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स्वस्थ रहने का ये है राज, 2026 में मान लें आयुर्वेद में बताई गई ये बात

Ayurveda Tips for Healthy body: स्वस्थ रहना है तो 2026 में ही आयुर्वेद में बताई गई बातों पर अमल करना शुरू कर दें। ये छोटे लाइफस्टाइल बदलाव हैं जो आपको हेल्दी रहने में मदद करेंगे और दवाइयों का ब्रेक लगाएंगे। यहां देखें स्वस्थ रहने की गाइडेंस कैसे आयुर्वेद से मिलती है।

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आयुर्वेद से लें स्वस्थ रहने की गाइडेंस (Pic: Canva)

Ayurveda Tips for Healthy body: क्या 2026 का आपका भी प्रण हेल्दी होने का है। तो इस मामले में आयुर्वेद में बताई गई बातों को अमल में लेकर आएं। अपनी दिनचर्या सही करें और खानपान पर ध्यान दें। दरअसल, मानव शरीर एक ऐसी मशीन की तरह काम करता है, जिसमें सर्विस से लेकर सुचारू रूप से चलने के लिए सही क्वालिटी के ईंधन की जरूरत होती है।

शरीर भी एक लय यानी रिदम के साथ चलता है। अगर ये लय सही है तो शरीर में किसी भी बीमारी की एंट्री होना बहुत मुश्किल है और बुढ़ापा भी जल्दी नहीं आता है। वैज्ञानिक भाषा में इसे 'सर्कैडियन रिदम' कहा जाता है, लेकिन आयुर्वेद में इसे आयुर्वेदिक दिनचर्या कहा जाता है, जिससे शरीर को मजबूत और रोगमुक्त बनाया जा सकता है। आज हम आपको आयुर्वेद की इसी दिनचर्या के बारे में बताएंगे।

जल्दी उठने की आदत डालें

सबसे पहले ब्रह्म मुहूर्त में उठें और शरीर से विषाक्त पदार्थों को निकलने के बाद तांबे के बर्तन में रखा पानी पीएं। बालों और त्वचा के निखार के लिए कुछ तेल की बूंदे नाभि में डालें और आंखों पर अंजन करें। दिन की शुरुआत हल्के व्यायाम और सैर से करें और फिर अभ्यंग जरूर करें। शरीर के लिए अभ्यंग बहुत जरूरी होता है, जिससे शरीर में रक्त का संचार अच्छे तरीके से होता है और मांसपेशियों की थकान भी उतर जाती है।

खाना केवल स्वस्थ रहने के लिए

अब बारी आती है आहार की। आयुर्वेद में आहार का बहुत महत्व है क्योंकि आहार सिर्फ पेट नहीं भरता है, बल्कि ये शरीर को ऊर्जा देने का काम भी करता है। दोपहर का भोजन 12 बजे से लेकर 1 बजे तक कर लें। इस समय जठराग्नि सबसे प्रबल होती है और खाना आसानी से पच जाता है। रात का भोजन हमेशा हल्का रखना चाहिए और सूर्यास्त के बाद खाना खाने से बचना चाहिए। खाना खाने के बाद बिस्तर पर सीधा लेटना नहीं है, बल्कि कुछ कदमों की हल्की सैर भी करनी है। सैर नहीं करना चाहते हैं तो कुछ समय के लिए वज्रासन में बैठें। ये आसन खाना पचाने में मदद करता है।

सही समय पर सोना है जरूरी

दूसरा सबसे जरूरी और महत्वपूर्ण समय सोने का समय है। नींद पूरे शरीर के लिए जरूरी है, क्योंकि ये मरम्मत का काम करती है। रात के समय नींद को गहरा बनाने के लिए दूध के साथ त्रिफला या हल्दी ले सकते हैं। ये नींद लाने में सहायक है और तनाव को भी कम करती है। कोशिश करें कि सोते समय बाईं करवट में रहे। बाईं करवट से सोने से शरीर का रक्त संचार सही रहता है और नींद अच्छे से आती है।

इनपुट - आईएएनएस

Medha Chawla
मेधा चावलाauthor

मेधा चावला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर एसोसिएट एडिटर हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन की लीड हैं। लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 20 वर्षों का अनुभव रखने वाली मेधा की विशेषज्ञता हेल्थ, वेलनेस, फिटनेस, मेंटल हेल्थ, डेली लाइफ इम्प्रूवमेंट, ह्यूमन-इंटरेस्ट फीचर्स और रिसर्च-बेस्ड स्टोरीज तक फैली है। उनकी लेखन शैली पाठकों को जटिल स्वास्थ्य और जीवनशैली संबंधी विषयों को आसान, समझने योग्य और व्यवहारिक रूप में प्रस्तुत करती है, जिससे उनका कंटेंट व्यापक पाठक समूह से जुड़ता है। अबतक 30,000 से अधिक कंटेंट पीस लिख चुकी मेधा की कई एक्सक्लूसिव स्टोरीज डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ट्रेंड सेट कर चुकी हैं।

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