Shani Trayodashi 2022: कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि शनिवार, 05 नवंबर को मनाई जाएगी। शनि त्रयोदशी शनि देव की उपासना का सबसे उत्तम दिन मानी जाती है। शनि त्रयोदशी के दिन बहुत सारे लोग उपवास भी करते हैं। कहते हैं कि इस दिन व्रत और पूजा-अर्चना करने से जीवन में जोखिम और दुर्घटनाओं की संभावना कम हो जाती है। यदि किसी इंसान की कुंडली में शनि दोष लगा हुआ है तब भी यह व्रत बहुत फलदायी माना जाता है। आइए आज आपको शनि त्रयोदशी के 4 ऐसे उपाय बताते हैं, जिन्हें अपनाकर ढैय्या और साढ़े साती का प्रभाव कम किया जा सकता है।
साढ़े साती ढैय्या से छुटकारा पाने के उपाय
सरसों के तेल का चमत्कार
शनि की साढ़े साती से छुटकारा पाने के शनि त्रयोदशी के दिन शनि देव को सरसों का तेल अर्पित करें। शनि देव के समक्ष सरसों के तेल का दीपक प्रज्वलित करें और उनसे जीवन में सुख-संपन्नता की प्रार्थना करें। इस दिन सरसों के तेल का दान करना भी बहुत शुभ माना जाता है।
काले घोड़े की नाल का छल्ला
अगर आप शनि की साढ़े साती और ढैय्या से परेशान हैं तो शनि त्रयोदशी पर काले घोड़े की नाल से बने छल्ले को दाएं हाथ की मध्यमा अंगुली में पहन लें। इस छल्ले को शनि त्रयोदशी के दिन सूर्यास्त के समय ही धारण करें। जल्दी ही आपकी तमाम परेशानियों का अंत हो जाएगा।
नीले रंग का फूल और मंत्र जाप
शनि त्रयोदशी के दिन शनिदेव को नीले रंग का फूल अर्पित करें। इसके बाद रुद्राक्ष की माला लेकर ''ऊँ शं शनैश्चराय नमः'' मंत्र का जाप 108 बार करें। मंत्र जाप के बाद मन में शनि देव से अपनी परेशानियों को साझा करें। साढ़े साती और ढैय्या से जीवन में आ रही समस्याएं खुद-ब-खुद दूर हो जाएंगी।
चींटियों को भोजन और दान
शनि त्रयोदेशी के दिन के दिन आटा, चीनी और काले तिल को मिलाकर चींटियों को खिलाएं। इसके बाद काले तिल, काले कपड़े या लोहे का सामान गरीबों में दान करें। इससे शनि देव के दृष्टि दोष का प्रभाव कम हो जाएगा और आप पहले ज्यादा ऊर्जावान और खुशहाल महसूस करेंगे।
(डिस्क्लेमर : यह पाठ्य सामग्री आम धारणाओं और इंटरनेट पर मौजूद सामग्री के आधार पर लिखी गई है। टाइम्स नाउ नवभारत इसकी पुष्टि नहीं करता है।)
