

8. ‘इतवार‘ में भी कुछ यूँ हो गयी है मिलावट,

छुट्टी तो दिखती है पर ‘सुकून‘ नजर नही आता।

9. इस टूटे दिल के लिए करार से कम नही,

उनका इक पल दीदार किसी इतवार से कम नहीं।

10. कितनी सुहानी होती है सुबह इतवार की,

जैसे ठंडी सी फुहार हो पहले-पहले प्यार की।

Suneet Singh
सुनीत सिंहauthor

सुनीत सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में डिप्टी न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन में स्पेशल स्टोरीज प्रोजेक्ट का नेतृत्व कर रहे हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों के अनुभव के साथ, सुनीत उन बहुमुखी पत्रकारों में शामिल हैं जिन्होंने न्यूजरूम और फील्ड—दोनों मोर्चों पर खुद को साबित किया है। माइक, कैमरा और एडिटिंग डेस्क तीनों से उनकी सहज जुगलबंदी ने उन्हें एक संतुलित और विश्वसनीय मीडिया प्रोफेशनल के रूप में स्थापित किया है। पिछले 10 वर्षों से सुनीत लाइफस्टाइल, लिटरेचर, सिनेमा और संस्कृति से जुड़ी गहन व विश्लेषणात्मक स्टोरीज लिखते रहे हैं और अबतक 12,000 से अधिक आर्टिकल पब्लिश कर चुके हैं। उनकी लेखन शैली गहराई, मौलिक दृष्टिकोण और रिसर्च-आधारित प्रस्तुति से पहचानी जाती है। वे विषयों की बारीकियों को पकड़कर उन्हें सरल, प्रभावी और पाठकों से जुड़ने वाली भाषा में ढालने में दक्ष हैं।

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