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गुड़हल के पौधे में डाल दें ये सफेद चीज, देसी खाद का करेगी काम, भर भर कर आएंगे फूल

Gardening Tips: गुड़हल के पौधे में ढेर सारे फूल चाहिए तो ये सफेद चीज पौधे की जड़ में डाल दें। इससे पौधे में भर भर कर फूल आएंगे और घर का कोना सुंदर हो जाएगा।

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गुड़हल के पौधे में लस्सी डालने से क्या होता है

Gardening Tips: गर्मियों के दिनों में गुड़हल के पौधे (Hibiscus Plant Care) को खास देखभाल की आवश्यकता होती है। तेज धूप और ज़्यादा गर्मी में पौधे जल्दी मुरझाने लगते हैं। ऐसे में जरूरी है कि उसकी मिट्टी में नमी बनी रहेगी और पौधा ज्यादा देर तक सीधी धूप में न रहे। अगर आप चाहते हैं कि गुड़हल के पौधे में खूब फूल आएं तो इसके लिए आपको थोड़ा ध्यान देना होगा। आज हम आपको एक ऐसा उपाय बता रहे हैं जिसे अपनाकर आप अपने गुड़हल के पौधे को मजबूत और हरा भरा (How To) बना सकते हैं। इससे न सिर्फ़ फूलों की संख्या बढ़ती है, बल्कि बाद ही भी स्वस्थ रहते हैं।

गुड़हल के पौधे में लस्सी डालने से क्या होगा

गुड़हल के पौधे में लस्सी से यह हरा भरा रहता है और इसमें ढेरों फूल आते हैं। हालांकि कभी भी लस्सी को सीधे पौधे में डालने की गलती नहीं करना चाहिए। इसके लिए एक खास अनुपात का पालन करना जरूरी है। एक कप खट्टी लस्सी लें और उसे दस कप पानी में अच्छी तरह मिलाएं। लस्सी को पानी के साथ पतला करना अनिवार्य है ताकि पौधा इसे आसानी से सोख सके और मिट्टी में किसी भी तरह की चींटियां या बदबू की समस्या न हो।

गुड़हल के पौधे में लस्सी कैसे डालें

पौधे के लिए लस्सी बनाने के लिए एक कप दही में तीन से चार कप पानी मिलाएं और अच्छे से फेंट लें। ध्यान रहें इसे ज्यादा गाढ़ा नहीं रखना चाहिए। फिर इस लस्सी को पानी में मिलाकर पतला करें और पौधे की मिट्टी में डालें। इस लस्सी फर्टिलाइजर को डालने से पहले गमले की मिट्टी की हल्की गुड़ाई जरूर करें। गुड़ाई करने से हवा का संचार बढ़ता है और खाद जड़ों तक गहराई से पहुंचती है। इस मिश्रण को महीने में कम से कम दो बार अपने गुड़हल के पौधे में डालें। सुबह या शाम का समय खाद डालने के लिए सबसे उपयुक्त होता है, क्योंकि तेज धूप में खाद का असर कम हो जाता है।

गुड़हल के पौधे में लस्सी डालने के फायदे

अगर पौधे में सही मात्रा में लस्सी डाली जाए, तो यह मिट्टी को थोड़ा उपजाऊ बना सकती है। इससे पौधे की जड़ों को प्राकृतिक पोषण मिलता है और पौधा स्वस्थ दिख सकता है। यह एक घरेलू और प्राकृतिक तरीका है, जिससे पौधे में केमिकल खाद की जरूरत कम हो जाती है। लस्सी में प्रचुर मात्रा में कैल्शियम और फास्फोरस पाया जाता है। फास्फोरस का मुख्य काम जड़ों को मजबूत करना और कलियां बनाने में मदद करना होता है। वहीं कैल्शियम पौधे की कोशिकाओं को मजबूती देता है, जिससे फूल बड़े आकार के खिलते हैं और उनकी पंखुड़ियां चमकदार और ताजी नजर आती हैं।

गुड़हल के पौधे के लिए कैसी लस्सी चुनें

इस नुस्खे की सबसे जरूरी शर्त यह है कि लस्सी ताजी नहीं होनी चाहिए। एक्सपर्ट की सलाह है कि आप कम से कम 3-4 दिन पुरानी खट्टी लस्सी का ही उपयोग करें। लस्सी जितनी पुरानी और खट्टी होगी, उसमें उतने ही ज्यादा लाभकारी सूक्ष्मजीव पनपेंगे। जो मिट्टी में जाकर उसे उपजाऊ बनाते हैं और फंगस जैसी समस्याओं से लड़ने में पौधे की मदद करते हैं।

यह लेख मूल रूप से गौरंगी (Gaurangi) द्वारा लिखा गया है, वह टाइम्स नाउ नवभारत के साथ बतौर इंटर्न जुड़ी हुई हैं।

Medha Chawla
मेधा चावला author

मेधा चावला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर एसोसिएट एडिटर हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन की लीड हैं। लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 20 वर्षों का अनुभव रखने वा... और देखें

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