How to identify dasheri mango: फलों के राजा आम का मौसम आ चुका है। बाजार में तरह-तरह के रसीले और स्वादिष्ट आम बिकने लगे हैं। कोई लंगड़ा आम का दीवाना है तो किसी को चौसा पसंद आता है। कोई दशहरी खाता है तो किसी को अल्फांसो आम भाते हैं। बात दशहरी की करें तो बाजार में इसके नाम पर कई तरह के आम बिकते हैं। अगर आप दशहरी आम खाने के शौकीन हैं तो यहां हम आपको बता रहे हैं कि असली दशहरी आम की पहचान क्या होती है। आइए जानते हैं कि बाजार में असली दशहरी आम की पहचान कैसै करें।
दशहरी आम की पहचान कैसे करें
दशहरी आम अपनी खास मिठास और खुशबू के कारण दुनिया भर में मशहूर है। उत्तर प्रदेश के मलीहाबाद से ताल्लुक रखने वाला यह आम अपनी पतली गुठली और भरपूर गूदे के लिए जाना जाता है। बाजार में कई बार लोग दशहरी के नाम पर दूसरे आम बेच देते हैं, इसलिए असली दशहरी की पहचान करना बेहद जरूरी है। असली दशहरी आम की पहचान के लिए निम्नलिखित बातों पर गौर करें:
1. बनावट
असली दशहरी आम की सबसे बड़ी पहचान उसका लंबा और सुडौल आकार है। यह दूसरे आमों की तरह बहुत ज्यादा गोल या अंडाकार नहीं होता। इसकी बनावट नीचे की ओर से थोड़ी नुकीली या मुड़ी हुई होती है, जिसे स्थानीय भाषा में ठुड्डी भी कहा जाता है।
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2. रंग
दशहरी आम का रंग अन्य आमों की तुलना में थोड़ा अलग होता है। कच्चा होने पर यह गहरा हरा दिखता है, लेकिन पकने के बाद इसका रंग हल्का पीला या थोड़ा हरापन लिए हुए पीला हो जाता है। अगर कोई आम पूरी तरह से गहरा केसरिया या सुर्ख पीला दिख रहा है, तो संभावना है कि वह असली दशहरी नहीं है या उसे रसायनों से पकाया गया है।
3. महक
असली दशहरी की सुगंध बहुत ही तेज और मीठी होती है। बिना काटे भी इस आम की खुशबू दूर से महसूस की जा सकती है। यदि आम से किसी भी प्रकार की रसायनिक गंध आ रही है, तो उसे खरीदने से बचें।
4. गूदा और गुठली
दशहरी आम की सबसे बड़ी विशेषता इसका रेशारहित गूदा होना है। इसे काटते समय आप पाएंगे कि इसमें धागे जैसे रेशे बिल्कुल नहीं होते। इसके अंदर की गुठली बहुत ही पतली और चपटी होती है, जिसके कारण इसमें गूदे की मात्रा अन्य आमों के मुकाबले काफी ज्यादा निकलती है।
5. स्वाद
इसका स्वाद काफी भारी और मीठा होता है। खाने के बाद इसका जायका काफी देर तक जुबान पर बना रहता है। इसमें खटास नाममात्र की भी नहीं होती।
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किन बातों से रहें सावधान
बाजार में मिलने वाले कलमी आम अक्सर दशहरी जैसे दिखते हैं, लेकिन उनमें रेशे ज्यादा होते हैं और मिठास वैसी नहीं होती। अगर आप दशहरी के शौकीन हैं तो ऊपर बताई गई बातों पर ध्यान देने के बाग ही खरीदें। यहां ये जानना भी जरूरी है कि असली दशहरी का सीजन आमतौर पर जून के मध्य से जुलाई के अंत तक रहता है, इसलिए इसी समय के दौरान मिलने वाले आमों के असली होने की संभावना सबसे अधिक होती है।
