लाइफस्टाइल

Papaya Halwa: सावन व्रत में खाएं कच्चे पपीते का हलवा, फटाफट नोट कर लें ये आसान रेसिपी

Papaya Halwa Recipe (पपीते का हलवा कैसे बनता है): सावन में अगर आप व्रत करने वाली हैं तो आपके लिए हम हर रोज व्रत की रेसिपी लेकर आ रहे हैं। आज पपीते के हलवे की रेसिपी यहां दी गई है। इसे आप व्रत में भी आसानी से बनाकर खा सकते हैं।

Image

पपीता का हलवा कैसे बनता है? (Photo Source: Canva)

Papaya Halwa Recipe (पपीते का हलवा कैसे बनता है): कच्चा पपीता बड़े काम का होता है। अब तो सावन आ गया है। इस सावन आप कच्चे पपीते का हलवा घर पर बनाकर खा सकते हैं। ये स्वाद में भी काफी जबरदस्त लगता है। यहां देखें रेसिपी-

पपीते का हलवा बनाने की सामग्री-

  • पका हुआ पपीता – 2 कप (कद्दूकस किया हुआ)
  • चीनी – आधा कप
  • घी – 3 से 4 टेबलस्पून
  • इलायची पाउडर – आधा टीस्पून
  • दूध – आधा कप
  • ड्राई फ्रूट्स – काजू, बादाम, किशमिश

पपीते का हलवा बनाने की विधि-

  • पके हुए पपीते को छीलकर बीज निकाल लें और उसे कद्दूकस कर लें या मिक्सर में हल्का दरदरा पीस लें।
  • एक कढ़ाई में 1 टेबलस्पून घी गरम करें।
  • उसमें काजू, बादाम और किशमिश हल्के सुनहरे होने तक भून लें और अलग निकाल लें।
  • अब उसी कढ़ाई में बाकी घी डालें और पपीते का पेस्ट डालकर मध्यम आँच पर भूनें।
  • पपीता पकने लगे और उसका पानी सूखने लगे तो उसमें दूध डालें और मिलाएं।
  • दूध सूखने तक पकाएं।
  • अब उसमें चीनी डालें और अच्छे से मिलाएँ।
  • चीनी घुलते ही मिश्रण थोड़ा ढीला हो जाएगा, लेकिन पकाते रहें जब तक यह फिर से गाढ़ा न हो जाए।
  • अब इलायची पाउडर डालें।
  • हलवा तब तक पकाएँ जब तक वह कढ़ाई के किनारे छोड़ने लगे और हल्का चमकने लगे।
  • अब भुने हुए ड्राई फ्रूट्स डालें और मिला लें।
  • गरमा गरम पपीते का हलवा सर्व करें।
  • आप इसे फ्रिज में रखकर ठंडा भी खा सकते हैं – दोनों तरह से स्वादिष्ट लगता है।

अगर चाहें तो इसमें थोड़ा खोया या कंडेंस्ड मिल्क भी डाल सकते हैं। इससे इस हलवे का टेस्ट और भी बढ़ जाएगा।

Srishti
सृष्टिauthor

सृष्टि टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की फीचर डेस्क से जुड़ी कंटेंट राइटर हैं, जो मुख्य रूप से धर्म और लाइफस्टाइल सेक्शन के लिए लिखती हैं। सृष्टि को आध्यात्म, भारतीय संस्कृति और साहित्य में गहरी रुचि है। यही वजह है कि उनके लेखों में परंपरा, आस्था और जीवनशैली की सहज समझ खूबसूरती से दिखाई देती है। वह धार्मिक कथाओं, ग्रंथों से जुड़े विषयों, आध्यात्मिक ट्रेंड्स और समकालीन जीवनशैली पर 5,000 से अधिक लेख लिख चुकी हैं। मॉडर्न लाइफस्टाइल और पारंपरिक मूल्यों के बीच संतुलन बनाते हुए वह ऐसे कंटेंट गढ़ती हैं, जो प्रेरक होने के साथ-साथ जानकारीपूर्ण भी होता है।

और पढ़ें
End of Article