Jumma Shayari in Hindi: इस्लाम में जुमा सबसे पाक और बरकतों से भरा दिन माना जाता है। जुमे को सिर्फ सप्ताह का आखिरी दिन ही नहीं माना जाता, इसे रूह की सफाई और अल्लाह से नजदीकी का जरिया भी माना गया है। इस दिन लोग मस्जिदों में जमा होकर नमाज़ पढ़ते हैं, दिल से दुआ मांगते हैं और अपने गुनाहों की माफी चाहते हैं। ऐसा विश्वास है कि जुमा के दिन जो भी सच्चे दिल से मांगता है, वह कुछ न कुछ पा ही लेता है। सूफी परंपरा में भी जुमा को रूहानी तौर पर बहुत अहमियत दी गई है। सूफी संतों का मानना है कि जुमा, हर हफ्ते मिलने वाला खुदा का खास तोहफा है, जिसमें बंदा, खुदा के करीब आता है। इसी जुमे पर कई मशहूर शायरों ने बेहतरीन शेर लिखे हैं। पढ़ें जुमा शायरी हिंदी में:
Jumma Shayari 2 line | Jumma Shayari Urdu text
1. भागी नमाज़-ए-जुमा तो जाती नहीं है कुछ
चलता हूं मैं भी टुक तो रहो मैं नशे में हूं
- मीर तक़ी मीर
2. अपने अशआ'र में जुमअ को जुमा कहते हैं
ऐसे उस्ताद को फ़ख़रुश्शुअरा कहते हैं
- खालिद इरफ़ान
3. सुब्ह से देखेंगे रस्ता यार का
जुम'ए के दिन वा'दा है दीदार का
- मिर्ज़ा ग़ालिब
4. हर जुमा गुड-फ्राइडे है मिरा
रात भी उस की क्या सुहानी है
- जलाल ककवी
5. हदीस-ए-किसा रोज़-ए-जुमा'
सुनूं तुम से तुम्हें सुनाऊं
- ज़ेहरा अलवी
6. जुमा-ए-आख़िर-ए-माह-ए-रमज़ान है अफ़ज़ल
यूं तो जिस वक़्त में हो बज़ल-ओ-नवाल अच्छा है
- इस्माइल मेरठी
7. जब भी देखो नहाना धोना उन का रहता है चालू
संडे मंडे जुमा हफ़्ता ये मालूम न वो मालूम
- पागल आदिलाबादी
8. हज़ारों इंसान मर गए हैं
नमाज़-ए-जुमा का सारा मंज़र बदल गया है
- सय्यद फ़ाख़िर रिज़वी
9. जाता नहीं अगर वो मस्जिद से मय-कदे को
फिर 'मीर' जुमा की शब दो-दो पहर कहां है
- मीर तक़ी मीर
10. जुमा और इतवार लगा है
सस्ता फिर बाज़ार लगा है
- रफ़ी यूसुफ़ी महरम
आज जुमा है। आज अल्लाह की इबादत के खास दिन पर आप अपनों को यह शानदार जुमा शायरी भेज सकते हैं।
