लाइफस्टाइल

Kumar Vishwas Motivational Quotes: सफलता की गारंटी देती हैं कुमार विश्वास की ये बातें, यहां पढ़ें उनके टॉप 10 मोटिवेशनल कोट्स

Kumar Vishwas Motivational Quotes: कुमार विश्वास (Kumar Vishwas) देश के सबसे लोकप्रिय कवियों में से एक हैं। कुमार अपनी कलम की जादू से कमाल करते हैं। उनकी बातें युवा वर्ग को प्रेरणा देती हैं। आज रविवार की सुबह, हम आपके लिए कुमार विश्वास के टॉप 10 मोटिवेशनल कोट्स, विचार और शायरियां (Kumar Vishwas Hindi Shayari) लेकर आए हैं।

Image

Kumar Vishwas Motivational Quotes

Kumar Vishwas Motivational Quotes: डॉ. कुमार विश्वास, ये नाम आज देश ही नहीं दुनियाभर में प्रसिद्ध है। भारत के सबसे लोकप्रिय कवियों में से एक, कुमार विश्वास को आज किसी पहचान की जरूरत नहीं है। कुमार की बातें लोग सुनना पसंद करते हैं। उनके शब्द लोगों की जिंदगी बदल देते हैं। आज हम उसी डॉ. कुमार विश्वास के कुछ चुनिंदा मोटिवेशनल कोट्स (Kumar Vishwas Motivational Quotes), शायरियां (kumar Vishwas Shayari In Hindi) और विचार आपके लिए लेकर आए हैं। ये कोट्स आपकी सुबह को जोश से भर कर आपके जीवन को नई दिशा देंगी। इन कोट्स को पढ़कर और अपनाकर आप सफलता की सीढ़ियां चढ़ सकते हैं।

Kumar Vishwas Top 10 Motivational Quotes (कुमार विश्वास के मोटिवेशनल कोट्स)

1) अंधेरे से लड़ने का मन बना लिया जाए तो एक जुगनू ही काफी है।

2) स्वयं को प्रकाशमान बनाना स्वयं के हाथ में है।

3) कुमार विश्वास कहते हैं कि स्वार्थी होना जरूरी है पर अपने लिए।

Kumar Vishwas Inspirational Quotes in Hindi (कुमार विश्वास के प्रेरणादायक विचार)

4) उम्मीदें हमेशा बड़ी रखनी चाहिए, पर उनमें लालच नहीं होना चाहिए।

5) युद्ध में गुणगान उसका होता है जो स्वयं के दम पर युद्ध लड़ता है, इसमें फर्क नहीं पड़ता की वह हारता है या जीतता।

Kumar Vishwas Inspirational Shayari (कुमार विश्वास की शायरी)

6) वो जो खुद में से कम निकलते हैं,

उनके ज़हनों में बम निकलते हैं,

आप में कौन-कौन रहता है,

हम में तो सिर्फ हम निकलते हैं…

7) ''मैं तो झोंका हूं हवाओं का उड़ा ले जाऊंगा, जागती रहना तुझे तुझसे चुरा ले जाऊंगा।''

8) ''जब भी मुँह ढंक लेता हूँ तेरे जुल्फों की छाँव में कितने गीत उतर आते है मेरे मन के घाओ में।''

Kumar Vishwas Quotes in Hindi (कुमार विश्वास के अनमोल विचार)

9) कुमार विश्वास कहते हैं कि कुछ लोग बड़े दिखते हैं, पर होते नहीं।

10) ''मेरे लहज़े में जी हुजूर न था, इससे ज़्यादा मेरा कसूर न था।''

Srishti
सृष्टिauthor

सृष्टि टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की फीचर डेस्क से जुड़ी कंटेंट राइटर हैं, जो मुख्य रूप से धर्म और लाइफस्टाइल सेक्शन के लिए लिखती हैं। सृष्टि को आध्यात्म, भारतीय संस्कृति और साहित्य में गहरी रुचि है। यही वजह है कि उनके लेखों में परंपरा, आस्था और जीवनशैली की सहज समझ खूबसूरती से दिखाई देती है। वह धार्मिक कथाओं, ग्रंथों से जुड़े विषयों, आध्यात्मिक ट्रेंड्स और समकालीन जीवनशैली पर 5,000 से अधिक लेख लिख चुकी हैं। मॉडर्न लाइफस्टाइल और पारंपरिक मूल्यों के बीच संतुलन बनाते हुए वह ऐसे कंटेंट गढ़ती हैं, जो प्रेरक होने के साथ-साथ जानकारीपूर्ण भी होता है।

और पढ़ें
End of Article