Jitiya 2025 Noni Ka Saag Recipe (जितिया 2025 नोनी का साग कैसे बनता है): बिहार, उत्तर प्रदेश तो झारखंड आदि के कई हिस्सों में जितिया या जीवित्पुत्रिका व्रत बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है। ये व्रत माताएं अपनी संतान की लंबी आयु और कुशलता की कामना करने के लिए रखती है। जितिया व्रत निर्जला व्रत होता है, जो इस साल 14 सितंबर को रखा जाएगा। व्रत, पूजा करने के साथ साथ इस व्रत में खास नोनी का साग जिसे लूनी या नोनीया साग भी कहा जाता है, खाने का महत्व होता है। ये बारिश के मौसम में उगने वाली एक हरी सब्जी है। इस व्रत में 'नोनी का साग' सिर्फ एक भोजन नहीं, बल्कि श्रद्धा, आस्था और स्वास्थ्य का प्रतीक माना जाता है। निर्जला व्रत करने के बाद व्रत के पारण के वक्त महिलाएं नोनी का साग खाती हैं। ऐसे में यहां देखें नोनी का साग कैसे बनता है, रेसिपी इन हिंदी।
नोनी का साग कैसे बनता है, Noni Ka Saag Recipe in Hindi
नोनी साग वैसे तो एक जंगली घास है लेकिन इसको विशेष तरीके से पकाने के बाद ये स्वादिष्ट और बहुत ही पौष्टिक मानी जाती है। जितिया व्रत में इस साग को प्याज, लहसुन, हींग जैसे मसालों के बिना बनाया जाता है। यहां देखें नोनी साग की रेसिपी -
सामग्री
ताज़ा नोनी के पत्ते - 1 बड़ा गुच्छा
सरसों का तेल - 2 से 3 बड़े चम्मच
जीरा - ½ छोटा चम्मच
अदरक पाउडर - ½ छोटा चम्मच (व्रत के नियमानुसार)
हल्दी - ½ छोटा चम्मच
हरी मिर्च - 2 से 3 (बारीक कटी हुई)
नमक - स्वादानुसार (सेंधा नमक)
नींबू का रस - 1 छोटा चम्मच (वैकल्पिक)
नोनी साग कैसे बनता है विधि
नोनी का साग बनाने से पहले अपने हाथों में कुछ पहन लें और फिर इन पत्तों को अच्छे से धो लें। वहीं इसे अच्छे से धोने के साथ साथ अच्छे से उबालना भी जरूरी है। पानी के साथ नोनी साग को करीब करीब 5-10 मिनट तक अच्छे से उबाल लें, इससे पत्तों का कड़वापन खत्म हो जाता है। उबले हुए पत्तों को निकालकर अच्छे से ठंडा होने दें। फिर इन्हें मिक्सी में या हाथ में कुछ पहनकर अच्छे से बारीक पीस लें।
फिर आपको एक कड़ाही में सरसों का तेल गर्म करना है, और उसमें जीरा और मिर्च डालकर अच्छे से चटका लेना है। फिर तेल में पीसा हुआ साग, अदरक पाउडर और नमक, हल्दी डालकर अच्छे से मिला लें। साग को ढककर धीमी आंच पर थोड़ी देर पकाएं, बीच बीच में चलाते रहें। स्वाद के लिए आप इसमें हल्का सा नींबू का रस भी डाल सकते हैं और गरमा गर्म नोनी का साग बनकर तैयार है।
