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हम बुलबुले हैं इसके, ये गुलिस्तां हमारा.., गणतंत्र दिवस पर देखें देशभक्ति शायरी हिंदी में

देशभक्ति पर देश दुनिया के तमाम शायरों ने एक से बढ़कर एक बेहतरीन नगमें लिखे हैं। आइए पढ़ते हैं देशभक्ति और वतन से इश्क के ऐहसास से भरे कुछ बेहतरीन शेर। गणतंत्र दिवस (Republic Day 2025) के मौके पर इन शायरियों को आप अपना फेसबुक या फिर व्हाट्सएप स्टेटस बना सकते हैं।

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Patriotic Shayari for Republic Day ( Deshbhakti Shayari in Hindi)

26 जनवरी यानी गणतंत्र दिवस हर हिंदुस्तानी के लिए गौरव का प्रतीक है। इस दिन हम अपने वतन की आजादी के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले रणबांकुरों को भी नमन करते हैं। देश के इन सच्चे सपूतों में हंसते-हंसते मादर-ए-वतन के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिये थे। दरअसल देशभक्ति ऐसा जज्बा है कि फिर किसी को कुछ सूझता ही नहीं है। देशभक्ति पर देश दुनिया के तमाम शायरों ने एक से बढ़कर एक बेहतरीन नगमें लिखे हैं। आइए पढ़ते हैं देशभक्ति और वतन से इश्क के ऐहसास से भरे कुछ बेहतरीन शेर:

1. वतन के जाँ-निसार हैं वतन के काम आएँगे

हम इस ज़मीं को एक रोज़ आसमाँ बनाएँगे

- जाफ़र मलीहाबादी

2. इसी जगह इसी दिन तो हुआ था ये एलान

अँधेरे हार गए ज़िंदाबाद हिन्दोस्तान

- जावेद अख़्तर

3. दिल से निकलेगी न मर कर भी वतन की उल्फ़त

मेरी मिट्टी से भी ख़ुशबू-ए-वफ़ा आएगी

- लाल चन्द फ़लक

4. सारे जहाँ से अच्छा हिन्दोस्ताँ हमारा

हम बुलबुलें हैं इस की ये गुलसिताँ हमारा

- अल्लामा इक़बाल

5. लहू वतन के शहीदों का रंग लाया है

उछल रहा है ज़माने में नाम-ए-आज़ादी

- फ़िराक़ गोरखपुरी

6. वतन की ख़ाक से मर कर भी हम को उन्स बाक़ी है

मज़ा दामान-ए-मादर का है इस मिट्टी के दामन में

- चकबस्त बृज नारायण

7. वतन की रेत ज़रा एड़ियाँ रगड़ने दे

मुझे यक़ीं है कि पानी यहीं से निकलेगा

- मुज़फ़्फ़र वारसी

8. किस काम के हैं ये दीन-धर्म जो शर्म का दामन चाक करें

किस तरह के हैं ये देश-भगत जो बस्ते घरों को ख़ाक करें

- साहिर लुधियानवी

9. ये कह रही है इशारों में गर्दिश-ए-गर्दूं

कि जल्द हम कोई सख़्त इंक़लाब देखेंगे

- अहमक़ फफूँदवी

10. उस मुल्क की सरहद को कोई छू नहीं सकता

जिस मुल्क की सरहद की निगहबान हैं आँखें

- अज्ञात

11. हम भी तिरे बेटे हैं ज़रा देख हमें भी

ऐ ख़ाक-ए-वतन तुझ से शिकायत नहीं करते

- खुर्शीद अकबर

12. नाम ले कर देश-भक्ति का जो ख़ूँ-रेज़ी करे

कैसी साज़िश कैसी नफ़रत उस दिल-ए-क़ातिल में है

- अख़्तर हुसैन शाफ़ी

13. दुख में सुख में हर हालत में भारत दिल का सहारा है

भारत प्यारा देश हमारा सब देशों से प्यारा है

- हामिदुल्लाह अफ़सर

14. नाक़ूस से ग़रज़ है न मतलब अज़ाँ से है

मुझ को अगर है इश्क़ तो हिन्दोस्ताँ से है

- ज़फ़र अली ख़ाँ

15. दिलों में हुब्ब-ए-वतन है अगर तो एक रहो

निखारना ये चमन है अगर तो एक रहो

- जाफ़र मलीहाबादी

16. भारत के ऐ सपूतो हिम्मत दिखाए जाओ

दुनिया के दिल पे अपना सिक्का बिठाए जाओ

- लाल चन्द फ़लक

17. है मोहब्बत इस वतन से अपनी मिट्टी से हमें

इस लिए अपना करेंगे जान-ओ-तन क़ुर्बान हम

- अज्ञात

18. ज़मीं पर घर बनाया है मगर जन्नत में रहते हैं

हमारी ख़ुश-नसीबी है कि हम भारत में रहते हैं

- महशर आफ़रीदी

19. मैं ने आँखों में जला रखा है आज़ादी का तेल

मत अंधेरों से डरा रख कि मैं जो हूँ सो हूँ

- अनीस अंसारी

20. बे-ज़ार हैं जो जज़्बा-ए-हुब्ब-उल-वतनी से

वो लोग किसी से भी मोहब्बत नहीं करते

- अज्ञात

21. कारवाँ जिन का लुटा राह में आज़ादी की

क़ौम का मुल्क का उन दर्द के मारों को सलाम

- बनो ताहिरा सईद

उम्मीद है देशप्रेम की चाशनी में डूबे मशहूर शायरों के ये जबरदस्त शेर आपको जरूर पसंद आए होंगे। गणतंत्र दिवस के मौके पर इन शायरियों को आप अपना फेसबुक या फिर व्हाट्सएप स्टेटस बना सकते हैं।

Suneet Singh
सुनीत सिंहauthor

सुनीत सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में डिप्टी न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन में स्पेशल स्टोरीज प्रोजेक्ट का नेतृत्व कर रहे हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों के अनुभव के साथ, सुनीत उन बहुमुखी पत्रकारों में शामिल हैं जिन्होंने न्यूजरूम और फील्ड—दोनों मोर्चों पर खुद को साबित किया है। माइक, कैमरा और एडिटिंग डेस्क तीनों से उनकी सहज जुगलबंदी ने उन्हें एक संतुलित और विश्वसनीय मीडिया प्रोफेशनल के रूप में स्थापित किया है। पिछले 10 वर्षों से सुनीत लाइफस्टाइल, लिटरेचर, सिनेमा और संस्कृति से जुड़ी गहन व विश्लेषणात्मक स्टोरीज लिखते रहे हैं और अबतक 12,000 से अधिक आर्टिकल पब्लिश कर चुके हैं। उनकी लेखन शैली गहराई, मौलिक दृष्टिकोण और रिसर्च-आधारित प्रस्तुति से पहचानी जाती है। वे विषयों की बारीकियों को पकड़कर उन्हें सरल, प्रभावी और पाठकों से जुड़ने वाली भाषा में ढालने में दक्ष हैं।

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