Shaheed Diwas 2024 Wishes, Messages, Shayari, Quotes In Hindi: हर साल 23 मार्च को शहीद दिवस मनाया जाता है। यह दिन भगत सिंह, सुखदेव थापर और शिवराम राजगुरु के बलिदान को याद करने और सम्मान देने के लिए मनाया जाता है। भारत माता के इन तीनों सपूतों ने ब्रिटिश राज से देश की आजादी के लिए लड़ाई लड़ी और हंसते-हंसते अपने प्राण न्योछावर कर दिये। 23 मार्च 1931 को अंग्रेजी हुकूमत ने तीनों को फांसी पर लटका दिया था। आजादी के ये तीनों मतवाले मेरा रंग दे बसंती चोला गाते हुए इस दिन को अलविदा कह गए। वैसे तीनों की फांसी के लिए 24 मार्च की तारीख मुकर्रर हुई थी, लेकिन तीनों के लिए लोगों के दिलों में उठे तूफान से डरकर अंग्रेजों ने उन्हें गुपचुप तरीके से 23 मार्च को ही फांसी पर चढ़ा दिया।
भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु के बलिदानों को याद करते हुए हम भारत के लोग हर साल शहीद दिवस मनाते हैं। यह दिन आजाद भारत के लिए कई मायनों में खास है। इस खास दिन को आप और भी खास बना सकते हैं। शहीद दिवस के मौके पर आप अपनों को खूबसूरत संदेश भेज कर उनके दिल में भी देशभक्ति की भावना बढ़ा सकते हैं। शहीद दिवस पर हम आपको कुछ बधाई संदेश, शायरी और कोट्स बता रहे हैं जिन्हें आप इस्तेमाल कर सकते हैं।
शहीद दिवस 2024 विशेज (Shaheed Diwas 2024 Wishes)
1. चलो फिर से आज वो नजारा याद कर लें,
शहीदों के दिल में थी जो ज्वाला वो याद कर लें,
जिसमें बहकर आजादी पहुंची थी किनारे पे
देशभक्तों के खून की वो धारा याद कर लें।
शहीदों को नमन
2. कभी वतन के लिए सोच के देख लेना
कभी माँ के चरण चूम के देख लेना,
कितना मजा आता है मरने में यारो
कभी मुल्क के लिए मर के देख लेना।
शहीदों को नमन
3. अपनी आज़ादी को हम हरगिज
भुला सकते नहीं,
सर कटा सकते है लेकिन सर झुका सकते नहीं
देश के शहीदों को शत् शत् नमन।
भारत माता की जय
4. मुकम्मल है इबादत और मैं वतन ईमान रखता हूं
वतन की शान की खातिर हथेली पर जान रखता हूं
क्यों पढ़ते हो मेरी आंखो में नक्शा किसी और का
देशभक्त हूं दिल में हिंदुस्तान रखता हूं।
शहीद दिवस पर शहीदों को नमन
5. आओ झुक कर सलाम करे उनको
जिनके हिस्से मे ये मुकाम आता है
खुसनसीब होता है वो खून जो देश के काम आता है।
शहीद दिवस पर शहीदों को नमन
6. फांसी का फंदा भी फूलो से कम न था
वो भी डूब सकते थे इश्क में किसी के
पर वतन उनके लिए माशूक के प्यार से कम न था
शहीद दिवस पर शहीदों को नमन
7. सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है
देखना है ज़ोर कितना बाजुए कातिल में है।
इंक़लाब जिंदाबाद
