लाइफस्टाइल

Santa Banta Jokes In Hindi: कुंडली को लेकर संता ने पंडित से पूछा ऐसा सवाल, जवाब सुन पेट पकड़कर हसेंगे आप

Santa Banta Jokes In Hindi: आजकल की स्पिड वाली लाइफ में काम के स्ट्रेस ने हर किसी के चेहरे की हंसी छीन ली है। खुश रहना सबसे जरूरी है और उससे भी जरूरी है खुलकर हंसना। इससे मन और दिमाग स्वस्थ रहता है। इसलिए आज हम आपके लिए संता-बंता के कुछ मजेदार जोक्स लेकर आए हैं, जिन्हें पढ़कर आप भी खिलखिलाकर हंसने के लिए मजबूर हो ही जाएंगे।

Image

santa banta jokes in hindi for whatsapp

Santa Banta Jokes In Hindi: कहा जाता है हंसना सेहत के लिए सबसे अच्छी दवा है, लेकिन आज के दौर की बिजी और स्ट्रेसफुल लाइफ में हंसना-हंसाना भी काफी मुश्किल टास्क हो गया है। ऐसे में आप हंसने के लिए मजेदार जोक्स (Funny jokes) की मदद ले सकते हैं। आज हम आपके लिए लेकर आए हैं संता-बंता के मजेदार जोक्स, जिन्हें पढ़कर आप अपनी हंसी आसानी से नहीं रोक पाएंगे। तैयार हो जाइए हंस-हंस कर लोटपोट होने के लिए।

1) संता का बेटा बंटी ने बंता के बेटे पप्पू से पूछा- यार, तुमने स्कूल आना क्यों छोड़ दिया?

पप्पू- मेरे पापा कह रहे थे कि,

एक जगह बार-बार जाने से इज्जत कम हो जाती है।

2) साइकल से संता ने एक आदमी को टक्कर मार दी और बोला- आप बहुत लकी हो।

घायल व्यक्ति- ओए, एक तो मुझे टक्कर मारी और ऊपर से कह रहा है कि मैं लकी हूं, कैसे?

संता- आज मेरी छुट्टी है, नहीं तो मैं ट्रक चलाता हूं।

3) पत्नी (संता से)- मुझे एक कुत्ता खरीदना है।

संता- तुम्हें कुत्ता ही क्यों खरीदना है?

पत्नी- ताकि तुम्हारे ऑफिस जाने के बाद कोई तो मेरे आगे पीछे दुम हिलाने वाला हो।

4) संता- अगर तुम्हें गर्मी लगती है, तो क्या करते हो?

बंता- मैं कूलर के पास जाकर बैठ जाता हूं।

संता- अगर फिर भी गर्मी लगती है, तो क्या करते हो?

बंता- तो फिर मैं कूलर चालू कर लेता हूं।

5) संता अपने पड़ोसी दोस्त बंता से बोला, अबे आज सुबह तेरे कुत्ते ने मेरी किताब फाड़ दी।

बंता- मैं उसे अभी सजा देता हूं।

संता- रहने दे भाई, मैंने सजा दे दी है।

बंता- हैरानी से, कैसे?

संता- मैंने उसके कटोरे का दूध पी लिया।

6) संता ने बंता से पूछा- तुम्हारी बेटी की सगाई 2 साल पहले हुई थी, शादी क्यों नहीं की अब तक?

बंता ने कहा- यह सब लड़के की वजह से है। लडका एक वकील है,

तो जैसे ही शादी की तारीख पास आती है,

वह कोई ना कोई बहाना करके तारीख आगे बढ़ा देता है।

7) बंता एक दुकान पर अंडरवियर लेने गया।

दुकानदार ने बंता को अंडरवियर दिखाए।

बंता ने अंडरवियर का दाम पूछा,

दुकानदार बोला- दाम 600 रूपये है!

दाम सुनते ही बंता बोला,

भईया कोई पार्टीवियर नहीं लेना, घर में पहनने वाला दिखाओ।

8) एक दिन संता पंडित जी के पास गया।

पंडित - तुम्हारी कुंडली में धन ही धन लिखा है।

संता - वो तो सब ठीक है पंडित जी लेकिन ये तो बताइए इस धन को बैंक में कैसे ट्रांसफर करुं।

पंडित बेहोश!

9) बंता का पांव केले के छिलके पर पड़ा और वह फिसल कर गिर गया।

बंता उठा और फिर आगे चला,

अब दूसरे छिलके पर पांव पड़ा और फिर फिसल कर गिर गया।

बंता फिर उठा और थोड़ा आगे चला कि तीसरा छिलका दिख गया!

बंता रोते-रोते बोला, 'मर गया रे, अब फिर से फिसलना पड़ेगा'।

10) प्रोफेसर : अगर तुम्हें किसी को संतरा देना हो, तो क्या बोलोगे?

संता : ये संतरा तो...।

प्रोफेसर : नहीं... एक वकील की तरह बोलो...।

संता : मैं हेतराम पुत्र चेतराम निवासी शिकारपुरा, यू.पी. एतद् द्वारा, अपनी पूरी रुचि व होशो-हवास में और बिना किसी डर एवं दबाव में आए, इस फल, जो कि सन्तरा कहलाता है, और जिस पर मैं पूरा मालिकाना हक रखता हूं, को उसके छिलके, रस, गूदे और बीज सहित आपको देता हूं और इसके साथ ही आपको इस बात का सम्पूर्ण व बिना शर्त अधिकार भी देता हूं कि आप इसे काटने, छीलने, फ्रिज में रखने या खाने के लिए पूरी तरह स्वतंत्र है...।

आप यह अधिकार भी रखेंगे कि,

आप किसी भी अन्य व्यक्ति को यह फल,

इसके छिलके, रस, गूदे और बीज के बिना या उसके साथ दे सकते हैं।

मैं घोषणा करता हूं, कि

आज से पहले इस संतरे से सम्बन्धित किसी भी प्रकार के वाद-विवाद,

झगड़े की समस्त जिम्मेदारी मेरी है,

और आज के बाद मेरा किसी भी प्रकार से इस सन्तरे से कोई सम्बन्ध नहीं रह जाएगा...।

प्रोफेसर बेहोश..!!!

Srishti
सृष्टिauthor

सृष्टि टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की फीचर डेस्क से जुड़ी कंटेंट राइटर हैं, जो मुख्य रूप से धर्म और लाइफस्टाइल सेक्शन के लिए लिखती हैं। सृष्टि को आध्यात्म, भारतीय संस्कृति और साहित्य में गहरी रुचि है। यही वजह है कि उनके लेखों में परंपरा, आस्था और जीवनशैली की सहज समझ खूबसूरती से दिखाई देती है। वह धार्मिक कथाओं, ग्रंथों से जुड़े विषयों, आध्यात्मिक ट्रेंड्स और समकालीन जीवनशैली पर 5,000 से अधिक लेख लिख चुकी हैं। मॉडर्न लाइफस्टाइल और पारंपरिक मूल्यों के बीच संतुलन बनाते हुए वह ऐसे कंटेंट गढ़ती हैं, जो प्रेरक होने के साथ-साथ जानकारीपूर्ण भी होता है।

और पढ़ें
End of Article