लाइफस्टाइल

जिम वाली साइकिल या सड़क पर चलाने वाली – सेहत के लिए कौन सी बेहतर, किससे जल्दी घटता है वजन

वेट लॉस करने वाले लोगों को अक्सर साइकिलिंग करते हुए देखा जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि वेट लॉस के लिए जिम वाली साइकिल या सड़क पर चलाने वाली साइकिल दोनों में से कौन बेहतर है।

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जिम साइकिल या रोड़ वाली साइकिल कौन बेहतर है?

Gym Cycle VS Road Cycling: सुबह का समय था और पार्क के बाहर कुछ लोग अपनी साइकिल लेकर रोड़ पर तेज रफ्तार से निकल रहे थे, वहीं दूसरी ओर जिम के अंदर कई लोग स्टेशनरी बाइक पर पसीना बहा रहे थे। इन दोनों का मकसद फिट रहना और वजन कम करना ही था। लेकिन सवाल यह है कि अगर आपका लक्ष्य तेजी से वजन घटाना और फिटनेस सुधारना है, तो जिम वाली साइकिल बेहतर है या सड़क पर चलने वाली साइकिल? आज 3 जून विश्व साइकिल दिवस (World Bicycle Day) के मौके पर हम इस बात की गहना से पड़ताल करते जा रहे हैं। कि स्टेशनरी बाइक बेहतर है या सड़क पर चलने वाली साइकिल? इस सवाल का जवाब देते हुए जिम संचालक और फिटनेस ट्रेनर हिमांशु चौहान कहते हैं कि अक्सर मुझसे भी यह सवाल पूछा जाता है। जिसका जवाब एक लाइन में दूं तो सच यह है कि दोनों के अपने-अपने फायदे हैं, लेकिन सही चुनाव आपकी जरूरत, लाइफस्टाइल और फिटनेस गोल पर निर्भर करता है। आइए विस्तार से समझते हैं कि वजन घटाने, कैलोरी बर्न करने और ओवरऑल फिटनेस के लिए कौन-सी साइकिलिंग ज्यादा असरदार साबित हो सकती है।

सबसे पहले दोनों साइकिलों का अंतर समझें

जिम में इस्तेमाल होने वाली साइकिल (स्टेशनरी बाइक) और सड़क पर चलने वाली साइकिल देखने में भले ही एक जैसी लगें, लेकिन इनके इस्तेमाल का अनुभव पूरी तरह अलग होता है।

जिम वाली स्टेशनरी बाइक एक जगह पर खड़े रहकर चलाई जाती है। इसमें बैलेंस बनाने की जरूरत नहीं होती और इसे चलाते समय शरीर पर मौसम का कोई असर नहीं पड़ता है। वहीं दूसरी ओर, रोड साइक्लिंग में आपको वास्तविक रास्तों, चढ़ाई, उतराई, हवा और ट्रैफिक जैसी परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। यह अनुभव अधिक डायनेमिक और चुनौतीपूर्ण होता है।

क्या कहता है वेट लॉस का गणित

वजन कम करने का सीधा संबंध कैलोरी बर्न से है। यानी जितनी अधिक कैलोरी खर्च होगी, वेट लॉस की प्रोसेस उतनी ही तेज हो सकती है। आपको बता दें कि औसतन 70 किलो वजन वाला व्यक्ति स्टेशनरी बाइक पर नॉर्मल स्पीड से 30 मिनट में लगभग 250-350 कैलोरी बर्न कर सकता है। इसके अलावा हाई-इंटेंसिटी स्पिनिंग सेशन में 400-600 कैलोरी तक खर्च हो सकती हैं। जबकि रोड साइक्लिंग में गति और रास्ते के अनुसार आप 30 मिनट में लगभग 300-700 कैलोरी तक बर्न कर सकते हैं।

यानी केवल आंकड़ों के आधार पर भी देखें तो सड़क पर साइकिल चलाना ज्यादा कैलोरी खर्च करा सकता है, क्योंकि इसमें पूरे शरीर की भागीदारी हो जाती है। जबकि जिम में साइकिल चलाने पर केवल आपकी लोअर बॉडी एक्टिव रहती है।

साइकिलिंग और कैलोरी बर्न का गणित

साइकिलिंग और कैलोरी बर्न का गणित

क्यों ज्यादा असरदार है सड़क पर साइकिलिंग

दरअसल जब आप सड़क पर साइकिल चलाते हैं तो आपके शरीर को हवा के प्रतिरोध का सामना करना पड़ता है। यही अतिरिक्त मेहनत कैलोरी बर्न की रफ्तार को बढ़ाती है। इसके अलावा रास्ते में मिलने वाली चढ़ाई पैरों की मांसपेशियों को अधिक मेहनत करने पर मजबूर करती है। इससे हार्ट रेट बढ़ता है और ज्यादा एनर्जी खर्च होती है। इतना ही नहीं रोड साइकिलिंग में केवल पैर ही नहीं, बल्कि कोर, कंधे, पीठ और हाथ भी एक्टिव रहते हैं। इससे शरीर ज्यादा ऊर्जा खर्च करता है। जो आपकी वेट लॉस में काफी ज्यादा मदद कर सकता है।

जिम में साइकिल चलाना भी है असरदार

बहुत से लोग मानते हैं कि स्टेशनरी बाइक केवल शुरुआती लोगों के लिए होती है, जबकि वास्तविकता इससे अलग है। आजकल जिम में मिलने वाली स्पिन बाइक और एडवांस्ड स्टेशनरी बाइक्स बेहद प्रभावी वर्कआउट देती हैं।

जिम में साइकिल चलाते समय आपको गर्मी, बारिश, प्रदूषण या ट्रैफिक की चिंता नहीं होती। इसलिए आप किसी भी मौसम में नियमित एक्सरसाइज कर सकते हैं। इसके अलावा HIIT (हाई इंटेंसिटी इंटरवल ट्रेनिंग) के लिए स्टेशनरी बाइक शानदार विकल्प है। इसमें रेजिस्टेंस और स्पीड को आसानी से नियंत्रित किया जा सकता है। इसके साथ ही इस दौरान आपको बैलेंस बिगड़ने, फिसलने या दुर्घटना की संभावना लगभग नहीं होती है।

इसके साथ ही यदि केवल वजन घटाने की बात करें तो उत्तर थोड़ा दिलचस्प है। साइकिलिंग कर रहे शुरुआती लोगों के लिए जिम वाली बाइक बेहतर साबित हो सकती है क्योंकि-

  • नियमितता बनी रहती है।
  • चोट का खतरा कम होता है।
  • वर्कआउट को नियंत्रित करना आसान होता है।

इसके अलावा एडवांस फिटनेस लेवल वालों के लिए सड़क पर साइकिल चलाना ज्यादा फायदेमंद हो सकता है क्योंकि-

  • लंबे समय तक साइकिलिंग संभव होती है।
  • अधिक कैलोरी बर्न होती है।
  • शरीर को अलग-अलग चुनौतियां मिलती हैं।

इसलिए एक फिटनेस एक्सपर्ट के रूप में मैं कहूंगा कि वजन घटाने में सबसे महत्वपूर्ण चीज साइकिल का प्रकार नहीं, बल्कि आपकी निरंतरता है।

कम टाइम हो तो क्या करें

आज की व्यस्त जिंदगी में हर किसी के पास घंटों एक्सरसाइज का समय नहीं होता। ऐसे लोगों के लिए स्टेशनरी बाइक ज्यादा व्यावहारिक विकल्प हो सकती है। 20-30 मिनट का HIIT सेशन भी शानदार परिणाम दे सकता है। जबकि रोड साइकिलिंग का पूरा आनंद लेने के लिए आमतौर पर अधिक समय निकालना पड़ता है।

फिटनेस एक्सपर्ट की सलाह

हिमांशु कहते हैं कि अगर कोई मुझसे पूछे कि केवल एक विकल्प चुनना हो तो क्या करें, तो मेरा जवाब होगा कि, आप उसे चुनें जिसे आप लंबे समय तक लगातार कर सकें।

जिम वाली बाइक चुनें यदि-

  • आप शुरुआती हैं।
  • आपका वजन ज्यादा है।
  • मौसम या प्रदूषण की समस्या है।
  • आपके पास समय सीमित है।
  • सुरक्षित वातावरण चाहते हैं।

सड़क वाली साइकिल चुनें यदि-

  • आपको आउटडोर एक्टिविटी पसंद हैं।
  • एडवेंचर पसंद है।
  • लंबी दूरी तय करना अच्छा लगता है।
  • ज्यादा कैलोरी बर्न करना चाहते हैं।
क्या कहते हैं फिटनेस एक्सपर्ट

क्या कहते हैं फिटनेस एक्सपर्ट

क्या है वेट लॉस का असली राज

तो समझे आप जिम वाली साइकिल हो या सड़क पर चलने वाली, दोनों ही बेहतरीन फिटनेस टूल हैं। सड़क पर साइकिलिंग थोड़ी ज्यादा कैलोरी बर्न करा सकती है, जबकि स्टेशनरी बाइक नियमित और सुरक्षित वर्कआउट का मौका देती है।

यदि आपका लक्ष्य केवल तेजी से वजन घटाना नहीं बल्कि लंबे समय तक स्वस्थ रहना है, तो उस विकल्प को चुनें जिसे आप रोजाना खुशी-खुशी कर सकें। वहीं यदि आप तेजी से वजन कम करना चाहते हैं, तो आप सड़क पर साइकिलिंग का विकल्प चुन सकते हैं। इसके अलावा आपको समझ लेना चाहिए कि सबसे अच्छी एक्सरसाइज वही है जो लगातार की जाए। जब साइकिलिंग आपकी आदत बन जाती है, तब वजन घटाना एक मस्ती का काम बनकर रह जाता है।

gulshan kumar
गुलशन कुमार author

गुलशन कुमार टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के हेल्थ सेक्शन से जुड़े हैं। फिटनेस और योग के प्रति उनकी रुचि उन्हें हेल्थ जर्नलिज्म की ओर लेकर आई, जहां वे आम लो... और देखें

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