Fortified Milk Vs Egg Yolk: आजकल विटामिन डी (Vitamin D) की कमी काफी आम हो गई है, खासकर उन लोगों में जो ज्यादा समय घर या ऑफिस में रहते हैं और धूप कम लेते हैं। इसकी कमी से हड्डियां कमजोर होना, शरीर में थकान और इम्युनिटी का गिरना जैसी समस्याएं देखने को मिल सकती हैं। ऐसे में लोग अक्सर सोचते हैं कि रोज की डाइट में क्या शामिल करें जिससे विटामिन डी की जरूरत पूरी हो सके। फोर्टिफाइड दूध और अंडे की जर्दी दो ऐसे आसान और आम विकल्प हैं, जो लगभग हर घर में मिल जाते हैं। लेकिन सवाल यही है कि इनमें से ज्यादा फायदा किससे मिलता है।
विटामिन डी शरीर के लिए क्यों इतना जरूरी है
विटामिन डी सिर्फ एक विटामिन नहीं, बल्कि शरीर के कई जरूरी कामों में मदद करता है। यह कैल्शियम को शरीर में सही तरीके से अब्जॉर्ब कराने में मदद करता है, जिससे हड्डियां मजबूत रहती हैं। अगर शरीर में विटामिन डीकम हो जाए तो हड्डियों में दर्द, कमजोरी और बार-बार थकान जैसी दिक्कतें शुरू हो सकती हैं। इसके अलावा यह इम्युनिटी को भी मजबूत रखने में मदद करता है, ताकि शरीर छोटी-बड़ी बीमारियों से बेहतर तरीके से लड़ सके।
फोर्टिफाइड दूध में विटामिन डी कितना होता है
फोर्टिफाइड दूध वह दूध होता है जिसमें अलग से विटामिन डी मिलाया जाता है ताकि शरीर को इसकी पर्याप्त मात्रा मिल सके। आम तौर पर एक ग्लास फोर्टिफाइड दूध से लगभग 400 IU तक विटामिन डी मिल सकता है। दूध में पहले से मौजूद कैल्शियम और प्रोटीन के साथ जब विटामिन डी जुड़ जाता है तो यह हड्डियों के लिए और भी ज्यादा फायदेमंद बन जाता है। यही कारण है कि कई डॉक्टर इसे रोज की डाइट में शामिल करने की सलाह देते हैं।
अंडे की जर्दी में विटामिन डी की मात्रा
अंडे की जर्दी भी विटामिन डी का अच्छा नैचुरल सोर्स मानी जाती है। एक अंडे की जर्दी से लगभग 37 से 40 IU तक विटामिन डी मिल सकता है। हालांकि मात्रा फोर्टिफाइड दूध से कम होती है, लेकिन अंडे में मौजूद हेल्दी फैट और प्रोटीन शरीर को एनर्जी देने और मसल्स की सेहत के लिए अच्छे माने जाते हैं। इसलिए इसे भी बैलेंस डाइट का हिस्सा बनाना फायदेमंद रहता है।
दोनों की तुलना में कौन ज्यादा बेहतर है
अगर सीधे तौर पर देखा जाए तो फोर्टिफाइड दूध में विटामिन डी की मात्रा अंडे की जर्दी से ज्यादा होती है। इसलिए जिन लोगों में विटामिन डी की कमी ज्यादा है, उनके लिए फोर्टिफाइड दूध एक आसान और प्रभावी विकल्प हो सकता है। लेकिन अंडे की जर्दी भी शरीर के लिए जरूरी न्यूट्रिशन देती है, इसलिए इसे पूरी तरह नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। दोनों का अलग-अलग तरीके से शरीर को फायदा मिलता है।
सिर्फ डाइट से विटामिन डी पूरा क्यों मुश्किल है
एक जरूरी बात यह भी है कि सिर्फ खाने-पीने से ही विटामिन डी की पूरी जरूरत पूरा करना हमेशा आसान नहीं होता। हमारे शरीर को विटामिन डी बनाने के लिए धूप भी बहुत जरूरी होती है। अगर आप रोज थोड़ा समय सुबह की हल्की धूप में बिताते हैं, तो शरीर प्राकृतिक रूप से विटामिन डी बना लेता है, जिससे डाइट का असर और बेहतर हो जाता है।
सही डाइट प्लान क्या होना चाहिए
सबसे अच्छा तरीका यही है कि डाइट में बैलेंस रखा जाए। फोर्टिफाइड दूध और अंडे की जर्दी दोनों को सही मात्रा में शामिल करना बेहतर विकल्प हो सकता है। साथ ही रोज थोड़ी धूप लेना भी जरूरी है। अगर किसी को लगातार कमजोरी या विटामिन डी की कमी महसूस हो रही है, तो डॉक्टर से सलाह लेकर टेस्ट और सप्लीमेंट लेना भी सही रहता है।
डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।
