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Raghupati Raghav Raja Ram Lyrics: रामनवमी पर देखें रघुपति राघव राजा राम ओरिजिनल लिरिक्स, यहां देखें पतित पावन सीता राम के लिरिक्स हिंदी में

Raghupati Raghav Raja Ram Lyrics in Hindi (रघुपति राघव राजा राम पतित पावन सीता राम): रघुपति राघव राजा राम की रचना को लेकर कई तरह के दावे किये जाते हैं। कुछ लोगों का मानना है कि मराठी संत स्वामी रामदास ने 17वीं सदी में इसकी रचना की थी। वहीं कुछ लोग मानते हैं कि भक्ति साहित्य के प्रतिष्ठित नाम पंडित लक्ष्मणाचार्य ने यह राम धुन लिखी थी।

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रघुपति राघव राजा राम लिरिक्स हिंदी में

Raghupati Raghav Raja Ram Lyrics In Hindi: आज रामनवमी का त्योहार देशभर में पूरे हर्ष और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। हर साल चैत्र मास की नवमी को मनाए जाने वाले इस पर्व पर राम भक्तों में गजब का जोश दिखाई देता है। सुबह से ही राम मंदिरों की लंबी कतारें इस बात की तस्दीक भी करती है। राम नवमी के शुभ अवसर पर भक्त भगवान राम की पूरे विधि विधान से पूजा अर्चना करते हैं। हिंदू धार्मिक ग्रंथों के मुताबिक त्रेता युग में आज के ही दिन भगवान राम का जन्म हुआ था। भगवान राम के बहुत से भजन ऐसे हैं जिनका सिमरन भक्त अपने आराध्य के नमन के लिए करते हैं। हालांकि भगवान राम का सबसे लोकप्रिय भजन है- रघुपति राघव राजा राम। यहां देखें रघुपति राघव राजा राम के लिरिक्स हिंदी में :

Raghupati Raghav Raja Ram lyrics Original

रघुपति राघव राजाराम

पतित पावन सीताराम ॥

सुंदर विग्रह मेघश्याम

गंगा तुलसी शालग्राम ॥

रघुपति राघव राजाराम

पतित पावन सीताराम ॥

भद्रगिरीश्वर सीताराम

भगत-जनप्रिय सीताराम ॥

रघुपति राघव राजाराम

पतित पावन सीताराम ॥

जानकीरमणा सीताराम

जयजय राघव सीताराम ॥

रघुपति राघव राजाराम

पतित पावन सीताराम ॥

रघुपति राघव राजाराम

पतित पावन सीताराम ॥

रघुपति राघव राजा राम pdf

Raghupati Raghav Raja Ram Lyrics

रघुपति राघव राजा राम

किसने लिखा था रघुपति राघव राजा राम

रघुपति राघव राजा राम की रचना को लेकर कई तरह के दावे किये जाते हैं। कुछ लोगों का मानना है कि मराठी संत स्वामी रामदास ने 17वीं सदी में इसकी रचना की थी। वहीं कुछ लोग मानते हैं कि भक्ति साहित्य के प्रतिष्ठित नाम पंडित लक्ष्मणाचार्य ने यह राम धुन लिखी थी।

क्या तुलसीदास ने रचा था रघुपति राघव राजा राम

एक मत यह भी है कि यह भजन गोस्वामी तुलसीदास का है। इस बात का दावा करने वाले कहते हैं कि तुलसीदास एक बार गुजरात के डाकोर स्थित विष्णु मंदिर पहुंचे। मंदिर में भगवान की प्रतिमा के सामने खड़े होकर तुलसीदास प्रार्थना करने लगे कि उन्हें नारायण के दर्शन श्रीराम के रूप में हों। कहा जाता है कि जब तक उन्हें श्रीराम के दर्शन नहीं हुए, वह इसी राम धुन को गाते रहे।

Suneet Singh
सुनीत सिंहauthor

सुनीत सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में डिप्टी न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन में स्पेशल स्टोरीज प्रोजेक्ट का नेतृत्व कर रहे हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों के अनुभव के साथ, सुनीत उन बहुमुखी पत्रकारों में शामिल हैं जिन्होंने न्यूजरूम और फील्ड—दोनों मोर्चों पर खुद को साबित किया है। माइक, कैमरा और एडिटिंग डेस्क तीनों से उनकी सहज जुगलबंदी ने उन्हें एक संतुलित और विश्वसनीय मीडिया प्रोफेशनल के रूप में स्थापित किया है। पिछले 10 वर्षों से सुनीत लाइफस्टाइल, लिटरेचर, सिनेमा और संस्कृति से जुड़ी गहन व विश्लेषणात्मक स्टोरीज लिखते रहे हैं और अबतक 12,000 से अधिक आर्टिकल पब्लिश कर चुके हैं। उनकी लेखन शैली गहराई, मौलिक दृष्टिकोण और रिसर्च-आधारित प्रस्तुति से पहचानी जाती है। वे विषयों की बारीकियों को पकड़कर उन्हें सरल, प्रभावी और पाठकों से जुड़ने वाली भाषा में ढालने में दक्ष हैं।

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