Ram Navmi Sohar Geet Lyrics in Hindi: राम नवमी का त्यौहार मुख्य रूप से भगवान विष्णु के सातवें अवतार, श्री राम के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। यह त्यौहार चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को मनाया जाता है, जो अयोध्या में राजा दशरथ और रानी कौशल्या के पुत्र के रूप में राम के पृथ्वी पर अवतरण का प्रतीक है, जिनका उद्देश्य अधर्म का नाश और धर्म की स्थापना करना था।
ऐसी मान्यता है कि भगवान राम के जन्म पर अयोध्या में सोहर गाकर खुशी मनाई गई थी। इसी मान्यता के कारण आज भी यूपी बिहार के कई इलाकों में बच्चों के जन्म के जन्म पर सोहर गीत गाए जाते हैं। राम जन्म के समय गाए जाने वाले सोहर में माता कौशल्या की खुशी, दशरथ के महल में उत्सव और पूरे अवध के हर्षित होने का वर्णन होता है।
राम नवमी के मौके पर आइए पढ़ते हैं राम जन्म पर आधारित दो खूबसूरत से सोहर गीत:
1. दिनहि उगल अजोरिया ये लाल
दिनहि उगल अजोरिया ये लाल
रघुवंशी दशरथ के घर में
दिनहि उगल अजोरिया ये लाल
बाजे अवधवा में थरिया ये लाल
बाजे अवधवा में थरिया ये लाल
चैत मास नवमी के दिनवा
बाजे अवधवा में थरिया ये लाल
रघुवंशी दशरथ के घर में
दिनहि उगल अजोरिया ये लाल
ब्रह्मा संग सब देवन सब आये
इंद्र सुमन नभ से बरषाये
ब्रह्मा संग सब देवन सब आये
इंद्र सुमन नभ से बरषाये
रस रस डोले बयरिया ये लाल
रस रस डोले बयरिया ये लाल
महक गईल उजडल फुलवरिया
रस रस डोले बयरिया ये लाल
रघुवंशी दशरथ के घर में
दिनहि उगल अजोरिया ये लाल
कही भाट विरदावली गावे
पंडित मंगल मंत्र सुनावे
कही भाट विरदावली गावे
पंडित मंगल मंत्र सुनावे
सज सज गईल सगरी अटरिया ये लाल
सज सज गईल सगरी अटरिया ये लाल
गली गली सब सजल अवध में
सज सज गईल सगरी अटरिया ये लाल
रघुवंशी दशरथ के घर में
दिनहि उगल अजोरिया ये लाल
आज मुदित मन बैठे राजा
आज मुदित मन बैठे राजा
दुअरा बजे छमा छम बाजा
दुअरा बजे छमा छम बाजा
लागेला भारी पगड़िया ये लाल
लागेला भारी पगड़िया ये लाल
राजन के सिर पर बांधल साफा
लागेला भारी पगारिया ये लाल
2. घर घर बधाई बाजे रे देखो,
घर घर बधाई बाजे रे,
ढोलक नगाड़ा वाजे रे देखो,
ढोलक नगाड़ा वाजे रे
जन में अयोध्या में राम लला की,
माता कौशल्या खिलाये रे,
॥ घर घर बधाई बाजे रे देखो..॥
॥ जय श्री राम, जय श्री राम॥
सोने के पलना में झूले ललनवा,
चांदी की पहने पैजनियाँ,
झुन झुन बाजे पाओ में गुंगरु,
खुश है बड़ी सारी सखियाँ,
पीला पीताम्बर शोभा बडाये,
पहने कमर में कंधनियाँ,
॥ घर घर बधाई बाजे रे देखो..॥
॥ जय श्री राम, जय श्री राम॥
दसरथ के अंगना में ढोलक प्रभु जी,
भरत शत्रु लक्ष्मण जी,
माता सुमित्रा केकई कौशल्या,
गोदी खिलाये कभी चूमे जी,
संतो में महंतो को भोजन करवाए,
भर भर के दान लुटाये रे,
॥ घर घर बधाई बाजे रे देखो..॥
॥ जय श्री राम, जय श्री राम॥
विष्णु अवतारी राम जी हमार,
सबकी ही नैया तारे गे,
अब तो बचे ना पापी अधर्मी,
रावन को राम जी संहारे गये,
राम राम जो भोले की रीतू,
भव से ये पार उतारे गये,
घर घर बधाई बाजे रे देखो,
घर घर बधाई बाजे रे,
ढोलक नगाड़ा वाजे रे देखो,
ढोलक नगाड़ा वाजे रे
घर घर बधाई बाजे रे देखो,
घर घर बधाई बाजे रे,
ढोलक नगाड़ा वाजे रे देखो,
ढोलक नगाड़ा वाजे रे
