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Kohra Shayari in Hindi: कोहरा क्यों आता है, कोहरा का क्या अर्थ है, इन सवालों के बीच पढ़ें कोहरे पर शायरी

Kohra Par Shayari: आज उत्तर भारत के कई शहरों में कोहरे का कहर मचा हुआ है। चारों ओर धुंध ही धुंध नजर आ रही है। ऐसे में ये सवाल उठना लाजमी है कि कोहरा क्यों आता है, कोहरा का क्या अर्थ है (Dense fog Meaning in Hindi), अभी ये कोहरा कितने दिनों तक रहेगा (Kab Tak Rahega Kohra)। इन सब सवालों और धुंध के बीच पढ़ें कोहरे पर शायरी (Kohra Shayari in Hindi):

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कोहरे पर शायरी (Photo: Wikimedia Commons)

Kohre par Shayari: पूरा उत्तर भारत कोहरे की चपेट में है। दिल्ली एनसीआर और यूपी के कई शहरों ने धुंध की सफेद चादर ओढ़ रखी है। सड़कों पर सन्नाटा फैला हुआ है। लोगों को समझ नहीं आ रहा कि इस कोहरे का कहर कब तक रहेगा। जिनकी छुट्टियां हैं वो रजाई में दुबके हुए हैं। कोहरे पर बहुत कुछ लिखा और कहा गया है। बहुत से शायरों ने भी कोहरे के अलग-अलग रंगों को अपनी कलम से सजाया है। आइए पढ़ें कोहरा पर शायरी हिंदी में:

Kohra Shayari 2 Line in Hindi

1. देख ले गर इक नज़र सूरज इसे

कोहरा ये बे-मौत मारा जाएगा

- सीमा शर्मा मेरठी

2. ओस पड़ी थी रात बहुत और कोहरा था गर्माइश पर

सैली सी ख़ामोशी में आवाज़ सुनी फ़रमाइश पर

- गुलज़ार

3. कोहरा ओढ़े टहल रही थी झील पे गहरी ख़ामोशी

फिर सूरज ने धूप बिछाई तब कुछ ठहरी ख़ामोशी

- ख़्वाजा तारिक़ उस्मानी

4. कोहरा ओढ़े ऊंघ रहे हैं ख़स्ता मकाँ

आज की शब बीमार दियों पर भारी है

- फ़ारूक़ शफ़क़

5. कुंडी हटा के कोहरा जमा के

आंगन में आ के ठार गई सर्दी

- अताउर्रहमान तारिक़

6. कोहरा कोहरा सर्दी है कांप रहा है पूरा गांव

दिन को तपता सूरज दे रात को कम्बल दे मालिक

- शकील आज़मी

7. मत कहो आकाश में कोहरा घना है

ये किसी की व्यक्तिगत आलोचना है

- दुष्यंत कुमार

8. ये एक कोहरा सा, ये धुंद सी जो छाई है

इस इल्तिहाब में, इस सुर्मगीं उजाले में

- अख़्तरुल ईमान

9. आज वफ़ा की राह 'मुसाफ़िर' धुंदली धुंदली लगती है

कोहरा जिस ने बरसाया है उस बादल की बात करें

- विलास पंडित मुसाफ़िर

10.बर्फ़ पिघलेगी जब पहाड़ों से

और वादी से कोहरा सिमटेगा

गुलज़ार

कोहरा क्यों होता है? कोहरे का अर्थ क्या है

इन शायरियों को पढ़ते हुए आपके न में भी ख्याल जरूर आया होगा कि आखिर ये कोहरा क्यों होता है। इसका जवाब हम आपके दे रहे हैं। दरअसल कोहरा तब पड़ता है जब हवा ठंडी होकर भाप को छोटी-छोटी पानी की बूंदों में बदल देती है, जो हवा में तैरती रहती हैं। सर्दियों के मौसम में जब तापमान गिरता है तो हवा ठंडी हो जाती है। वह अपनी नमी को रोक नहीं पाती। यही नमी बूंदें बनती हैं और जमीन के पास एक घना बादल सा बन जाता है, जिसे हम कोहरा कहते हैं।

Suneet Singh
सुनीत सिंहauthor

सुनीत सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में डिप्टी न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन में स्पेशल स्टोरीज प्रोजेक्ट का नेतृत्व कर रहे हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों के अनुभव के साथ, सुनीत उन बहुमुखी पत्रकारों में शामिल हैं जिन्होंने न्यूजरूम और फील्ड—दोनों मोर्चों पर खुद को साबित किया है। माइक, कैमरा और एडिटिंग डेस्क तीनों से उनकी सहज जुगलबंदी ने उन्हें एक संतुलित और विश्वसनीय मीडिया प्रोफेशनल के रूप में स्थापित किया है। पिछले 10 वर्षों से सुनीत लाइफस्टाइल, लिटरेचर, सिनेमा और संस्कृति से जुड़ी गहन व विश्लेषणात्मक स्टोरीज लिखते रहे हैं और अबतक 12,000 से अधिक आर्टिकल पब्लिश कर चुके हैं। उनकी लेखन शैली गहराई, मौलिक दृष्टिकोण और रिसर्च-आधारित प्रस्तुति से पहचानी जाती है। वे विषयों की बारीकियों को पकड़कर उन्हें सरल, प्रभावी और पाठकों से जुड़ने वाली भाषा में ढालने में दक्ष हैं।

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