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World Soil Day 2025: आज मनाया जा रहा है विश्व मिट्टी दिवस, जाने इसका महत्व और इस साल की थीम

विश्व मृदा दिवस 2025, World Soil Day 2025: हर साल 5 दिसंबर को विश्व मृदा/मिट्टी दिवस मनाया जाता है। पृथ्वी को जीवित रखने हेतु मिट्टी की बहुत बड़ी भूमिका होती है। वैश्विक स्तर पर मिट्टी संरक्षण के महत्व देने हेतु ये दिन मनाया जाता है। विस्तार से यहां पढ़ें क्यों मनाया जाता है मृदा दिवस, इस साल की थीम क्या है।

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World Soil Day

विश्व मृदा दिवस 2025, World Soil Day 2025: मिट्टी हमारे लिए सिर्फ जमीन नहीं, बल्कि जीवन का आधार भी है। ऐसे में हर साल 5 दिसंबर को दुनिया भर में विश्व मिट्टी या मृदा दिवस मनाया जाता है। धरती की मिट्टी हमारे जीवन और ग्रह की सेहत की नींव है। संयुक्त राष्ट्र के खाद्य एवं कृषि संगठन द्वारा मिट्टी के स्वस्थ प्रबंधन और मिट्टी संसाधनों के संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए ये दिन मनाया जाता है। मिट्टी एक ऐसा प्राकृतिक संसाधन है, जो हमारे भोजन, पानी और जलवायु स्थिरता का आधार है। स्वस्थ मिट्टी पानी को छानती और शुद्ध करती है, बाढ़ को नियंत्रित करने में मदद करती है और वातावरण से कार्बन को सोख कर जलवायु परिवर्तन से लड़ने में अहम भूमिका निभाती है।

क्या है इतिहास

अंतर्राष्ट्रीय मृदा विज्ञान संघ (IUSS) के प्रस्ताव से शुरू हुआ था, जिसने 2002 में इस दिन को मनाने की सिफारिश की थी। थाईलैंड के राजा भूमिबोल अदुल्यादेज के योगदान के बाद, FAO ने इस पहल का समर्थन किया। संयुक्त राष्ट्र महासभा ने दिसंबर 2013 में इसे आधिकारिक रूप से अपनाया और पहला आधिकारिक विश्व मृदा दिवस 5 दिसंबर, 2014 को मनाया गया।

क्यों है महत्वपूर्ण

लेकिन, प्रदूषण, खेती, अति उपयोग, प्रदूषण, शहरीकरण आदि की वजह से मिट्टी की सेहत दिन-प्रतिदिन खराब हो रही है। इससे उपजाऊ जमीन घट रही है, भूमि कटान हो रहा है, जल संसाधन प्रभावित हो रहे हैं। इस दिन का उद्देश्य लोगों और सरकारों का ध्यान मिट्टी की अहमियत और उसकी रक्षा की जरूरत की ओर लाना है, ताकि मिट्टी को संरक्षित करके खेती, खाद्य सुरक्षा, जल-विविधता, पर्यावरण संतुलन और हमारे भविष्य को सुरक्षित बना सकें।

इस साल की थीम क्या है

विश्व मृदा दिवस की इस साल की थीम है स्वस्थ मिट्टी, स्वस्थ शहर.. जो ये संदेश देता है कि, शहरों की नींव सिर्फ इमारतें नहीं, बल्कि मिट्टी की सेहत भी है। ऐसा करने पर पेड़-पौधे अच्छी तरह बढ़ेंगे, हवा की गुणवत्ता सुधरेगी, बारिश का पानी जमीन में जाएगा, हरियाली बढ़ेगी तो वातावरण बेहतर बनेगा।

Avni Bagrola
अवनि बागरोलाauthor

अवनी बागरोला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के लाइफस्टाइल सेक्शन में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं। फैशन, ब्यूटी, ट्रेंड्स, पर्सनल स्टाइलिंग और आधुनिक जीवनशैली से जुड़े कंटेंट पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें युवा और स्टाइल-सेवी ऑडियंस के बीच खास पहचान दिलाती है। अवनी की लेखन शैली सरल, ट्रेंडी और यूज़र-फ्रेंडली है, जो पाठकों को तेजी से बदलते फैशन व लाइफस्टाइल ट्रेंड्स को समझने में मदद करती है। अब तक 2,500 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुकी अवनी क्रिएटिव अप्रोच, अपडेटेड नॉलेज और रियल-टाइम ट्रेंड सेंस के लिए जानी जाती हैं।

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