Sharara Vs Garara: देसी फैशन की दुनिया में साड़ी के बाद सलवार कुर्ती की ही जबरदस्त डिमांड रहती है। उसमें भी खासतौर पर राजसी तो ट्रेडिशनल लुक के लिए इंडिया-पाकिस्तान की लड़कियां सबसे ज्यादा खूबसूरत शरारा और गरारा पहनना पसंद करती हैं। दोनों ही शरारा तो गरारा ट्रेडिशनल परिधान हैं, जो खासकर फंक्शन्स और त्योहारों के मौकों पर पहने जाते हैं। हालांकि आज कल सिंपल प्रिंट वाले शरारा-गरारा का फैशन भी ट्रेंड में है। ये दोनों ही ऐसे ऑउटफिट्स हैं जो महिलाओं को एलिगेंट और ग्लैमरस लुक देते हैं, लेकिन कई लोग इन दोनों के बीच का अंतर बता नहीं पाते हैं। ऐसे में अगर आप भी दोनों का फर्क नहीं समझती हैं, तो आइए जानते हैं कि शरारा और गरारा में आखिर मुख्य फर्क होता क्या है।
What Is The Difference Between Sharara And Garara
डिजाइन और कटिंग
शरारा एक तीन-टुकड़ों वाला आउटफिट होता है, जिसमें एक कुर्ती, एक चूड़ीदार पैंट और एक घाघरा या स्कर्ट शामिल होता है। इसकी खासियत यह है कि इसका घाघरा या स्कर्ट बहुत ही फ्लेयर्ड होता है, जो चलने पर खूबसूरत मूवमेंट और लुक देता है। वहीं गरारा भी हालांकि वैसे तो एक तीन-टुकड़ों वाला ऑउटफिट ही होता है, लेकिन इसमें घाघरे की जगह एक भारी फ्लेयर्ड पैंट होती है, जिसे अक्सर गोटा, जरी या कढ़ाई से सजाया जाता है।

फैब्रिक और कढ़ाई
फैब्रिक और कढ़ाई के बेसिस पर भी दोनों में अंतर होता है। एक तरफ जहां शरारा आमतौर पर हल्के फैब्रिक जैसे जॉर्जेट, सिल्क या चिफॉन में बनाया जाता है, ताकि यह फ्लोइंग लुक दे सके। वहीं दूसरी तरफ गरारा ज्यादा भारी कपड़े जैसे वेलवेट, ब्रोकेड या साटन में बनता है और इसमें ज्यादा भारी कढ़ाई और जरी का काम होता है।

पहनने का अंदाज
शरारा और गरारा को पहनने स्टाइल करने का तरीका अंदाज भी अलग ही होता है। बता दें कि शरारा ज्यादातर सेमी-फॉर्मल या फंक्शनल लुक के लिए पहना जाता है, जबकि गरारा शादी-ब्याह जैसे ग्रैंड अवसरों के लिए बेहतर माना जाता है। इसी के साथ साथ गरारा अक्सर लंबे और भारी डिजाइन में आता है, जबकि शरारा हल्का और आरामदायक होता है।
