हेमा मालिनी और धर्मेन्द्र की पहली मुलाकात
हेमा मालिनी और धर्मेन्द्र की पहली मुलाकात फिल्म ‘तुम हसीन मैं जवान’ के सेट पर हुई थी। यह फिल्म साल 1970 में आई थी। उस समय हेमा मालिनी की खूबसूरती का हर कोई दीवाना था। ऐसे में धर्मेंद्र भी ड्रीम गर्ल की एक झलक पाने के लिए दीवाने रहते थे। लेकिन धर्मेंद्र उस वक्त शादीशुदा थे इसलिए ड्रीम गर्ल ने खासी दिलचस्पी नहीं दिखाई थी। फिल्म ‘तुम हसीन मैं जवान’(Tu Haseen Main Jawaan) में धर्मेंद्र और हेमा की जोड़ी को दर्शकों ने दिल खोलकर प्यार दिया। इसके बाद दोनों ने साथ में कई ब्लॉकबस्टर फिल्में दी। फिल्म प्रतिज्ञा में हेमा मालिनी धर्मेंद्र पर दिल हार बैठी। इस बात का खुलासा उन्होंने खुद एक इंटरव्यू के दौरान किया था।
इस सुपरस्टार से तय हुई थी हेमा की शादी
धर्मेंद्र, ड्रीम गर्ल हेमा मालिनी से प्यार तो कर बैठे थे लेकिन उनके सामने बड़ी समस्या ये थी कि वो शादीशुदा थे और अपनी पत्नी प्रकाश कौर के साथ थे। इसके साथ ही हेमा के घर वाले एक शादीशुदा मर्द से हेमा की शादी कराने के लिए बिल्कुल भी तैयार नहीं थे। ड्रीम गर्ल के माता-पिता उनकी शादी जितेंद्र से करवाना चाहते थे। हेमा को ना चाहते हुए भी अपने मां-बाप के सामने झुकना पड़ा और जितेंद्र से शादी के लिए हां करनी पड़ी थी।
हेमा की शादी तुड़वाने पहुंचे धर्मेन्द्र
धर्मेंद्र को जैसे ही हेमा मालिनी की शादी का पता चला वो वैसे ही ड्रीम गर्ल के घर पहुंचे और उन्हें जीतेंद्र से शादी ना करने के लिए मनाया।
धर्म परिवर्तन कर रचाई शादी
धर्मेंद्र ने हेमा को तो शादी करने के लिए तैयार तो कर लिया था लेकिन रास्ता फिर भी आसान नहीं था। अब इनकी शादी में जो सबसे बड़ी चुनौती आई वो थी एक्टर की पहली पत्नी प्रकाश कौर। धर्मेंद्र की पहली पत्नी प्रकाश कौर ने उन्हें तलाक देने से मना कर दिया था। लेकिन धर्मेंद्र उस वक्त हेमा मालिनी के प्यार में इस कदर पागल हो चुके थे कि उन्होंने अपना धर्म परिवर्तन करने का फैसला किया। धर्मेन्द्र ने इस्लाम धर्म कबूल कर हेमा मालिनी संग दूसरी शादी रचाई।
शादी से पहले क्यों बदलना पड़ता धर्म
हिंदू मैरिज एक्ट और मुस्लिम मैरिज एक्ट के तहत वर तथा वधु पक्षों का एक ही धर्म का होना अनिवार्य होता है। अगर दोनों का धर्म अलग है तो पर्सनल लॉ उन्हें शादी करने की इजाजत नहीं देता हैं। अगर फिर भी कोई व्यक्ति शादी के बंधन में बंधना चाहता है तो दोनों में एक को अपना धर्म बदलना होगा। अगर कोई हिंदू और मुस्लिम लड़का-लड़की मुस्लिम मैरिज एक्ट के जरिये आपस में शादी करना चाहते हैं तो हिंदू को मुस्लिम धर्म अपनाना ही होगा। वहीं, अगर दोनों हिंदू मैरिज एक्ट के जरिये शादी करना चाहते हैं तो मुस्लिम को हिंदू बनना होगा।
