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Fathers Day 2026: कहीं बाबा, कहीं अप्पा, कहीं अब्बा... जानिए भारत में पापा को किन नामों से बुलाते हैं

भारत भाषाओं का देश है, इसलिए यहां पापा को भी अलग-अलग नामों से पुकारा जाता है। कहीं बाबा, कहीं अप्पा तो कहीं अब्बा। फादर्स डे पर जानिए देश के विभिन्न हिस्सों में पिता को किन नामों से बुलाते हैं।

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भारत में पापा को किन नामों से बुलाते हैं

पिता केवल एक रिश्ता नहीं, बल्कि जीवन, मार्गदर्शन और स्नेह का दूसरा नाम भी हैं। यही वजह है कि दुनिया भर में फादर्स डे को खास उत्साह के साथ मनाया जाता है। भारत जैसे विविधता से भरे देश में पिता के लिए प्यार जताने का तो बुलाने का तरीका भी जगह जगह के हिसाब से बहुत अनोखा और अलग है। यहां भाषा बदलती है तो संबोधन भी बदल जाता है।

उत्तर भारत में जहां बच्चे अपने पिता को पापा, बाबूजी कहकर बुलाते हैं, वहीं दक्षिण भारत में अप्पा जैसे शब्द सुनने को मिलते हैं। वहीं कुछ जगहों पर बाबा, डैडी प्रचलित है तो कई मुस्लिम परिवारों में अब्बा या अब्बू कहा जाता है। दिलचस्प बात यह है कि ये सभी नाम अलग-अलग भाषाओं और संस्कृतियों से जुड़े होने के बावजूद एक ही भावना को व्यक्त करते हैं। जो है पिता के प्रति सम्मान और अपनापन। इस फादर्स डे पर आइए जानते हैं कि भारत के अलग-अलग हिस्सों में पापा को किन नामों से पुकारा जाता है।

उत्तर भारत में पापा, बाबूजी और बाबा

दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, हरियाणा और राजस्थान जैसे राज्यों में 'पापा' सबसे आम संबोधन है। वहीं पारंपरिक परिवारों में 'बाबूजी' शब्द आज भी सम्मान के साथ इस्तेमाल किया जाता है। कई ग्रामीण इलाकों में बच्चे अपने पिता को 'बाबा' भी कहते हैं।

बंगाल और पूर्वी भारत में बाबा

पश्चिम बंगाल, ओडिशा और कुछ पूर्वोत्तर क्षेत्रों में 'बाबा' शब्द बेहद लोकप्रिय है। यह संबोधन स्नेह और सम्मान दोनों का प्रतीक माना जाता है। बंगाली संस्कृति में 'बाबा' शब्द भावनात्मक रूप से काफी गहराई रखता है।

Fathers day

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दक्षिण भारत में अप्पा और अच्चन

तमिलनाडु और कर्नाटक में पिता को अक्सर 'अप्पा' कहा जाता है। वहीं केरल में 'अच्चन' और कई घरों में 'अप्पन' शब्द भी सुनने को मिलता है। ये शब्द पीढ़ियों से पारिवारिक परंपरा का हिस्सा बने हुए हैं।

अब्बा और अब्बू की मिठास

भारत के मुस्लिम परिवारों में पिता को 'अब्बा' या 'अब्बू' कहकर बुलाना आम बात है। इन शब्दों में अपनापन और सम्मान दोनों झलकते हैं। बच्चे अक्सर इन्हीं संबोधनों के साथ अपने पिता से भावनात्मक जुड़ाव महसूस करते हैं।

भाषा अलग, भावना एक

चाहे कोई अपने पिता को पापा कहे, बाबा, डैडी, अप्पा या अब्बा हर नाम के पीछे वही प्रेम, विश्वास और सम्मान छिपा होता है। यही भारत की खूबसूरती है कि यहां भाषाएं अलग हैं, लेकिन रिश्तों का स्नेह हर जगह एक जैसी है।

Avni Bagrola
अवनी बागरोलाauthor

अवनी बागरोला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के लाइफस्टाइल सेक्शन में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं। फैशन, ब्यूटी, ट्रेंड्स, पर्सनल स्टाइलिंग और आधुनिक जीवनशैली से जुड़े कंटेंट पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें युवा और स्टाइल-सेवी ऑडियंस के बीच खास पहचान दिलाती है। अवनी की लेखन शैली सरल, ट्रेंडी और यूज़र-फ्रेंडली है, जो पाठकों को तेजी से बदलते फैशन व लाइफस्टाइल ट्रेंड्स को समझने में मदद करती है। अब तक 2,500 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुकी अवनी क्रिएटिव अप्रोच, अपडेटेड नॉलेज और रियल-टाइम ट्रेंड सेंस के लिए जानी जाती हैं।

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