UP New District Jails Proposal: उत्तर प्रदेश की जेलों में कैदियों की बढ़ती संख्या और क्षमता से अधिक दबाव को हमेशा के लिए समाप्त करने के उद्देश्य से योगी सरकार ने एक और बड़ा और रणनीतिक कदम उठाया है। प्रदेश के 6 जिलों में नई जिला जेलों के निर्माण का विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा गया है।
इन नई जेलों के धरातल पर उतरते ही प्रदेश में 7,732 कैदियों को रखने की अतिरिक्त क्षमता जुड़ जाएगी, जिससे वर्तमान में संचालित जेलों पर बना भारी प्रशासनिक व सुरक्षात्मक दबाव काफी हद तक कम हो जाएगा।
इन 6 जिलों में बनेंगी नई जिला जेलें
जेल प्रशासन एवं सुधार विभाग द्वारा तैयार किए गए प्रस्ताव के अनुसार, जिन 6 जिलों को नई जिला जेलों की सौगात मिलने जा रही है, उनमें शामिल हैं:
-कानपुर नगर
-औरैया
-शाहजहांपुर
-ज्ञानपुर (भदोही)
-मुरादाबाद
-ललितपुर
प्रस्ताव को हरी झंडी मिलते ही भूमि अधिग्रहण और निर्माण की आगे की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
6 जिलों में पहले से चल रहा निर्माण, 6,156 की बढ़ेगी क्षमता
नई 6 जेलों के प्रस्ताव के अलावा, प्रदेश के 6 अन्य जिलों में आधुनिक जिला जेलों का निर्माण कार्य अंतिम चरण और विभिन्न चरणों में जारी है:
निर्माणाधीन स्थान: अमेठी, महोबा, हाथरस, कुशीनगर, जौनपुर और हापुड़।
अतिरिक्त क्षमता: इन जेलों के शुरू होने से 6,156 कैदियों की क्षमता जुड़ेगी।
प्रगति रिपोर्ट: अमेठी जिला जेल का निर्माण 98% से अधिक पूरा हो चुका है, जबकि महोबा में काम 93% से ज्यादा निपट गया है। जल्द ही इन्हें समर्पित कर दिया जाएगा।
2017 से 2026: जानिए कैसे बदले यूपी की जेलों के हालात
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में उत्तर प्रदेश के जेल इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़े पैमाने पर सुधार दर्ज किया गया है:
जेलों की संख्या: वर्ष 2017 में प्रदेश में केवल 70 जेलें थीं, जो वर्ष 2026 में बढ़कर 77 हो चुकी हैं।
कैदियों की कुल क्षमता: 2017 में जेलों की कुल क्षमता 58,400 कैदियों की थी, जो अब बढ़कर 77,673 हो गई है।
ओवरक्राउडिंग रेशियो में भारी गिरावट: क्षमता से अधिक कैदियों को रखने का अनुपात जो 2017 में 1.77 था, वह 2026 में घटकर 1.03 के निचले स्तर पर आ गया है।
7 नई जेलें हुईं शुरू: 2017 के बाद चित्रकूट, अंबेडकर नगर, संत कबीर नगर, इटावा, प्रयागराज, श्रावस्ती और बरेली में 7 नई जेलें शुरू की गईं, जिनसे 10,495 कैदियों की क्षमता का इजाफा हुआ था।
