लाइफस्टाइल

Hindi Diwas 2023 Shayari: एकता की जान है, हिंदी भारत की शान हैं... इन बेहतरीन शायरियों के जरिए दें अपनों को हिंदी दिवस की शुभकामनाएं

  • Authored by: Ritu raj
  • Updated Sep 13, 2023, 06:49 AM IST

हर साल 14 सितंबर को भारतवर्ष में हिंदी दिवस मनाया जाता है। इस दिवस को मनाने का मुख्य उद्देश्य अंग्रेजी के बढ़ते चलन और हिंदी की अनदेखी को कम करना है। इसके साथ ही लोगों को हिंदी के महत्व के बारे में बताना है। हिंदी हमारी मातृभाषा है, लेकिन बावजूद इसके कई लोग ऑफिस या फिर किसी पार्टी में इस भाषा में बात करने में शर्माते हैं। 1949 में 14 सितंबर के दिन देवनागरी लिपि में लिखी हिंदी भाषा को भारत की आधिकारिक भाषा के रूप में मानयता दी थी। तभी से हर साल 14 सितंबर को हिंदी दिवस के रूप में मनाया जाता है। हिंदी दिवस को सेलिब्रेट करने के लिए स्कूल, कॉलेजों में कई तरह के प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाता है। वहीं कई शैक्षिक संस्थानों में भी हिंदी दिवस के मौके पर प्रतियोगिताओं का आयोजन होता है ताकि बच्चों को हिंदी भाषा के महत्व में बारे में बताया जा सके।Hindi Diwas 2023 Shayari Wish your loved ones a happy Hindi diwas with these wonderful shayari, poems

Image

Hindi Diwas 2023 Shayari: एकता की जान है, हिंदी भारत की शान हैं... इन बेहतरीन शायरियों के जरिए दें अपनों को हिंदी दिवस की शुभकामनाएं

Happy Hindi Diwas 2023 Shayari: हर साल 14 सितंबर को देशभर में हिंदी दिवस मनाया जाता है। इस दिवस को मनाने का मुख्य उद्देश्य अंग्रेजी के बढ़ते चलन और हिंदी की अनदेखी को कम करना है। इसके साथ ही लोगों को हिंदी के महत्व के बारे में बताना है। हिंदी हमारी मातृभाषा है, बावजूद इसके कई लोग ऑफिस या फिर किसी पार्टी में इस भाषा में बात करने में शर्माते हैं। 1949 में 14 सितंबर के दिन देवनागरी लिपि में लिखी हिंदी भाषा को भारत की आधिकारिक भाषा के रूप में मान्यता मिली थी। तभी से हर साल 14 सितंबर को हिंदी दिवस के रूप में मनाया जाता है। हिंदी दिवस को सेलिब्रेट करने के लिए स्कूल, कॉलेजों में कई तरह के प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाता है। वहीं कई शैक्षिक संस्थानों में भी हिंदी दिवस के मौके पर प्रतियोगिताओं का आयोजन होता है ताकि बच्चों को हिंदी भाषा के महत्व में बारे में बताया जा सके। इसके अलावा लोग एक-दूसरे को मैसेज, कोट्स, शायरी, संदेशों, दोहों के जरिए हिंदी दिवस की शुभकामनाएं भी भेजते हैं। ऐसे में अगर आप भी अपने दोस्तों, रिश्तेदारों और करीबियों को हिंदी दिवस की शुभकामनाएं देना चाहते हैं तो इन शायरी के जरिए विश कर सकते हैं। यहां देखें हिंदी दिवस के मजेदार मैसेज, कोट्स, शायरी, वॉलपेपर, शायरी।

वक्ताओं की ताकत भाषा,

लेखक का अभिमान हैं भाषा,

भाषाओं के शीर्ष पर बैठी,

मेरी प्यारी हिंदी भाषा

Happy Hindi Diwas 2023

एकता की जान है,

हिंदी भारत की शान हैं

Happy Hindi Diwas 2023

हिंदी पूरे विश्व का हो गान,

हिंदी को बनाये भारत की शान

Happy Hindi Diwas 2023

DIWAS10

DIWAS10

होठ खामोश थे सिसकियां कह गई,

द्वार बंद थे खिड़कियाँ कह गई,

कुछ हमने कहा कुछ हिंदी कह गई,

जो न कह पायें वो हिचकियाँ कह गई

Happy Hindi Diwas 2023

DIWAS8

DIWAS8

हिन्दुस्तान की है शान हिंदी,

हर हिन्दुस्तानी की है पहचान हिंदी,

एकता की अनुपम परम्परा है हिंदी,

हर दिल का अरमान है हिंदी।

Happy Hindi Diwas 2023

हिन्दुस्तानी हैं हम गर्व करो हिंदी भाषा पर,

सम्मान देना और दिलाना दायित्व हैं हम पर।

Happy Hindi Diwas 2023

प्यार मोहब्बत भरा है जिसमें

जिससे जुड़ी हर आशा है

मिसरी से भी मीठी है जो

वो हमारी हिंदी भाषा है।

Happy Hindi Diwas 2023

DIWAS9

DIWAS9

अंग्रेजी का हम पर असर हो गया…

हिंदी का मुश्किल सफर हो गया..

अब मे आपसे इजाजत चाहती हूं..

हिंदी की सबसे हिफाजत चाहती हूं।

Happy Hindi Diwas 2023

Ritu raj
Ritu rajauthor

<p>ऋतु राज टाइम्स नाऊ नवभारत डिजिटल में लाइफस्टाइल डेस्क में बतौर चीफ कॉफी एडिटर कार्यरत हैं। उनकी हेल्थ और लाइफस्टाइल की खबरों पर अच्छी पकड़ है। यहां वो एक्सप्लेनर और लाइफस्टाइल की ट्रेंडिंग खबरों को लोगों के लिए परोसने का काम करते हैं। उनकी फूड, पैरेंटिंग, ब्यूटी पर अच्छी पकड़ है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत डिजिटल मीडिया से की। वो बिहार के मुजफ्फरपुर जिले से ताल्लुक रखते हैं। ऋतु राज ने पिछले 6 सालों में एनडीटीवी, जनसत्ता जैसे बड़े संस्थानों में अलग अलग बीट्स पर काम किया है। हालांकि उनकी खास रूची न्यूज, लाइफस्टाइल और एंटरटेनमेंट में रही है। ऋतु राज एक वॉयस ओवर आर्टिस्ट भी रहे हैं। उन्होंने एनडीटीवी में वॉयस ओवर आर्टिस्ट के तौर पर भी काम किया है। यहां उन्होंने लोकसभा चुनाव 2019 को भी कवर किया और खबरों को धार देना सीखा। साल 2021 में एनडीटीवी से इस्तीफा देने के बाद ऋतुराज ने जनसत्ता के साथ जुड़े और यहां वेब स्टोरीज पर अपनी रफ्तार बनाई और अलग अलग एंगल से खबरों को बनाना सीखा।</p>

और पढ़ें
End of Article