National Youth Day 2025 Shayari in Hindi, Shayari on Youth (युवा शायरी): इस धरती पर हर समय काल में किसी ना किसी ऐसे शख्स ने जन्म लिया है जिसने लोगों में नई जागृति पैदा की। ऐसा ही हुआ था 12 जनवरी 1863 को। इस तारीख को हिंदुस्तान के कोलकाता में जन्म लिया था स्वामी विवेकानंद ने। स्वामी विवेकानंद ने युवाओं को जीने की नई राह दिखाई। इसी कारण से उनकी जयंती पर प्रत्येक वर्ष राष्ट्रीय युवा दिवस मनाया जाता है। युवा वो होते हैं सही दिशा में चलें तो हवाओं का रुख बदल सकते हैं। युवाओं पर बहुत कुछ लिखा औऱ कहा गया है। देश दुनिया के तमाम शायरों ने भी युवाओं के हौसलों पर कई बेहतरीन शेर लिखे हैं। आइए डालते हैं एक नजर उन्हीं में से कुछ चुनिंदा शेरों पर:
National Youth Day 2025 Shayari (राष्ट्रीय युवा दिवस शायरी) | Yuva Shayari in hindi 2 line | Shayari on Youth
1. हज़ार बर्क़ गिरे लाख आंधियां उट्ठें
वो फूल खिल के रहेंगे जो खिलने वाले हैं
- साहिर लुधियानवी
2. हार हो जाती है जब मान लिया जाता है
जीत तब होती है जब ठान लिया जाता है
- शकील आज़मी
3. जो तूफ़ानों में पलते जा रहे हैं
वही दुनिया बदलते जा रहे हैं
- जिगर मुरादाबादी
4. उसे गुमां है कि मेरी उड़ान कुछ कम है
मुझे यक़ीं है कि ये आसमान कुछ कम है
- नफ़स अम्बालवी
5. अपना ज़माना आप बनाते हैं अहल-ए-दिल
हम वो नहीं कि जिन को ज़माना बना गया
- जिगर मुरादाबादी
6. जलाने वाले जलाते ही हैं चराग़ आख़िर
ये क्या कहा कि हवा तेज़ है ज़माने की
- जमील मज़हरी
7. वक़्त आने दे दिखा देंगे तुझे ऐ आसमाँ
हम अभी से क्यूँ बताएँ क्या हमारे दिल में है
- बिस्मिल अज़ीमाबादी
8. देख ज़िंदां से परे रंग-ए-चमन जोश-ए-बहार
रक़्स करना है तो फिर पांव की ज़ंजीर न देख
- मजरूह सुल्तानपुरी
9. सफ़र में अब के अजब तजरबा निकल आया
भटक गया तो नया रास्ता निकल आया
- राजेश रेड्डी
10. तू शाहीं है परवाज़ है काम तेरा
तिरे सामने आसमाँ और भी हैं
- अल्लामा इक़बाल
11. जो तूफ़ानों में पलते जा रहे हैं
वही दुनिया बदलते जा रहे हैं
- जिगर मुरादाबादी
12. सूरमा जिस के किनारों से पलट आते हैं
मैं ने कश्ती को उतारा है उसी पानी में
- सरवत हुसैन
13. सदा एक ही रुख़ नहीं नाव चलती
चलो तुम उधर को हवा हो जिधर की
- अल्ताफ़ हुसैन हाली
14. गो आबले हैं पांव में फिर भी ऐ रहरवो
मंज़िल की जुस्तुजू है तो जारी रहे सफ़र
- नूर क़ुरैशी
15. कैसे आकाश में सुराख़ नहीं हो सकता
एक पत्थर तो तबीअत से उछालो यारो
- दुष्यंत कुमार
16. बारे दुनिया में रहो ग़म-ज़दा या शाद रहो
ऐसा कुछ कर के चलो याँ कि बहुत याद रहो
- मीर तक़ी मीर
17. हम को मिटा सके ये ज़माने में दम नहीं
हम से ज़माना ख़ुद है ज़माने से हम नहीं
- जिगर मुरादाबादी
18. हयात ले के चलो कायनात ले के चलो
चलो तो सारे ज़माने को साथ ले के चलो
- मख़दूम मुहिउद्दीन
19. सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है
देखना है ज़ोर कितना बाज़ू-ए-क़ातिल में है
- बिस्मिल अज़ीमाबादी
20. नहीं तेरा नशेमन क़स्र-ए-सुल्तानी के गुम्बद पर
तू शाहीं है बसेरा कर पहाड़ों की चटानों में
- अल्लामा इक़बाल
21. लोग कहते हैं बदलता है ज़माना सब को
मर्द वो हैं जो ज़माने को बदल देते हैं
- अकबर इलाहाबादी
बता दें कि बता दें कि राष्ट्रीय युवा दिवस मनाने की पहल भारत सरकार ने साल 1984 में की थी। इस खास दिन करोड़ों युवा स्वामी विवेकानन्द की जीवन से प्रेरणा लेने का काम करते हैं। देशभर में इस दिन कई तरह के कार्यक्रम भी आयोजित किये जाते हैं।
