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Motilal Nehru Birth Anniversary: हज़ारों के कपड़े, घड़ी पहन शानोशौकत से रहते थे नेहरू जी के पिता, जानें उनके ठाठ-बाट से जुड़े दिलचस्प किस्से

  • Authored by: अवनी बागरोला
  • Updated May 6, 2023, 10:59 AM IST

Motilal Nehru Birth Anniversary: भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के पिता मोतिलाल की लग्जरी वाली लाइफस्टाइल के चर्चे सालों से सुर्खियों में रहे हैं। कहा जाता है कि, वे लंदन में सिले तो यूरोप से धुलकर आए कपड़े पहननते थे। यहां देखें मोतिलाल नेहरू के जीवन और ठाठ बाट वाली जिंदगी से जुड़े कुछ बहुत ही दिलचस्प किस्से।

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(File Photo - TOI) Motilal Nehru birth anniversary interesting facts about Jawaharlal Nehru's father's luxurious life in Hindi

Motilal Nehru Birth Anniversary: आज के दिन को भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू (Jawaharlal Nehru) के पिता और ब्रिटिश शासन काल में देश के सबसे बड़े तथा महंगे वकीलों की लिस्ट में शामिल रहे श्री मोतिलाल नेहरू (Motilal Nehru) की जन्म जयंती के रूप में मनाया जाता है। वकील होने के साथ साथ वे कांग्रेस (Congress) के पूर्व अध्यक्ष और प्रसिद्ध नेता भी थे। मोटी फीस वसूलने वाले मोतिलाल नेहरू और पूरे नेहरू खानदान की लग्जरी और धनधौलत से (Nehru Family lifestyle) भरी लाइफस्टाइल से जुड़ी कहानियां अक्सर सुर्खियों में छाई रहती हैं।

Nehru Family

Nehru Family

कहा जाता है कि 1900 के दशक में बार बार यूरोप जाना, महंगे से महंगे कपड़े, लग्जरी घड़ियां, (Luxurious lifestyle of Nehru) जूते पहनना और गाड़ियों में घूमना उनके लिए बहुत ही मामुली बात थी। अंग्रेजी हुकुमत के प्रिवी काउंसिल में केस लड़ने की उस ज़माने में किसी को इजाज़त नहीं होती थी, हालांकि मोतिलाल नेहरू उन (Motilal Nehru Lifestyle) चंद लोगों की लिस्ट में शामिल जिनके मुकदमे पेश करने तथा बोल-चाल के ढंग से ब्रिटिश जज भी अत्यधिक प्रभावित थे। यहां देखें मोतिलाल नेहरू के शानोशौकत वाले जीवन से जुड़ी कुछ बहुत ही दिलचस्प बातें -

Interesting Facts about Nehru family Luxurious Lifestyle, मोतिलाल नेहरू के जीवन से जुड़ी दिलचस्प बातें

जवाहरलाल नेहरू समेत पूरे नेहरू खानदान का रहन सहन, शौक और शानो-शौकत वाली जिंदगी के बारे में कई कई बार बहुत सी दिलचस्प बातें कही गई है। अक्सर कहा जाता है कि, नेहरू खानदान के लिए उस दौर में विदेश जाना, अपने रईस शौक पूरे करना बहुत ही आम बात थी। देखें मोतिलाल नेहरू के लग्जरी जीवन से जुड़ी खास बातें -

  • बचपन में ही पिता को खो देने वाले मोतिलाल को उनके बड़े भाई और उस वक्त आगरा हाईकोर्ट में वकील रहे नंदलाल नेहरू ने बड़े लाड-प्यार से पाला था। नंदलाल की गिनती भी देश के मंहगे एवं बड़े वकीलों में होती थी, जो आगरा से इलाहाबाद शिफ्ट होकर हर केस की बहुत मोटी फीस वसूलते थे।
  • भाई की बेहतरीन कमाई से ही मोतिलाल नेहरू जवानी में विदेश पढ़ने गए थे। उन्होंने देश के बढ़िया कॉलेज से डिग्री लेकर कानून की पढ़ाई करने के लिए कैंब्रिज यूनिवर्सिटी जाने का फैसला किया था। भारत लौटकर मोतिलाल बहुत बड़े और खास रुतबा रखने वाले बैरिस्टर बने, जिनकी गिनती देश के सबसे प्रभावी लोगों में होने लगी।
  • गहरे प्रभाव और कला के धनी मोतिलाल को सबसे पहले केस के लिए पांच रुपये मिले थे और उसके बाद से ही उनकी किस्मत ऐसी पलटी की एक एक केस के लिए उन्हें बहुत मोटी रकम मिलने लगी, जो हज़ारों में थी।
  • मोतिलाल नेहरू उन दिनों देश के सबसे महंगे वकील बन, बड़े जमींदारों, तालुकदारों और राजा महाराजाओं की जमीन से जुड़े केस लड़ने लगे।
  • हाथ में मोटा पैसा आने के बाद, नेहरू खानदान का रहन सहन एकदम पलट गया था। कहा जाता है कि, मोतिलाल नेहरू हज़ारों का कोट-पैन्ट, घड़ी पहन बहुत बड़ी कोठी में रहा करते हैं।
  • 1900 के दशक में मोतिलाल नेहरू ने 20 हज़ार रुपये में 42 कमरों वाला स्वराज भवन खरीदा था। 20 हज़ार की कीमत वाले घर की कीमत आज करोड़ो में है। मोतिलाल ने इसे बाद में कांग्रेस को दान दे दिया था।
  • कीमती फर्निचर और घर की साज-सज्जा भी मोतिलाल को खूब पसंद थी। उन्होंने न केवल महंगे घरों और प्रॉपर्टीज पर अपनी दौलत लुटाई बल्कि, उन्होंने घर का फर्निचर भी यूरोप और चीन से खास मंगवाया था।
  • मोतिलाल नेहरू लंदन में सिले हुए कपड़े पहनते थे। साथ ही उनके कपड़े कुछ ऐसे हुआ करते थे, जिनकी धुलाई केवल यूरोप में ही होती थी। लिहाज़ा इलाहाबाद से मोतिलाल के साथ साथ उनके कपड़े भी हर हफ्ते यूरोप की सैर करते थे। हालांकि कपड़े धुलाई वाली बात का जवाहरलाल नेहरू ने बाद में खंडन किया था।
  • जवाहरलाल नेहरू की बहन कृष्णा ने अपनी आत्मकथा में लिखा है कि, उनके घर डायनिंग टेबल पर महंगे से मंहगे छूरी-कांटे और क्रॉकरीज हुआ करती थी। तथा वे उस ज़माने में पाश्चात्य तरीके से रहते थे, जब भारत इस चीज़ की कल्पना भी नहीं कर सकता था।
  • मोतिलाल नेहरू के बच्चों को पढ़ाने के लिए विदेशी ट्यूटर और देखभाल करने के लिए अंग्रेजी आया रखी हुई थीं।
  • पूरा नेहरू परिवार महीनो-महीनो तक के लिए विदेश में बहुत आलिशान तरीके से रहा करता था। जवाहरलाल नेहरू को लंदन भेजने के बाद वे वहां रहा भी करते थे तथा महंगी गाड़ियों में घूमा फिरा करते थे।
इसी के साथ भारत की पहली विदेशी कार भी नेहरू परिवार ने ही इम्पोर्ट करवाई थी। बेहद शानदार जीवन व्यतीत करने वाले नेहरू परिवार ने आज़ादी के बहुत कुछ सहा भी था। मोतिलाल नेहरू ने अपना धन-धान्य से भरा जीवन और अच्छी खासी चलती वकालत को छोड़ आज़ादी की लड़ाई में हिस्सा लेने का फैसला किया था।
अवनि बागरोला
अवनी बागरोलाauthor

अवनी बागरोला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के लाइफस्टाइल सेक्शन में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं। फैशन, ब्यूटी, ट्रेंड्स, पर्सनल स्टाइलिंग और मॉडर्न लाइफस्टाइल से जुड़े कंटेंट पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें जेन Z और स्टाइल-सेवी ऑडियंस के बीच खास पहचान दिलाती है। अवनी की लेखन शैली सरल, ट्रेंडी और यूज़र-फ्रेंडली है, जो पाठकों को तेजी से बदलते फैशन व लाइफस्टाइल ट्रेंड्स को समझने में मदद करती है। अब तक 3000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुकी अवनी क्रिएटिव अप्रोच, अपडेटेड नॉलेज और रियल-टाइम ट्रेंड सेंस के लिए जानी जाती हैं।

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