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Mosquito Remedies: घर में क्या जलाने से मच्छर भाग जाते हैं, किस तेल की दीया घर में नहीं घुसने देता मच्छर

Mosquito Home Remedies: मच्छरों से बचने के आयुर्वेदिक उपाय जानें। नीम तेल, कपूर, गोबर धूप और देसी नुस्खों से बिना केमिकल घर में मच्छरों से पाएं राहत।

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मच्छरों से बचने के आयुर्वेदिक उपाय जानें

Mosquito Home Remedies: गर्मी और बरसात का मौसम आते ही मच्छरों की समस्या अचानक बढ़ जाती है। शाम ढलते ही घर के अंदर भिनभिनाते मच्छर न सिर्फ परेशानी का कारण बनते हैं बल्कि कई गंभीर बीमारियों का खतरा भी साथ लेकर आते हैं। डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी बीमारियां हर साल हजारों लोगों को प्रभावित करती हैं। ऐसे में लोग बाजार में मिलने वाले कॉइल, स्प्रे और लिक्विड मशीन का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन लगातार केमिकल के संपर्क में रहना सेहत के लिए सुरक्षित नहीं माना जाता। यही वजह है कि आजकल लोग फिर से प्राकृतिक और आयुर्वेदिक उपायों की ओर लौट रहे हैं।

मच्छर भगाने के घरेलू उपाय

आयुर्वेद में वातावरण को शुद्ध रखने और कीटों को दूर करने के कई सरल उपाय बताए गए हैं, जिन्हें बिना ज्यादा खर्च और बिना किसी साइड इफेक्ट के घर पर अपनाया जा सकता है। इनमें ये चीजें शामिल हैं -

  • गाय का गोबर
  • कपूर
  • नीम का तेल
  • सरसों का तेल
  • अजवाइन

आगे आप मच्छर भगाने के इन घरेलू उपायों के बारे में विस्तार से जान सकते हैं।

गाय के गोबर से प्राकृतिक सुरक्षा

भारतीय परंपरा में गाय के गोबर का उपयोग केवल धार्मिक कारणों से नहीं बल्कि स्वास्थ्य दृष्टि से भी किया जाता रहा है। सूखे उपले या गोबर से बनी धूपबत्ती जलाने से निकलने वाला धुआं वातावरण को शुद्ध करने में मदद करता है। इसकी हल्की प्राकृतिक गंध मच्छरों को पसंद नहीं आती, जिससे वे कमरे में ज्यादा देर नहीं टिकते।

आजकल बाजार में तैयार गोबर धूप और हर्बल अगरबत्ती आसानी से उपलब्ध हैं। शाम के समय कुछ देर इन्हें जलाने से घर का माहौल भी शांत और सुगंधित महसूस होता है।

कपूर की खुशबू से दूर भागते हैं मच्छर

कपूर केवल पूजा सामग्री ही नहीं बल्कि एक प्रभावी घरेलू उपाय भी माना जाता है। यदि धुआं करना संभव न हो तो कपूर का आसान तरीका अपनाया जा सकता है। एक कटोरी पानी में कपूर की टिकिया डालकर कमरे में रख दें। धीरे-धीरे इसकी खुशबू फैलती है और मच्छर कम होने लगते हैं।

कुछ लोग रात में खिड़की बंद करके कुछ मिनट के लिए कपूर जलाते भी हैं, जिससे कमरे की हवा हल्की सुगंधित और साफ महसूस होती है। यानी यह सफेद चीज मच्छर भगाने में मदद करती है।

सरसों का तेल और अजवाइन का देसी नुस्खा

रसोई में मौजूद चीजें भी मच्छरों से बचाव में मददगार साबित हो सकती हैं। सरसों के तेल में अजवाइन मिलाकर तैयार किया गया मिश्रण तेज गंध पैदा करता है, जो मच्छरों को दूर रखने में सहायक माना जाता है। इस मिश्रण को कागज या कपड़े के छोटे टुकड़ों पर लगाकर कमरे के कोनों में रखा जा सकता है।

ग्रामीण इलाकों में पुराने समय से यह तरीका अपनाया जाता रहा है। कुछ लोग सोने से पहले हाथ-पैरों पर हल्का सरसों का तेल भी लगाते हैं, जिससे त्वचा पर मच्छर कम बैठते हैं।

नीम का तेल: आयुर्वेद का भरोसेमंद उपाय

नीम को आयुर्वेद में प्राकृतिक रोगनाशक माना गया है। नीम का तेल मच्छरों को भगाने के लिए बेहद उपयोगी माना जाता है। शाम के समय मिट्टी या पीतल के दीपक में नीम का तेल डालकर जलाने से उसकी गंध वातावरण में फैलती है और मच्छर दूर रहने लगते हैं।

यह तरीका खासतौर पर उन लोगों के लिए अच्छा माना जाता है जो केमिकल लिक्विड मशीन का इस्तेमाल नहीं करना चाहते।

कुछ आसान सावधानियां भी हैं जरूरी

घरेलू उपायों के साथ-साथ कुछ दैनिक आदतें अपनाना भी जरूरी है। घर में पानी जमा न होने दें, खिड़कियों पर जाली लगाएं, शाम के समय दरवाजे ज्यादा देर खुले न रखें और सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करें। प्राकृतिक उपाय तभी ज्यादा प्रभावी होते हैं जब साफ-सफाई का ध्यान रखा जाए।

मच्छर आखिर बढ़ते क्यों हैं

मच्छरों से बचाव का पहला कदम है उनकी उत्पत्ति को समझना। मच्छर साफ जगहों से ज्यादा रुके हुए पानी और नमी वाली जगहों पर तेजी से पनपते हैं। कूलर का पानी, गमलों की तश्तरी, छत पर जमा पानी या आसपास की गंदगी इनके लिए सबसे अनुकूल वातावरण बनाती है।

अगर घर के आसपास नियमित सफाई रखी जाए और कहीं भी पानी जमा न होने दिया जाए तो मच्छरों की संख्या काफी हद तक कम की जा सकती है। कई बार छोटे-छोटे लापरवाह कदम ही बड़ी समस्या बन जाते हैं।

यह लेख मूल रूप से गौरंगी (Gaurangi) द्वारा लिखा गया है, वह टाइम्स नाउ नवभारत के साथ बतौर इंटर्न जुड़ी हुई हैं।

Medha Chawla
मेधा चावलाauthor

मेधा चावला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर एसोसिएट एडिटर हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन की लीड हैं। लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 20 वर्षों का अनुभव रखने वाली मेधा की विशेषज्ञता हेल्थ, वेलनेस, फिटनेस, मेंटल हेल्थ, डेली लाइफ इम्प्रूवमेंट, ह्यूमन-इंटरेस्ट फीचर्स और रिसर्च-बेस्ड स्टोरीज तक फैली है। उनकी लेखन शैली पाठकों को जटिल स्वास्थ्य और जीवनशैली संबंधी विषयों को आसान, समझने योग्य और व्यवहारिक रूप में प्रस्तुत करती है, जिससे उनका कंटेंट व्यापक पाठक समूह से जुड़ता है। अबतक 30,000 से अधिक कंटेंट पीस लिख चुकी मेधा की कई एक्सक्लूसिव स्टोरीज डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ट्रेंड सेट कर चुकी हैं।

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