Indian Flag Disposal Rules: भारतीय तिरंगा केवल एक झंडा नहीं, बल्कि हमारे देश की शान, सम्मान और बलिदान का प्रतीक है। आज गणतंत्र दिवस है और इस अवसर पर हम बड़े गर्व के साथ झंडा फहराते हैं। आज हर गली-मुहल्ले, स्कूल-कॉलेज में झंडा फहरता है। झंडा फहराने का नियम जानना जितना जरूरी है उससे भी ज्यादा जरूरी है ये जानना कि झंडा उतारने के बाद क्या करना चाहिए। पुराने, पिछले साल के या फटे झंडे का उचित सम्मानपूर्वक निपटान कैसे किया जाए, ताकि अनजाने में भी राष्ट्रीय ध्वज का अपमान न हो। साथ ही आज जो भी झंडे खरीदें गए हैं, उनका अब क्या करना है ये भी यहां बताया गया है।
झंडा फहराने के बाद क्या करना चाहिए?
झंडा फहराने के बाद उसे सम्मानपूर्वक सलामी दी जानी चाहिए और राष्ट्रगान गाया जाना चाहिए। यदि झंडा अस्थायी रूप से लगाया गया है, तो कार्यक्रम समाप्त होने के बाद उसे सावधानी से उतारकर साफ और सुरक्षित स्थान पर रखें। झंडा कभी भी ज़मीन पर गिरने, गंदा होने या लापरवाही से रखने नहीं देना चाहिए।
किन कामों से होगा ध्वज का अपमान-
- झंडे को जमीन पर रखना या घसीटना
- फटे या गंदे झंडे का उपयोग करना
- झंडे से कपड़े, सजावट या विज्ञापन बनाना
- झंडे को जलाना या फाड़ना अपमान के उद्देश्य से
- झंडे पर लिखना या चित्र बनाना
तिरंगे को फोल्ड करने का सही तरीका-
- तिरंगे को फोल्ड करने के लिए सबसे पहले झंडा को होरिजेंटल रखें।
- इसके बाद केसरिया और हरी पट्टी को इस तरह पीछे मोड़ें की सफेद पट्टी और बीच में अशोक चक्र ऊपर दिखे।
- इसके बाद सफेद पट्टी के दोनों किनारों को अशोक चक्र के पास इस तरह मोड़ें के ऊपर से केवल चक्र नजर आए।
- अब मोड़ें हुए झंडे को सम्मान पूर्वक सुरक्षित स्थान पर रखें।
पुराने या खराब झंडे का क्या करें?
यदि राष्ट्रीय ध्वज फट गया हो, रंग उड़ गया हो या उपयोग के योग्य न रहा हो, तो उसे फेंकना या कूड़े में डालना ध्वज का अपमान माना जाता है। ऐसे झंडे को सम्मानपूर्वक नष्ट किया जाना चाहिए। इसके लिए सबसे उचित तरीका है झंडे को अकेले और गरिमापूर्ण ढंग से जलाना या साफ कपड़े में लपेटकर सुरक्षित रूप से नष्ट करना।
राष्ट्रीय ध्वज का सम्मान करना हर भारतीय का संवैधानिक और नैतिक कर्तव्य है। यदि हम झंडा फहराने के साथ-साथ उसके संरक्षण और सही निपटान के नियमों का पालन करें, तभी सच्चे अर्थों में हमारी देशभक्ति पूर्ण मानी जाएगी। तिरंगे का सम्मान ही राष्ट्र का सम्मान है। जय हिंद।
