Kashmir Shayari in Hindi: कश्मीर को धरती पर स्वर्ग कहा जाता है। कश्मीर की प्राकृतिक खूबसूरती देखते ही बनती है। हर साल लाखों सैलानी कश्मीर की वादी का लुत्फ उठाने देश दुनिया से पहुंचते हैं। हालांकि कश्मीर पिछले करीब 4 दशक से आतंकवाद की आग में झुलस रहा है। कश्मीर में दहशतगर्दी आम हो चुकी है। जिस कश्मीरियत की बात सदियों से होती आ रही थी वो कहीं खोती जा रही है। वैसे कश्मीर हमेशा से शायरों की कलम का पसंदीदा शब्द भी रहा है। कश्मीर के हालात और जज्बात पर तमाम शायरों ने बेहतरीन शेर लिखे हैं। आइए पढें कुछ चुनिंदा शेर:
Kashmir Shayari 2 line
1. कश्मीर की वादी में बे-पर्दा जो निकले हो
क्या आग लगाओगे बर्फ़ीली चटानों में
- साग़र आज़मी
2. 'मीर' के शेर का अहवाल कहूं क्या 'ग़ालिब'
जिस का दीवान कम-अज़-गुलशन-ए-कश्मीर नहीं
- मिर्ज़ा ग़ालिब
3. कश्मीर सी जागह में ना-शुक्र न रह ज़ाहिद
जन्नत में तू ऐ गीदी मारे है ये क्यूं लातें
- मोहम्मद रफ़ी सौदा
4. तुम्हारी यादें पत्थर बाज़ियां करती हैं सीने में
हमारे हाल भी अब हू-ब-हू कश्मीर वाले हैं
- वरुन आनन्द
5. पंजाब को देखो तो इक आग का दरिया है
कश्मीर में जन्नत की तस्वीर नहीं मिलती
- अंजना संधीर
6. कर्गिल और कश्मीर ही तेरे नाम हों क्यूं
भाई बहन महबूबा बेटी या अल्लाह
- निदा फ़ाज़ली
Kashmir Shayari in Urdu
7. ज़र्रा ज़र्रा है मिरे कश्मीर का मेहमां-नवाज़
राह में पत्थर के टुकड़ों ने दिया पानी मुझे
- चकबस्त बृज नारायण
8. शौहरों से बीबियां लड़ती हैं छापा-मार जंग
राब्ता उन का भी क्या कश्मीर की वादी से है
- ज़फ़र कमाली
9. है असर इस तरह दिल पर इश्क़ की तासीर का
आज-कल है हाल जैसा वादी-ए-कश्मीर का
- आदिल राही
10. नक़्श है हर ज़ुल्म जिस का वादी-ए-कश्मीर पर
उस ने दहशत-गर्द लिक्खा अम्न की तस्वीर पर
- अब्दुस सत्तार दानिश
11. क्या ही अच्छा था शह-ए-वक़्त कि ऐसा होता
दुख फ़िलिस्तीं का भी होता तुझे कश्मीर के साथ
- फ़ैसल नदीम फ़ैसल
12. तुम्हारे पांव उफ़ ये पांव कितने ख़ूबसूरत हैं
इन्हें तुम जिस जगह रख दो वहीं कश्मीर बन जाए
- आरज़ू अशरफ़ सुल्तानपुरी
Kashmir Shayari for Instagram
13. ख़ुल्द की तस्वीर 'काविश' हू-ब-हू कश्मीर थी
लाश उस की पैरहन से ख़ुद कफ़न में आ गई
- काविश बद्री
14. नम-दीदा हैं मासूम सी कश्मीर की आंखें
हसरत से उन्हें तकती हैं तदबीर की आँखें
- सईद नज़र
15. ख़ूबसूरत थी ये कश्मीर की वादी जैसी
ज़िंदगी तेरे बिना लगती है चंबल की तरह
- आग़ाज़ बुलढाणवी
16. दिल के गुल-मर्ग में गिरती है तिरी याद की बर्फ़
हम तिरे हिज्र में कश्मीर बने बैठे हैं
- लकी फ़ारुक़ी हसरत
17. ऐवानों में अम्न-ओ-उख़ूवत की जो बातें करते हैं
अपना अपना दामन देखें कश्मीर-ओ-पंजाब के साथ
- रहबर जौनपूरी
18. हमारे खेतों में ख़ुशबू है हरियाली है सावन है
हम अपने गाँव को कश्मीर की वादी समझते हैं
- कलीम क़ैसर बलरामपुरी
Kashmir Shayari Hindi Mein
19. कश्मीर जिसे कहते हैं सब ग़ैरत-ए-फ़िरदौस
जब तू ही नहीं है पास तो दोज़ख़ से सिवा है
- मुहीउद्दीन फ़ौक़
20. कश्मीर से अयां है जन्नत का रंग अब तक
शौकत से बह रहा है दरिया-ए-गंग अब तक
- चकबस्त बृज नारायण
21. वो धूप से ख़िराम वो चेहरा के आफ़्ताब
वो बाल जैसे वादी-ए-कश्मीर में सहाब
- साग़र ख़य्यामी
उम्मीद करते हैं कि कश्मीर पर लिखे ये शेर आपको जरूर पसंद आए होंगे। आप चाहें तो इन्हें अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट भी कर सकते हैं।
