अध्यात्म

अनंत चतुर्दशी 2026 पर अनंत धागा बांधने का शुभ मुहूर्त क्या है, कैसे बनाएं 14 गांठों वाला अनंत सूत्र, जानें बांधने का तरीका

Anant Chaudas Dhaga Bandhne Ka Shubh Muhurat 2026: अनंत चतुर्दशी 2026 पर अनंत धागा कब बांधें? जानें अनंत चौदस पर पूजा का शुभ मुहूर्त, घर पर 14 गांठों वाला अनंत सूत्र बनाने का तरीका और इसे किस हाथ में बांधना चाहिए।

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अनंत चतुर्दशी 2026 पर अनंत धागा बांधने का शुभ मुहूर्त, कैसे तैयार करें घर पर अनंत सूत्र (AI Image)

Anant Chaudas Dhaga Bandhne Ka Shubh Muhurat 2026: अनंत चतुर्दशी पर 14 गांठों वाला धागा बांधने की परंपरा है। इसे अनंत सूत्र या अनंत डोरा कहा जाता है। अनंत चौदस पर अगर आप भी श्री हरि की कृपा पाने के लिए यह धागा बांधना चाहते हैं तो इस लेख में जानें कि 14 गांठों वाला अनंत सूत्र कैसे बनाते हैं। इसे किस हाथ में और किस तरीके से बांधा जाता है।

अनंत चतुर्दशी 2026 कब है

इस साल अनंत चतुर्दशी शुक्रवार, 25 सितंबर 2026 को है। यह दिन भगवान विष्णु के अनंत स्वरूप की पूजा से जुड़ा है। इसी दिन गणपति विसर्जन भी होता है। इसलिए त्योहार का नाम सुनते ही बहुत से लोगों को बप्पा की विदाई याद आती है, लेकिन इसी तिथि को अनंत चौदस के रूप में भी जाना जाता है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा के बाद 14 गांठों वाला अनंत सूत्र बांधने की भी परंपरा है।

अनंत धागा बांधने का शुभ मुहूर्त क्या है 2026

दिल्ली के अनुसार, 25 सितंबर को अनंत चतुर्दशी की पूजा का समय सुबह 6:11 बजे से रात 11:06 बजे तक बताया गया है। इस अवधि में पूजा करें। फिर कथा और आरती के बाद अनंत सूत्र बांध लें।

14 गांठों वाला अनंत धागा घर पर कैसे बनाएं

इसके लिए कोई खास सामान जुटाने की जरूरत नहीं है। सूती धागा या मुलायम रेशमी डोरी लें। पहले उसे अपनी भुजा या कलाई के हिसाब से नाप लें। इतनी लंबाई जरूर रखें कि दोनों सिरों से आराम से बांधा जा सके।

अब धागे के बीच वाले हिस्से में एक गांठ लगाएं। फिर थोड़ी दूरी पर दूसरी। इसी तरह कुल 14 गांठें बना लें। हर गांठ के साथ गिनती करते चलें। आखिर में एक बार फिर गिन लें- ताकि गांठों की संख्या में कोई त्रुटि न हो।

आपके घर में धागे पर हल्दी या कुमकुम लगाने का चलन है तो लगा सकते हैं। धागा गीला हो जाए तो उसे पूजा की थाली में रखने से पहले सूखने दें। एक बात याद रखें: हाथ पर धागा बांधने के लिए आखिर में जो गांठ लगाएंगे, वह इन 14 गांठों से अलग होगी।

अनंत धागे में 14 गांठें क्यों लगाई जाती हैं

धार्मिक मान्यता में अनंत सूत्र की 14 गांठों को सृष्टि के 14 लोकों से जोड़ा जाता है, जिनका पालन भगवान विष्णु करते हैं। धागा बनाते समय हर गांठ पर श्रीहरि के एक नाम का स्मरण किया जाता है। माना जाता है कि इस सूत्र को धारण करने से जीवन में सुख-शांति और संकटों से रक्षा का आशीर्वाद मिलता है।

पूजा के बाद अनंत सूत्र कैसे बांधें

तैयार धागे को भगवान विष्णु की तस्वीर या प्रतिमा के पास पूजा में रख दें। अपने घर की विधि के अनुसार दीपक जलाएं, फूल और प्रसाद चढ़ाएं। व्रत कथा पढ़ें या सुनें और आरती करें। इसके बाद अनंत सूत्र उठाकर बांधें। चाहें तो धागा बांधते समय मन में परिवार की कुशलता के लिए छोटी सी प्रार्थना कर लें।

धागा इतना कसकर न बांधें कि हाथ पर निशान पड़ जाए। हाथ हिलाने में आसानी रहे, इसका ध्यान रखें।

अनंत धागा किस हाथ में बांधा जाता है

आम परंपरा में पुरुष दाहिने हाथ या भुजा पर और महिलाएं बाएं हाथ या भुजा पर अनंत सूत्र बांधती हैं। कहीं इसे कलाई पर बांधा जाता है, तो कहीं बाजू पर। आपके घर में जो तरीका चला आ रहा है, उसे अपना सकते हैं।

अनंत सूत्र कब उतारना चाहिए

कुछ परिवार 14 दिन बाद धागा उतारकर पूजा स्थान में रखते हैं। कुछ लोग अगले वर्ष नया सूत्र बांधते समय पुराना हटाते हैं। यदि आप पहली बार अनंत व्रत कर रहे हैं, तो इस बारे में अपने परिवार के बुजुर्ग या पूजा कराने वाले पुरोहित से पूछ लें।

Medha Chawla
मेधा चावलाauthor

मेधा चावला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर एसोसिएट एडिटर हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन की लीड हैं। लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 20 वर्षों का अनुभव रखने वाली मेधा की विशेषज्ञता हेल्थ, वेलनेस, फिटनेस, मेंटल हेल्थ, डेली लाइफ इम्प्रूवमेंट, ह्यूमन-इंटरेस्ट फीचर्स और रिसर्च-बेस्ड स्टोरीज तक फैली है। उनकी लेखन शैली पाठकों को जटिल स्वास्थ्य और जीवनशैली संबंधी विषयों को आसान, समझने योग्य और व्यवहारिक रूप में प्रस्तुत करती है, जिससे उनका कंटेंट व्यापक पाठक समूह से जुड़ता है। अबतक 30,000 से अधिक कंटेंट पीस लिख चुकी मेधा की कई एक्सक्लूसिव स्टोरीज डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ट्रेंड सेट कर चुकी हैं।

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