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Jana Gana Mana National Anthem Lyrics in Hindi: भारत का राष्ट्रगान है जन गण मन अधिनायक, यहां पढ़ें पूरा लिरिक्स हिंदी में

Jana Gana Mana National Anthem Lyrics in Hindi, (जन गण-मन लिखा हुआ) Jana Gana Mana adhinayak jai hai, जन गण मन Full Lyrics in hindi english both pdf for Republic Day (Gantantra diwas 2025) Special: जन गण मन अधिनायक जय हे... ये हमारे देश भारत का राष्ट्रगान है, जिसकी गूंज आज हर गली-मोहल्ले में सुुनाई दे रही है। अगर आपको भारत के राष्ट्रगान के बोल नहीं याद हैं तो आप यहां देखें पूरे लिरिक्स हिंदी में।

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Jana Gana Mana National Anthem Lyrics in Hindi, जन गण-मन लिखा हुआ: राष्ट्रगान जन गण मन आजाद भारत की शान है।रबिन्द्रनाथ टैगोर द्वारा लिखित जन गण मन को सन् 1950 में भारतीय संविधान में राष्ट्रगान का दर्जा मिला। तबसे ही स्वतंत्रता दिवस, गणतंत्र दिवस से लेकर वीर जवानों की शहादत के दौरान भी इसे बजाया जाता है। हर भारतीय को जन गण मन याद ही होना चाहिए। अगर आपको इसके बोल नहीं याद हैं तो आप यहां से जन गण मन के लिरिक्स देख सकते हैं।

National Anthem lyrics in hindi, national anthem of india in hindi (राष्ट्रगान इन ह‍िंंदी)-

जन गण मन अधिनायक जय हे

भारत भाग्य विधाता।

पंजाब सिन्ध गुजरात मराठा

द्रविड़ उत्कल बंग।

विंध्य हिमाचल यमुना गंगा

उच्छल जलधि तरंग।

तव शुभ नामे जागे

तव शुभ आशीष मागे।

गाहे तव जयगाथा।

जन गण मंगलदायक जय हे

भारत भाग्य विधाता।

जय हे, जय हे, जय हे

जय जय जय जय हे॥

राष्ट्रगान गाते समय रखें इन बातों का ध्यान-

राष्ट्रगान का उच्चारण एकदम सही हो और इसे 52 सेकेंड की अवधि में ही गाया जाना चाहिए। इतना ही नहीं, इसके संक्षिप्त रूप को 20 सेकेंड में गाया जाना चाहिए। ध्यान दें कि हमेशा जब भी राष्ट्रगान गाया या बजाया जा रहा हो तब सावधान मुद्रा में ही खड़े रहें। बार बार हिले या बैठे नहीं। किसी भी भारतीय को राष्ट्रगान के लिए कभी भी अशोभनीय शब्दों का इस्तेमाल नही करना चाहिए। राष्ट्रगान जब गाया जा रहा हो तब किसी को परेशान नहीं करना चाहिए। साथ ही राष्ट्रगान बज रहा हो तो अशांति, शोर या दूसरे फिल्मी गाने, भजन और संगीत की आवाज नही करनी चाहिए।

Srishti
सृष्टिauthor

सृष्टि टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की फीचर डेस्क से जुड़ी कंटेंट राइटर हैं, जो मुख्य रूप से धर्म और लाइफस्टाइल सेक्शन के लिए लिखती हैं। सृष्टि को आध्यात्म, भारतीय संस्कृति और साहित्य में गहरी रुचि है। यही वजह है कि उनके लेखों में परंपरा, आस्था और जीवनशैली की सहज समझ खूबसूरती से दिखाई देती है। वह धार्मिक कथाओं, ग्रंथों से जुड़े विषयों, आध्यात्मिक ट्रेंड्स और समकालीन जीवनशैली पर 5,000 से अधिक लेख लिख चुकी हैं। मॉडर्न लाइफस्टाइल और पारंपरिक मूल्यों के बीच संतुलन बनाते हुए वह ऐसे कंटेंट गढ़ती हैं, जो प्रेरक होने के साथ-साथ जानकारीपूर्ण भी होता है।

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