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खामोश वादियों में आज भी गूंज है, Pahalgam Attack को एक साल, पहलगाम हमले की बरसी पर 10 भावुक शायरी

पहलगाम अटैक की बरसी पर ये 10 भावुक शायरियां उन वीरों और मासूमों को श्रद्धांजलि देती हैं, जिन्होंने अपनी जान गंवाई। यहां पढ़ें पहलगाम आतंकी हमले पर लिखी 10 भावपूर्ण शायरी, जिन्हें आप स्टेटस पर लगाकर नमन कर सकते हैं।

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Pahalgam Attack Anniversary shayari in hindi

जम्मू-कश्मीर की वादियों में बसा Pahalgam अपनी खूबसूरती के लिए जाना जाता है। लेकिन जब भी किसी आतंकी हमले की यादें सामने आती हैं, तो वही वादियां दर्द और शोक से भर उठती हैं। आज 22 अप्रैल को पहलगाम हमले की बरसी हमें उन मासूम लोगों और बहादुर जवानों की याद दिलाती है, जिन्होंने अपनी जान गंवाई। आज ही के दिन एक साल पहले जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोग मारे गए थे।

यह दिन केवल शोक मनाने का नहीं, बल्कि एकजुटता, शांति और मानवता के लिए खड़े होने का भी है। इस मौके पर लोग अपने भाव शब्दों, कविताओं और शायरी के जरिए व्यक्त करते हैं। शायरी दिल की गहराइयों से निकले जज्बातों को व्यक्त करने का सबसे खूबसूरत माध्यम है। आइए इस अवसर पर पढ़ते हैं कुछ मार्मिक और दिल छू लेने वाली शायरियां, जो श्रद्धांजलि के रूप में उन सभी को समर्पित हैं।

पहलगाम आतंकी हमले की बरसी पर शायरी

1.

दर्द आज भी कम नहीं हुआ,

वो मंजर दिल से गया नहीं,

जो खो गए उस हमले में,

उनका कर्ज हम चुका पाए नहीं।

2.

वो चले गए मगर कहानी छोड़ गए,

हर दिल में अपनी निशानी छोड़ गए,

देश के लिए जो जान लुटा गए,

वो अमर होकर नाम छोड़ गए।

3.

आंखों में आंसू, दिल में गर्व लिए,

हम आज भी उन्हें याद करते हैं,

जो वतन की रक्षा में खो गए,

उनको हर दिन सलाम करते हैं।

Pahalgam Attack Anniversary Shayari in Hindi

4.

नफरत की आग में जो जल गए,

वो मासूम आज भी याद आते हैं,

उनकी याद में झुकता है सिर,

हम हर पल उन्हें नमन करते हैं।

5.

वो खामोश हैं, पर कहानी बोलती है,

हर आंसू में उनकी याद झलकती है,

जो देश के लिए कुर्बान हो गए,

उनकी शहादत हमेशा अमर रहती है।

6.

हर धड़कन में उनका नाम रहेगा,

हर दिल में उनका स्थान रहेगा,

जो इस मिट्टी के लिए मिट गए,

उनका एहसान सदा याद रहेगा।

Pahalgam Terror Attack 22 April

7.

वादियों में अब भी सन्नाटा है,

हर चेहरा आज भी सहमा सा है,

उस दिन की यादें मिटती नहीं,

दिल में दर्द अब भी जिंदा सा है

8.

जो लौटकर घर नहीं आए,

उनकी राहें आज भी देखती हैं,

मां की आंखें नम हो जाती हैं,

जब यादें फिर से बोलती हैं।

पहलगाम आतंकी हमले पर शायरी

9.

खामोश वादियों में आज भी गूंज है,

उनकी शहादत की हर एक धुन,

जो हंसकर देश के लिए मिट गए,

वो आज भी हमारे दिलों में जिंदा हैं।

10.

शांति की राह पर चलना है,

उनकी कुर्बानी को याद रखना है,

जो खो गए उस काली घड़ी में,

उन्हें दिल से हमेशा सलाम करना है।

Avni Bagrola
अवनी बागरोलाauthor

अवनी बागरोला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के लाइफस्टाइल सेक्शन में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं। फैशन, ब्यूटी, ट्रेंड्स, पर्सनल स्टाइलिंग और आधुनिक जीवनशैली से जुड़े कंटेंट पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें युवा और स्टाइल-सेवी ऑडियंस के बीच खास पहचान दिलाती है। अवनी की लेखन शैली सरल, ट्रेंडी और यूज़र-फ्रेंडली है, जो पाठकों को तेजी से बदलते फैशन व लाइफस्टाइल ट्रेंड्स को समझने में मदद करती है। अब तक 2,500 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुकी अवनी क्रिएटिव अप्रोच, अपडेटेड नॉलेज और रियल-टाइम ट्रेंड सेंस के लिए जानी जाती हैं।

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