Happy Mothers Day Sanskrit Wishes: आज दुनिया भर में मदर्स डे (Happy Mothers Day) मनाया जा रहा है। खास तौर पर विश्व भर की माओं के लिए यह दिन समर्पित (Mothers Day Thought) है। इस खास दिन पर हम अफनी मां को कई तरह से स्पेशल फील करा सकते हैं। हम चाहें तो मां के लिए कोई सरप्राइज चूर प्लान कर सकते हैं या फिर उनके पसंद की कोई डिश बना सकते हैं। मदर्स डे के इस खास दिन पर हम अपनी मां को शुभकामना संदेश (Happy Mothers Day Quotes) भी भेज सकते हैं। मां को भेजने के लिए हम आपके लिए लाए हैं संस्कृत में शुभकामना संदेश। ये संदेश भेज आप अपनी मां के चेहरे पर खुशी ला सकते हैं। देखिए मदर्स डे विशेज इन संस्कृत:
Mothers day quote wishes in Sanskrit (संस्कृत में मदर्स डे की शुभकामनाएं)
- मातृ दिवसस्य शुभाशयाः!
(मातृ दिवस की शुभकामनाएं)
- नास्ति मातृसमा छाया नास्ति मातृसमा गतिः।
नास्ति मातृसमं त्राणं नास्ति मातृसमा प्रपा॥
(अर्थ - माता के समान कोई छाया नहीं, कोई आश्रय नहीं, कोई सुरक्षा नहीं। माता के समान इस विश्व में कोई जीवनदाता नहीं।)
- अपि स्वर्णमयी लङ्का न मे लक्ष्मण रोचते।
जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी॥
(अर्थ- श्रीरामचंद्र बोलते हैं – हे लक्ष्मण, लंका स्वर्णमयी होते हुए भी मुझे आकर्षक नहीं लगती क्योंकि जन्म देने वाली माँ और मातृभूमि स्वर्ग से भी श्रेष्ठ होती है।)
Sanskrit Shlokas for mother (मां के लिए संस्कृत में श्लोक)
- 'यस्य माता गृहे नास्ति, तस्य माता हरितकी।'
(अर्थात, हरीतकी (हरड़) मनुष्यों की माता के समान हित करने वाली होती है।)
- 'जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गदपि गरीयसी।'
(अर्थात, जननी और जन्मभूमि स्वर्ग से भी बढ़कर है।)
- 'माता गुरुतरा भूमेरू।'
(अर्थात, माता इस भूमि से कहीं अधिक भारी होती हैं।)
- मातृ देवो भवः।
(भावार्थ: माता देवताओं से भी बढ़कर होती है।)
राजपत्नी गुरोः पत्नी मित्रपत्नी तथैव च।
पत्नीमाता स्वमाता च पञ्चैता मातरः स्मृता॥
(अर्थ- राजा की पत्नी, गुरु की पत्नी, मित्र की पत्नी, तथा पत्नी की माता और अपनी माता, इन पाँच को माताएँ माना जाता है।)
Happy Mothers Day Sanskrit Wishes
- गुरुणामेव सर्वेषां माता गुरुतरा स्मृता।
(अर्थ - सब गुरुओं में माँ को सर्वश्रेष्ठ माना गया है।)
आपदामापन्तीनां हितोऽप्यायाति हेतुताम् ।
मातृजङ्घा हि वत्सस्य स्तम्भीभवति बन्धने ॥
(अर्थ- जब विपत्तियां आने को होती हैं, तो हितकारी भी उनमें कारण बन जाता है ।
बछड़े को बांधने मे माँ की जांघ ही खम्भे का काम करती है ।)
