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मार्केट में मिल रहे हैं नकली आदिवासी हेयर ऑयल, जानें घर पर बनाने का आसान तरीका, बाल होंगे घुटने तक लंबे

Adivasi Hair Oil: इन दिनों आदिवासी हेयर ऑयल की खूब चर्चा है। पूरे सोशल मीडिया पर इंफ्लूएंसर्स इसकी तारीफ कर रहे हैं। हालांकि, बाजार में एक नहीं कई सारे लोग आ गए हैं जो आदिवासी तेल बेच रहे हैं। हो सकता है आप नकली खरीद लें तो आज हम आपको घर पर ही इसे बनाने का आसान तरीका बता रहे हैं।

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best oil for hair growth

Adivasi Hair Oil: इनदिनों मार्केट में आदिवासी हेयर ऑयल की धूम मची है। हर तरफ बस इसी का नाम सुनाई दे रहा है। अब देशभर में बाल की समस्या से जूझने वाले लोगों की कमी तो है नहीं। ऐसे में कहा जाता है कि ये तेल प्राकृतिक जड़ी-बूटियों से बना है और बालों की हर समस्याओं के लिए फायदेमंद है। अब मामला यहां फंसता है कि बाजार में जितने लोग आदिवासी तेल बेच रहे हैं वो सब असली होने का दावा करते हैं। इसी बीच नकली आदिवासी हेयर ऑयल भी धड़ल्ले से बिक रहे हैं, जो आपके बालों को नुकसान पहुंचा सकता है। इसलिए, आज हम आपको घर पर ही आदिवासी तेल बनाना सिखाएंगे। आप इसे घर पर बस कुछ ही चीजों से तैयार कर सकते हैं। वैसे भी घर पर अपने हाथों से बनाया गया हेयर ऑयल न सिर्फ आपके बालों का झड़ना रोकेगा बल्कि पॉकेट के लिए भी किफायती होगा।

आदिवासी हेयर ऑयल बनाने की सामग्री-

नारियल का तेल

मेथी के बीज

कढ़ी पत्ता

आंवला

नीम

ब्राह्मी

विटामिन ई कैप्सूल (ऑप्शनल)

कैसे बनाएं आदिवासी हेयर ऑयल-

सबसे पहले मेथी के बीज, कढ़ी पत्ता, आंवला, नीम और ब्राह्मी को धोकर सुखा लें। फिर इन्हें मिक्सर में पीसकर पाउडर बना लें। अब एक पैन में नारियल का तेल डालें और इसे गर्म कर लें। गर्म तेल में जड़ी-बूटियों का पाउडर मिलाएं और अच्छी तरह से मिक्स कर लें।अगर आप विटामिन ई का इस्तेमाल करना चाहते हैं, तो एक कैप्सूल को तोड़कर तेल में मिक्स कर सकते हैं। मिश्रण को ठंडा होने दें और फिर इसे एक कांच की बोतल में भरकर स्टोर कर लें। बस आपका तेल तैयार है।

आप इस तेल को हफ्ते में दो बार अपने बालों और स्कैल्प पर लगा सकते हैं। ये बालों का झड़ना रोकता है। डैंड्रफ को दूर करता है और इसे मजबूत, मुलायम और चमकदार बनाता है।

Srishti
सृष्टिauthor

सृष्टि टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की फीचर डेस्क से जुड़ी कंटेंट राइटर हैं, जो मुख्य रूप से धर्म और लाइफस्टाइल सेक्शन के लिए लिखती हैं। सृष्टि को आध्यात्म, भारतीय संस्कृति और साहित्य में गहरी रुचि है। यही वजह है कि उनके लेखों में परंपरा, आस्था और जीवनशैली की सहज समझ खूबसूरती से दिखाई देती है। वह धार्मिक कथाओं, ग्रंथों से जुड़े विषयों, आध्यात्मिक ट्रेंड्स और समकालीन जीवनशैली पर 5,000 से अधिक लेख लिख चुकी हैं। मॉडर्न लाइफस्टाइल और पारंपरिक मूल्यों के बीच संतुलन बनाते हुए वह ऐसे कंटेंट गढ़ती हैं, जो प्रेरक होने के साथ-साथ जानकारीपूर्ण भी होता है।

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