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Google Doodle Celebrates Marie Tharp: मैरी थार्प की याद में गूगल ने बनाया अनोखा डूडल, जानें उनसे जुड़ी कुछ खास बातें

  • Authored by: दीपक पोखरिया
  • Updated Nov 21, 2022, 10:30 AM IST

American geologist Marie Tharp: मैरी थार्प का जन्म 30 जुलाई, 1920 को यप्सिलंती, मिशिगन में हुआ था। मैरी अपने माता-पिता की इकलौती संतान थी। मैरी थार्प के पिता अमेरिकी कृषि विभाग के लिए काम करते थे और उन्होंने ही सबसे पहले मैरी को मैपमेकिंग के बारे में शुरुआती जानकारी दी।

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मैरी थार्प की याद में गूगल ने बनाया अनोखा डूडल।

American geologist Marie Tharp: गूगल (Google) अपने डूडल (Doodle) के जरिए समय-समय पर कई बड़ी हस्तियों को याद करता है। इसी कड़ी में गूगल ने आज 21 नवंबर 2022 को अमेरिकन जियोलॉजिस्ट मैरी थार्प (Marie Tharp) का डूडल बनाकर उन्हें याद किया। मैरी थार्प जियोलॉजिस्ट होने के साथ-साथ समुद्र विज्ञान मानचित्रकार भी हैं। मैरी थार्प ने समुद्र तल का पहला विश्व मानचित्र सह-प्रकाशित किया। 21 नवंबर 1998 को कांग्रेस के पुस्तकालय ने उन्हें 20वीं शताब्दी के महानतम मानचित्रकारों में से एक नामित किया था।

30 जुलाई, 1920 को हुआ था मैरी थार्प का जन्म

मैरी थार्प का जन्म 30 जुलाई, 1920 को यप्सिलंती, मिशिगन में हुआ था। मैरी अपने माता-पिता की इकलौती संतान थी। मैरी थार्प के पिता अमेरिकी कृषि विभाग के लिए काम करते थे और उन्होंने ही सबसे पहले मैरी को मैपमेकिंग के बारे में शुरुआती जानकारी दी।

मैरी थार्प ने मिशिगन विश्वविद्यालय से पेट्रोलियम भूविज्ञान में मास्टर डिग्री ली। साल 1948 में वह न्यूयॉर्क शहर चली गईं और लैमोंट भूवैज्ञानिक ऑब्जर्वेटरी में काम करने वाली पहली महिला बनीं, जहां मैरी की मुलाकात भूविज्ञानी ब्रूस हेजेन से हुई।

साल 1957 में थार्प और हेजेन ने उत्तरी अटलांटिक में समुद्र तल का पहला नक्शा सह-प्रकाशित किया। दो दशक बाद नेशनल ज्योग्राफिक ने थार्प और हेजेन द्वारा "द वर्ल्ड ओशन फ्लोर" शीर्षक से पूरे महासागर तल का पहला विश्व मानचित्र प्रकाशित किया। साल 1995 में थार्प ने अपना पूरा नक्शा संग्रह लाइब्रेरी ऑफ कांग्रेस को दान कर दिया। साल 2001 में लैमोंट जियोलॉजिकल ऑब्जर्वेटरी ने थार्प ने को अपने पहले वार्षिक लैमोंट-डोहर्टी हेरिटेज अवार्ड से सम्मानित किया।

दीपक पोखरिया
दीपक पोखरियाauthor

पहाड़ से हूं, इसलिए घूमने फिरने का शौक है। दिल्ली-नोएडा से ज्यादा उत्तराखंड में ही मन लगता है। कई मीडिया संस्थानों से मेरी करियर यात्रा गुजरी है और मई 2022 से Times Network में timesnowhindi.com के साथ जुड़ा हूं। यहां शुरूआत खबरों से हुई और अब नजरें फीचर टीम के जरिए पाठकों की पसंद के लेख लिखने पर रहती है। घुमक्कड़ी पसंद होने की वजह से मुख्य जिम्मेदारी timesnowhindi.com/travel की है। वैसे मैं देवभूमि उत्तराखंड के नैनीताल से हूं और यहीं पर जन्म हुआ। पढ़ाई की शुरुआत फिरोजपुर (पंजाब) से हुई। इसके बाद लखनऊ (उत्तर प्रदेश), रामपुर (उत्तकर प्रदेश), हल्द्वानी (उत्तराखंड) होते हुए देश की राजधानी दिल्ली से पढ़ाई की। हल्द्वानी के एमबीपीजी कॉलेज से ग्रेजुएशन पूरा किया। साथ ही NIIT से GNIIT किया। इसके बाद दिल्ली से भारतीय विद्या भवन से पत्रकारिता की पढ़ाई की। मीडिया में 12 साल से ज्यादा का अनुभव। टीवी, वेबसाइट और मोबाइल ऐप में अब तक काम किया। नौकरी की शुरुआत 2011 से की। अभी टाइम्स नाऊ नवभारत में 2 से अधिक सीनियर करोस्पेंडट के पद पर हूं। यात्रा सेक्शन से जुड़ने से पहले करीब डेढ़ साल पहले तक न्यूज में ही काम किया।

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