Hindi Par Shayari, Shayari on Hindi (हिंदी भाषा पर शायरी): अमीर खुसरों से कुमार विश्वास तक, हिंदी भाषा पर बहुत से कलमकारों ने बहुत कुछ लिखा है। सदियों से यह भाषा साहित्य की दुनिया को समृद्ध करती आई है। दरअसल हिंदुस्तान की जुबान कही जाने वाली हिंदी इतनी मीठी है कि क्या ही कहने। भारत के 150 करोड़ लोगों को जोड़ने वाली इस हिंदी भाषा में ना जाने कितनी ही कालजयी कविताएं, कहानियां, दोहे और शायरियां लिखी गई हैं। आइए यहां पढ़ते हैं हिंदी पर लिखे कुछ मशहूर शायरों के कलाम। यहां देखें हिंदी पर शायरी:
Hindi Pe Shayari
1. लिपट जाता हूं मां से और मौसी मुस्कुराती है
मैं उर्दू में ग़ज़ल कहता हूं हिन्दी मुस्कुराती है
- मुनव्वर राना
2. साफ़-सुथरी ज़बान हिन्दी है
ख़ुश-बयानी की जान हिन्दी है
- चंद्रभान कैफ़ी देहल्वी
3. मिस्ल-ए-अंजुम उफ़ुक़-ए-क़ौम पे रौशन भी हुए
बुत-ए-हिन्दी की मोहब्बत में बिरहमन भी हुए
- अल्लामा इक़बाल
4. इंग्लिश अगर न आ सकी हिन्दी तो सीख ली
उस शोख़ की निगाह में जाहिल नहीं रहा
- हाशिम अज़ीमाबादी
5. मेरी उर्दू के सब बोल तिरे
तिरी हिन्दी भाषा मोरी सजन
- इंजील सहीफ़ा
Shayari on Hindi Language
6. कोई किताब अपने ठिकाने न रह सकी
हिन्दी को फ़ारसी में मिलाते चले गए
- राजा मेहदी अली ख़ाँ
7. फ़र्क़ समझते हैं अब तक हिन्दी सिंधी पंजाबी में
इन अक़्ल के पूरे लोगों से लड़ने की हिमाक़त कौन करे
- अबुल फ़ितरत मीर ज़ैदी
8. तेग़ की हिन्दी अगर तलवार है
फ़ारसी पगड़ी की भी दस्तार है
- मिर्ज़ा ग़ालिब
9. सगी बहनों का जो रिश्ता है उर्दू और हिन्दी में
कहीं दुनिया की दो ज़िंदा ज़बानों में नहीं मिलता
- मुनव्वर राना
Hindi Bhasha Par Shayari
10. दिया 'इक़बाल' ने हिन्दी मुसलमानों को सोज़ अपना
ये इक मर्द-ए-तन-आसाँ था तन-आसानों के काम आया
- अल्लामा इक़बाल
11. हिन्दी बोलूं आरसी आए
'ख़ुसरव' कहे कोई न बताए
- अमीर ख़ुसरो
12. हिन्दी में और उर्दू में फ़र्क़ है तो इतना
वो ख़्वाब देखते हैं हम देखते हैं सपना
- अज्ञात
13. कोई देखे तो मेरी नय-नवाज़ी
नफ़्स हिन्दी मक़ाम-ए-नग़्मा ताज़ी!
- अल्लामा इक़बाल
Hindi Shayari on Hindi Diwas
14.जब से बच्चों को पसंद आई हैं हिन्दी फिल्में
मुझ को अब्बा नहीं कहते वो पिता कहते हैं
- खालिद इरफ़ान
15. भारत प्यारा देश हमारा सब देशों से न्यारा है
मज़हब कुछ हो हिन्दी हैं हम सारे भाई भाई हैं
- हामिदुल्लाह अफ़सर
16. इस ने ज़बान-ए-'मीर' को हिन्दी का रस दिया
उर्दू ग़ज़ल को इस ने नया कैनवस दिया
- दिलावर फ़िगार
17. निफ़ाक़ ओ ग़फ़लत की आड़ ले कर जियेगा मुर्दा निज़ाम कब तक
रहेंगे हिन्दी असीर कब तक रहेगा भारत ग़ुलाम कब तक
- कैफ़ी आज़मी
18. मौज-ए-हवा को चूमता आया
मेरी ज़बां थी उर्दू, हिन्दी
- अली सरदार जाफ़री
Famous Shayari on Hindi Language
19. इक 'मीर' था सो आज भी काग़ज़ में क़ैद है
हिन्दी ग़ज़ल का दूसरा अवतार मैं ही हूँ
- बशीर बद्र
20. अल-क़िस्सा अजीब ज़ीक़ में हैं हिन्दी
यूरोप का ख़ुदा कहां पर जो हामी हो
- अकबर इलाहाबादी
21. उर्दू हिन्दी प्यारी बहनें
प्यार का गहना दोनों पहनें
- जौहर रहमानी
हिंदी भाषा की शान में गढ़े ये शेर बताते हैं कि हिंदी सिर्फ भाषा नहीं है, हिंदुस्तानियों के लिए यह उनकी पहचान, सम्मान और संस्कृति का प्रतीक भी है।
