Sciatica pain symptoms in hindi: आजकल कमर दर्द एक बहुत आम समस्या बन चुकी है। लंबे समय तक बैठकर काम करना, गलत पोस्टर में बैठना या भारी चीजें उठाना - इन सब कारणों से लोगों को अक्सर बैक पेन होने लगता है। ज्यादातर लोग इसे मामूली समझकर नजरअंदाज कर देते हैं या दर्द की दवा लेकर काम चला लेते हैं। लेकिन स्पाइन एक्सपर्ट्स के अनुसार कई बार यही साधारण सा लगने वाला कमर दर्द आगे चलकर साइटिका की समस्या का संकेत हो सकता है। अगर समय रहते इसके लक्षण पहचान लिए जाएं और इलाज शुरू कर दिया जाए, तो नसों को होने वाले गंभीर नुकसान से बचा जा सकता है। इसलिए यह समझना जरूरी है कि साइटिका क्या है, इसके शुरुआती संकेत क्या होते हैं और कब डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी हो जाता है।
क्या होता है साइटिका और क्यों होता है दर्द
साइटिका दरअसल शरीर की सबसे बड़ी नस “साइटिक नर्व” से जुड़ी समस्या है। यह नस कमर के निचले हिस्से से निकलकर कूल्हों और पैरों तक जाती है। जब किसी वजह से इस नस पर दबाव या जलन होती है, तो दर्द कमर से शुरू होकर कूल्हों और पैरों तक महसूस हो सकता है।
अक्सर यह समस्या स्लिप डिस्क, स्पाइन में बोन स्पर (हड्डी की बढ़त) या मांसपेशियों के ज्यादा टाइट होने की वजह से होती है। इन स्थितियों में नस दबने लगती है और दर्द धीरे-धीरे बढ़ सकता है।
साधारण बैक पेन से कैसे शुरू होता है साइटिका
स्पाइन विशेषज्ञ बताते हैं कि साइटिका कई बार अचानक नहीं बल्कि धीरे-धीरे शुरू होता है। शुरुआत में व्यक्ति को हल्का कमर दर्द महसूस होता है।
कुछ दिनों बाद यह दर्द कूल्हे या जांघ की तरफ जाने लगता है। कई लोगों को पैर में झनझनाहट, जलन या बिजली के झटके जैसा दर्द भी महसूस हो सकता है। अगर यह दर्द एक ही पैर में ज्यादा महसूस हो और बैठने, खांसने या ज्यादा देर बैठने पर बढ़ जाए, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
साइटिका के शुरुआती चेतावनी संकेत
साइटिका की पहचान उसके कुछ खास लक्षणों से की जा सकती है। जैसे कमर से पैर तक फैलने वाला दर्द, पैर या पंजे में सुन्नपन, झनझनाहट या मांसपेशियों में कमजोरी महसूस होना।
कई बार एक हिस्से में दर्द होता है जबकि दूसरे हिस्से में सुन्नपन महसूस हो सकता है। यह संकेत बताते हैं कि नस पर दबाव पड़ रहा है। अगर इन संकेतों को समय पर पहचान लिया जाए, तो इलाज आसान हो सकता है।
कब डॉक्टर को जरूर दिखाना चाहिए
अगर कमर दर्द एक हफ्ते से ज्यादा बना रहे, दर्द लगातार बढ़ता जाए या पैर तक फैलने लगे, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
इसके अलावा अगर अचानक पैर में कमजोरी आ जाए, सुन्नपन बढ़ जाए या चलने में परेशानी होने लगे तो तुरंत जांच करवानी चाहिए। गंभीर मामलों में पेशाब या मल पर नियंत्रण कम होना भी खतरे का संकेत हो सकता है और ऐसी स्थिति में तुरंत चिकित्सा सहायता लेना जरूरी है।
समय पर इलाज क्यों है जरूरी
विशेषज्ञों का कहना है कि साइटिका का समय पर इलाज बहुत जरूरी है। शुरुआती चरण में दवाइयों, फिजियोथेरेपी और लाइफस्टाइल में बदलाव से काफी राहत मिल सकती है।
लेकिन अगर इसे लंबे समय तक नजरअंदाज किया जाए, तो नस को स्थायी नुकसान पहुंच सकता है और दर्द क्रॉनिक यानी लंबे समय तक रहने वाला बन सकता है। इसलिए कमर दर्द को मामूली समझकर टालने की बजाय सही समय पर जांच करवाना बेहतर होता है।
