Ichigi Ichie: आज की डेटिंग पहले से कहीं ज्यादा अलग है। परफेक्ट पार्टनर की तलाश ने कई बार लोग उलझा हुआ महसूस करने लगते हैं। रिश्ते बनने से पहले ही टूट जाते हैं। ऐसे में जापान की एक पुरानी फिलॉसफी फिर से चर्चा में है। इस फिलॉसफी को इचिगो इचिए (Ichigo Ichie) कहा जाता है। यह रिश्तों को देखने का नायाब नजरिया है।
क्या है इचिगो इचिए?
जापानी भाषा के इस शब्द का अर्थ है- हर मुलाकात जीवन में केवल एक बार होती है। इस फिलॉसफी के अनुसार, कोई भी पल या मुलाकात दोबारा बिल्कुल उसी रूप में वापस नहीं आती। इसलिए हर बातचीत, हर डेट और हर रिश्ते को पूरी ईमानदारी और मौजूदगी के साथ जीना चाहिए। डेटिंग में इसका मतलब है कि सामने वाले व्यक्ति से मिलते समय भविष्य की अनावश्यक चिंताओं या उम्मीदों में खोने के बजाय उस पल को पूरी तरह से जिया जाए।
डेटिंग को क्यों बना सकता है आसान?
आज बहुत से लोग पहली ही मुलाकात में यह तय करने लगते हैं कि क्या यही उनका जीवनसाथी होगा। कई लोग बातचीत शुरू होने से पहले ही सामने वाले का मूल्यांकन करने लगते हैं। इचिगो इचिए इस सोच को बदलने की बात करता है। यह कहता है कि हर मुलाकात का उद्देश्य शादी या लंबे रिश्ते तक पहुंचना जरूरी नहीं है। कुछ मुलाकातें सिर्फ आपको कुछ नया सिखाने, बेहतर इंसान बनाने या एक अच्छा अनुभव देने के लिए भी होती हैं। जब अपेक्षाओं का बोझ कम होता है, तो बातचीत अधिक सहज और वास्तविक हो जाती है।
टाइम्स नाउ नवभारत पर ये भी पढ़ें: जरूरी नहीं है पति की इन 5 बातों को मानना, तुरंत करें मना
लगातार नए लोगों से मिलना, रिजेक्शन झेलना और सही साथी की तलाश कई लोगों को इमोशनली थका देती है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर हर डेट को किसी एग्जाम की तरह देखने के बजाय एक अनुभव की तरह लिया जाए, तो मानसिक दबाव काफी कम हो सकता है। इचिगो इचिए इसी सोच को बढ़ावा देता है। यह हमें वर्तमान में रहने और हर मुलाकात का आनंद लेने की सीख देता है।
रिश्ते में 'प्रेजेंस' क्यों है जरूरी?
कई बार लोग डेट पर होते हुए भी पूरी तरह मौजूद नहीं होते। उनका ध्यान मोबाइल, पिछले रिश्तों या भविष्य की योजनाओं में उलझा रहता है। इचिगो इचिए कहता है कि किसी भी रिश्ते की शुरुआत का सबसे खूबसूरत हिस्सा वही होता है, जब दोनों लोग बिना किसी दिखावे के एक-दूसरे को समझने की कोशिश करते हैं। अगर उस पल को पूरी तरह जिया जाए, तो रिश्ता ज्यादा स्वाभाविक बनता है।
टाइम्स नाउ नवभारत पर ये भी पढ़ें: क्यों मैरिड लाइफ में जरूरी है ईमानदार फीडबैक
इस फिलॉसफी की सबसे खास बात यह है कि यह सफलता को केवल रिश्ते के बनने से नहीं जोड़ता। अगर कोई मुलाकात आगे नहीं बढ़ती, तब भी उसे असफल नहीं माना जाता। वह अनुभव, सीख और मेमोरी के रूप में हमेशा आपके साथ रहती है। यही सोच इंसान को निराशा से बचाती है और उसे नए लोगों से मिलने के लिए खुला रखती है।
