Sharad Purnima 2024 Wishes Shayari in Hindi, पूर्णिमा के चाँद पर शायरी: हिंदू पंचांग के अनुसार हर साल अश्विनी मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि के दिन शरद पूर्णिमा का त्योहार मनाया जाता है। इस दिन मां लक्ष्मी तो श्री कुबेर विष्णु का पूजन होता है। तो खीर का प्रसाद बनाया जाता है, जिसको रात भर चांद की शीतल रौशनी में रखा जाता है। मान्यता है कि ये खीर अमृत बन जाती है। इस साल शरद पूर्णिमा का त्योहार 16 अक्टूबर को मनाया जा रहा है। इस दिन व्रत, पूजन करने के साथ साथ अपनों संग त्योहार की खुशियां बांटने का भी गहरा महत्व होता है। इसी के साथ साथ शरद पूर्णिमा की चांदनी की शीतलता में शायरों का इश्क़ परवान चढ़ता है। ऐसे में अपने प्रियजनों को फोन व्हाट्सएप पर भेजने के लिए यहां देखें हैप्पी शरद पूर्णिमा 2024 विशेज, कोट्स, चांद पर शायरी, हिंदी शायरी और शरद पूर्णिमा कब है, हार्दिक शुभकामनाएं
Happy Sharad Purnima 2024 in hindi
1. चांद सी शीतलता, शुभ्रता, कोमलता,
आपको और आपके परिवार को प्रदान हो।
शरद पूर्णिमा की शुभकामनाएं।
2. आओ मिलकर शरद पूर्णिमा पर आज खुशी मनाएं,
चंद्रमा का आशीर्वाद लें और फूले ना समाए,
सिर नवा कर अपना, जीवन को समृद्ध बनाएं।
शरद पूर्णिमा की बधाई।
Sharad Purnima Wishes in Hindi
3. संग गोपियां राधा चली कृष्ण के द्वार
कान्हा के सांवले रंग की बिखरे छटा अपार
पूर्णिमा के उज्जवल प्रकाश में मिली वो कृष्ण से
रास लीला आज होगी और नाचेगा सारा संसार।
शरद पूर्णिमा की शुभकामनाएं!
4. आज रात आसमान से होगी अमृत वर्षा,
चंद्रमा होगा 16 कलाओं से परिपूर्ण,
मां लक्ष्मी स्वर्ग से आएंगी पृथ्वी पर,
आपके घर पधारें कुबेर।
शरद पूर्णिमा की शायरी
Chand Shayari in Hindi
5. कल चौदवीं की रात थी,
शब भर रहा चर्चा तेरा
कुछ ने कहा ये चाँद है..
कुछ ने कहा चेहरा तेरा
Purnima ka chand shayari
6. नेह लुटाती चाँदनी, कर सोलह श्रृंगार
धवल चारू चन्द्र किरणे, अमृत बरसा रहे आज
शीतल, उज्जवल रश्मियाँ, मंत्रमुग्ध कर रही महारास
प्रेम को पूर्ण करती सुखभरी है आज की रात
Chand Par Shayari
7. वो चांद कह के गया था कि आज निकलेगा
तो इंतिजार में बैठा हुआ हूं शाम से मैं
Sharad Purnima Ki Hardik Shubkamnaye, Quotes in Hindi
8. घर में धन की बरसात हो, लक्ष्मी का वास हो।
सभी संकटों का नाश हो, मन में सदा शांति का वास हो।
Happy Sharad Purnima Wishes in Hindi
9. बरसी शरद चांदनी,
मेरा अन्त स्पन्दन..
तुम भी क्षण क्षण जी लो..
10. शरद पूर्णिमा के ओ चन्दा
तुमको खीर खिलाऊंगी
दूध गाय का लाकर उसमें
चावल खूब पकाऊँगी
चीनी, मेवा शहद डाल कर
आंगन में ले आऊँगी
अमृत टपका देना उसमें
तब मैं भोग लगाऊंगी
ठाकुर जी को अर्पण करके
पावन खीर खिलाऊंगी।
