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Shaheed Diwas 2023 Quotes: शहीद दिवस आज, देशभक्ति से भरपूर इन मैसेज, स्टेट्स, कविताओं से करें शहीदों को नमन

  • Authored by: कुलदीप राघव
  • Updated Mar 23, 2023, 06:32 AM IST

Shaheed Diwas 2023 Quotes in Hindi: 23 मार्च का दिन भारत में शहीद दिवस के रूप में मनाया जाता है। 23 मार्च 1931 को महान क्रांतिकारी भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को फांसी दी गई थी। उनकी स्मृति में यह दिन मनाया जाता है। इस अवसर पर एक दूसरे को मैसेज, स्टेट्स, कविताएं भेजकर शहीदों को स्मरण करने का चलन है।

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Shaheed Diwas 2023 Quotes: शहीद दिवस आज, देशभक्ति से भरपूर इन मैसेज, स्टेट्स, कविताओं से करें शहीदों को नमन

Shaheed Diwas 2023 Quotes in Hindi, HD Images, Wallpaper, Poster: भारत में हर साल 23 मार्च को शहीद दिवस मनाया जाता है। यही वो काला दिन है जब महान क्रांतिकारी सुखेदव, भगत सिंह और राजगुरु को ब्रिटिश हुकूमत ने तय तारीख से पहले ही फांसी दे दी थी। तीनों की फांसी का दिन 24 मार्च तय था। मगर देश में जनाक्रोश को देखते हुए गुप-चुप तरीके से एक दिन पहले ही फांसी पर लटका दिया गया। लाहौर जेल में तीनों को फांसी पर लटकाया गया था। इन तीनों को वर्ष 1928 में ब्रिटिश पुलिस अधिकारी जॉन सॉन्डर्स की हत्या के आरोप में फांँसी पर लटका दिया गया था। 23 मार्च के अलावा 30 जनवरी को भी शहीद दिवस मनाया जाता है। इस दिन महात्मा गांधी और अन्य स्वतंत्रता सेनानियों को नमन कर उनके बलिदानों को याद किया जाता है। इस शहीद दिवस पर आप भी देशभक्ति से भरपूर इन मैसेज, फोटोज, कविताओं, कोट्स के जरिए शहीदों को नमन करें।

Shaheed Diwas 2023 Quotes in Hindi

कुछ नशा तिरंगे की आन का है,

कुछ नशा मातृभूमि की शान का है,

हम लहराएंगे हर जगह ये तिरंगा,

दे सलामी इस तिरंगे को जिस से तेरी शान हैं,

सर हमेशा ऊंचा रखना इसका जब तक दिल में जान हैं।।

मैं जला हुआ राख नहीं, अमर दीप हूं,

जो मिट गया वतन पर मैं वो शहीद हूं।।

शहीदों की चिताओं पर लगेंगे हर बरस मेले,

वतन पर मरनेवालों का यही बाक़ी निशां होगा।

आइए मिलकर लोकतंत्र का जश्न मनाएं

घर-घर तिरंगा लहराए

देश के प्रति सम्मान जताएं।।

फांसी का फंदा भी फूलों से कम न था

वो भी डूब सकते थे इश्क में किसी के

पर, वतन उनके लिए माशूक के प्यार से कम न था।।

Shaheed Diwas 2023 Status in Hindi

मुझे ना तन चाहिए, ना धन चाहिए

बस अमन से भरा यह वतन चाहिए

जब तक जिंदा रहूं, इस मातृभूमि के लिए

और जब मरूं तो तिरंगे का कफन चाहिए।

मुकम्मल है इबादत और मैं वतन ईमान रखता हूं

वतन की शान की खातिर हथेली पर जान रखता हूं

क्यों पढ़ते हो मेरी आंखों में नक्शा किसी और का

देशभक्त हूं दिल में हिंदुस्तान रखता हूं

शहीद दिवस पर शहीदों को नमन।।

Shaheed Diwas 2023 Poems in Hindi

शहीद दिवस पर कविताएं...

- कभी नहीं संघर्ष से,

इतिहास हमारा हारा,

बलिदान हुए जो वीर जवां,

उनको नमन हमारा है।

बिना मतलब के वीरों ने,

दुर्बल को नहीं मारा,

जो शहीद हुए सरहद पर,

उनको नमन हमारा है।

उनकी राहों पर हम इन्हें,

चलना सिखाएंगे,

उनकी गाथा को कल,

ये बच्चे गाएंगे।

पवित्र देश भारत जो,

जन-जन का है प्यारा,

जो बलिदान हुए जो वीर जवां,

उनको नमन हमारा है।

- वीर जवानों की शहादत पर गूंज रहा था सारा देश,

वही भगत सिंह थे, वही राजगुरु और वही थे सुखदेव।

भारत माता की आजादी की खातिर,

धरे थे न जाने उन्होंने कितने ही भेष

लहूलुहान हुई जा रही थी भूमि अपनी,

और बादलों में छाई हुई थी लालिमा।

आजादी-आजादी के स्वरों से गूंज रहा था सारा जहां,

इन वीर शहीदों की कुर्बानी से आंखें सबकी भर आई थी।

जब देश के खातिर उन्होंने अपनी कीमती जान गंवाई थी,

वो कल भी थे वो आज भी है अस्तित्व उनका अमर रहेगा।

कुर्बानियां कल भी होती थीं और ये सिलसिला यूं ही जारी रहेगा,

नमन है उनकी शहादत को, सर झुके है देख के उनका ज़ज्बा।

वीर जवानों की शहादत पर आज भी है, मेरा देश कुर्बान।

- भारत माता के लाल थे वे, आजादी की थी चाह बड़ी,

भारत माता की शान में बस, चल निकले मुश्किल राह बड़ी।

स्वाधीनता के दीवाने थे, गौरों का दम जो निकाला था,

नस-नस में थी आग दौड़ती, खुद को आँधी में पाला था।

इंकलाब की आग देश में, खुद जलकर भी लगाईं थी,

मूँद कर आँखें सोये थे जो, फोड़ कर बम यूँ जगाया था।

सच्चे सपूत थे भारत माँ के, अपना सुख-दुःख सब भूल गए,

माता की बेड़ी तोड़ने को हंसते-हंसते फांसी झूल गए।

वे बड़े अमर बलिदानी थे, फंदे को जिसने चूमा था,

मेरा रंग दे बसंती चोला पर मरते मरते भी झूमा था।

आदर्श बने लाखों युवा के नाम है जब तक है गगन,

सिंह भगत, सुखदेव, गुर है आपको शत-शत नमन।

- हुआ देश का तू दुलारा भगत सिंह,

झुके सर तेरे आगे हमारा भगत सिंह।

नौजवानों के हेतु हुए आप गांधी,

रहे राष्ट्र के एक गुवारा भगत सिंह।

किया काम बेशक है हिंसा का तुमने,

यही दोष है इक तुम्हारा भगत सिंह।

मगर देश हित के लिए जान दे दी,

बढ़ी शान तेरी हमारे दिलों में भगत सिंह।

तेरी देशभक्ति पे सब हैं न्योछावर,

अभय तेरा साहस है न्यारा भगत सिंह।

हुआ देश का तू दुलारा भगत सिंह,

झुके सर तेरे आगे हमारा भगत सिंह।

कुलदीप राघव
कुलदीप राघवauthor

कुलदीप राघव प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों से अधिक अनुभव का रखने वाले पत्रकार हैं। टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में वह एजुकेशन सेक्शन को लीड कर रहे हैं। एजुकेशन सेक्टर की गहरी समझ और लगातार फील्ड-ओरिएंटेड रिपोर्टिंग के कारण कुलदीप इस बीट के भरोसेमंद पत्रकारों में गिने जाते हैं। वे स्कूल और उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाएं, एडमिशन और काउंसलिंग प्रोसेस, स्कॉलरशिप, करियर गाइडेंस, जॉब अलर्ट, स्किल डेवलपमेंट और युवाओं से जुड़े सामाजिक-शैक्षणिक मुद्दों पर तथ्यात्मक और आसान भाषा में खबरें पब्लिश करते हैं। कुलदीप ने अब तक 18,000 से अधिक बाइलाइन स्टोरीज लिखी हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, विश्लेषण, डेटा आधारित रिपोर्ट्स और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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