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Rose Day 2025: कब मनाया जाता है रोज डे? क्या है इस दिन का इतिहास और गुलाब देने का महत्व

Rose Day History And Significance: फरवरी जाना जाता है बाकी महीनों से कम होने के लिए और वैलेंटाइन के लिए। वैलेंटाइन डे आने से पहले एक हफ्ते से कई प्रेम से जुड़े दिन मनाने शुरू कर दिए जाते हैं। आइए जानते हैं किसी खास को गुलाब का तोहफा देकर मनाए जाने वाले इस दिन के बारे में।

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Rose Day History And Significance In Hindi

Rose Day History And Significance: वैलेंटाइन वीक का पहला दिन रोज डे के तौर पर मनाया जाता है। प्रेमी इस दिन एक दूसरे को गुलाब देते हैं। रोज डे हर साल 7 फरवरी को मनाया जाता है लेकिन ये केवल प्रेमी जोड़ो तक सीमित नहीं है। ये दोस्तों और प्रियजनों के लिए भी होता है, इस दिन कई लोग खुद से प्रेम के प्रतीक के रूप में अपने लिए भी गुलाब खरीदते हैं। कुछ कपल्स इस दिन को खास बनाने के लिए गुलाब के साथ साथ कुछ गिफ्ट्स भी देते हैं। लेकिन क्या कभी आपने ये सोचा है कि हर साल 7 फरवरी को ही रोज डे क्यों मनाया जाता है। आइए जानते हैं इस दिन के बारे में।

रोज डे कब मनाया जाता है

रोज डे कपल्स के लिए बेहद खास होता है। क्योंकि, इस दिन उनको अपने प्यार का अलग अंदाज में इजहार करने का एक मौका मिलता हैं। बाजार और पॉप कल्चर ने इस दिन की अहमियत और भी बढ़ा दी है। फरवरी में पड़ने वाले वैलेंटाइन वीक की शुरुआत इसी दिन से होती है, यानी 7 फरवरी को। पूरा बाजार इस खास दिन रंग-बिरंगे गुलाबों से भरा रहता है।

रोज डे का इतिहास (History Of Rose Day)

अपने खास महक और रंगों के कारण गुलाब एशिया में भी खास माना जाता रहा है लेकिन रोज डे का इतिहास यूरोप से जुड़ा हुआ है, जहां गुलाब सदियों से प्रेम और सम्मान व्यक्त करने के लिए दिया जाता रहा है। प्रेम के प्रतीक के रूप में वैलेंटाइन डे की शुरुआत तो 14वीं सदी में हुई थी, जिसे संत वैलेंटाइन से जोड़ते हैं और रोज डे का इतिहास रोमन पौराणिक कथाओं की देवी वीनस से आता है। माना जाता है कि विक्टोरिया के समय के लोगों ने इस परंपरा को लोकप्रिय बनाया था, जिसमें प्रेम और सम्मान दिखाने के लिए गुलाब दिए जाते थे। इसकी एक कहानी और भी है, ऐसा माना जाता है कि रोज डे का इतिहास मुगल काल से भी जुड़ता है। कहते हैं कि बेगम नूरजहां को लाल गुलाब बहुत पसंद थे और जहांगीर अपनी बीवी को खुश करने के लिए हर दिन कई टन गुलाब भिजवाते थे। ये तो रही इतिहास की बात लेकिन किसी को भी किसी रंग का गुलाब नहीं दिया जा सकता है। इनके रंगों का भी बड़ा महत्व होता है।

गुलाब के रंगों का मतलब (Colours Of Roses)

गुलाब कई रंगों में के होते हैं और हर रंग की अपना एक खास मतलब होता है-

लाल गुलाब

लाल गुलाब गहरे प्यार और रोमांस का प्रतीक होता है। इन्हें अक्सर प्रेमी एक दूसरे को देते हैं। शादी की सालगिरह या किसी खास व्यक्ति को प्यार का इजहार करने के लिए यह होता है।

पीला गुलाब

पीला गुलाब दोस्ती और खुशी का प्रतीक होता है। वे दोस्तों और प्रिय लोगों को दिए जाते हैं, जो उनके प्रति आपका प्यार दिखाता है।

सफेद गुलाब

सफेद गुलाब मासूमियत और नई शुरुआत का प्रतीक है। ये फूल नए रिश्ते या जीवन के नए चैप्टर्स से जुड़े होते हैं, जो सच्ची भावनाओं को दिखाते करते हैं।

गुलाबी गुलाब

गुलाबी गुलाब आभार और सराहना का प्रतीक। ये दोस्तों, परिवार या किसी खास व्यक्ति को आपका साथ देने के लिए थैंक्यू कहने का एक तरीका हो सकता है।

नारंगी गुलाब

ऑरेंज गुलाब अट्रैक्शन और उत्साह का प्रतीक होता है। किसी को प्रेरित करने या उनकी उपलब्धियों की तारीफ करने के लिए यह एक गिफ्ट का एक अच्छा ऑप्शन है।

Medha Chawla
मेधा चावलाauthor

मेधा चावला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर एसोसिएट एडिटर हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन की लीड हैं। लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 20 वर्षों का अनुभव रखने वाली मेधा की विशेषज्ञता हेल्थ, वेलनेस, फिटनेस, मेंटल हेल्थ, डेली लाइफ इम्प्रूवमेंट, ह्यूमन-इंटरेस्ट फीचर्स और रिसर्च-बेस्ड स्टोरीज तक फैली है। उनकी लेखन शैली पाठकों को जटिल स्वास्थ्य और जीवनशैली संबंधी विषयों को आसान, समझने योग्य और व्यवहारिक रूप में प्रस्तुत करती है, जिससे उनका कंटेंट व्यापक पाठक समूह से जुड़ता है। अबतक 30,000 से अधिक कंटेंट पीस लिख चुकी मेधा की कई एक्सक्लूसिव स्टोरीज डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ट्रेंड सेट कर चुकी हैं।

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