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Magh Purnima 2023: माघ पूर्णिमा पर प्रयागराज में लगाएं डुबकी, नोएडा-दिल्ली से ऐसे पहुंच सकते हैं आप

  • Authored by: दीपक पोखरिया
  • Updated Feb 2, 2023, 07:05 PM IST

How You Can Reach Prayagraj From Delhi-Noida: लोगों का ये भी मानना ​​है कि माघ पूर्णिमा पर प्रयागराज (गंगा, यमुना और सरस्वती के संगम पर) में गंगा स्नान करने से आपको अपने सभी सपनों और इच्छाओं को प्राप्त करने में मदद मिलती है। साथ ही दान-दक्षिणा और देवी-देवताओं की पूजा करने से आपको उनसे आशीर्वाद प्राप्त करने में मदद मिलती है।

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Magh Purnima 2023

Photo : iStock

How You Can Reach Prayagraj From Delhi-Noida: माघ पूर्णिमा (Magh Purnima 2023) हिंदू कैलेंडर में एक बेहद महत्वपूर्ण दिन है। साथ ही माघ पूर्णिमा (Magh Purnima) काफी ज्यादा महत्व रखती है। इस दिन लोग गंगा, यमुना और सरस्वती नदियों के संगम पर दान, पूजा और स्नान करते हैं। इस शुभ मुहूर्त में दान, स्नान और पूजा करनी चाहिए। मान्यता है कि माघ पूर्णिमा पर देवी-देवता पृथ्वी पर आते हैं और पवित्र नदियों में स्नान और दान करने से देवता प्रसन्न होते हैं।

साथ ही लोगों का ये भी मानना है कि माघ पूर्णिमा पर प्रयागराज (गंगा, यमुना और सरस्वती के संगम पर) में गंगा स्नान करने से आपको अपने सभी सपनों और इच्छाओं को प्राप्त करने में मदद मिलती है। साथ ही दान-दक्षिणा और देवी-देवताओं की पूजा करने से आपको उनसे आशीर्वाद प्राप्त करने में मदद मिलती है। माघ पूर्णिमा के मौके पर आप प्रयागराज में डुबकी लगा सकते हैं।

वहीं अगर आप दिल्ली या फिर नोएडा से प्रयागराज जाना चाह रहे हैं तो आप कई तरीकों से यहां पहुंच सकते हैं। आप ट्रेन से सीधे प्रयागराज पहुंच सकते हैं। नई दिल्ली रेलवे स्टेशन और पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन से आपको सीधे प्रयागराज के लिए अलग-अलग समय पर कई सारीं ट्रेनें मिलेंगी। इसके अलावा आप बस से भी प्रयागराज पहुंच सकते हैं। सरकारी बस या फिर प्राइवेट बस लेकर आप सीधे प्रयागराज पहुंच सकते हैं।

इसके अलावा अगर आपके पास खुद की गाड़ी है और लंबी ड्राइव के शौकीन हैं तो आप अपनी कार से भी प्रयागराज जा सकते हैं। इसके अलावा आप टैक्सी बुक करके भी प्रयागराज जा सकते हैं। साथ ही फ्लाइट से भी सीधे आप प्रयागराज जा सकते हैं। वहीं अगर आप बाइक से प्रयागराज जाने की सोच रहे हैं तो आप जा सकते हैं। बता दें कि दिल्ली से प्रयागराज (आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस) की दूरी करीब 745 किलोमीटर दूर है।

दीपक पोखरिया
दीपक पोखरियाauthor

पहाड़ से हूं, इसलिए घूमने फिरने का शौक है। दिल्ली-नोएडा से ज्यादा उत्तराखंड में ही मन लगता है। कई मीडिया संस्थानों से मेरी करियर यात्रा गुजरी है और मई 2022 से Times Network में timesnowhindi.com के साथ जुड़ा हूं। यहां शुरूआत खबरों से हुई और अब नजरें फीचर टीम के जरिए पाठकों की पसंद के लेख लिखने पर रहती है। घुमक्कड़ी पसंद होने की वजह से मुख्य जिम्मेदारी timesnowhindi.com/travel की है। वैसे मैं देवभूमि उत्तराखंड के नैनीताल से हूं और यहीं पर जन्म हुआ। पढ़ाई की शुरुआत फिरोजपुर (पंजाब) से हुई। इसके बाद लखनऊ (उत्तर प्रदेश), रामपुर (उत्तकर प्रदेश), हल्द्वानी (उत्तराखंड) होते हुए देश की राजधानी दिल्ली से पढ़ाई की। हल्द्वानी के एमबीपीजी कॉलेज से ग्रेजुएशन पूरा किया। साथ ही NIIT से GNIIT किया। इसके बाद दिल्ली से भारतीय विद्या भवन से पत्रकारिता की पढ़ाई की। मीडिया में 12 साल से ज्यादा का अनुभव। टीवी, वेबसाइट और मोबाइल ऐप में अब तक काम किया। नौकरी की शुरुआत 2011 से की। अभी टाइम्स नाऊ नवभारत में 2 से अधिक सीनियर करोस्पेंडट के पद पर हूं। यात्रा सेक्शन से जुड़ने से पहले करीब डेढ़ साल पहले तक न्यूज में ही काम किया।

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