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World Pasta Day: इटली की थाली से भारतीय रसोई तक, कैसे हमारे दिलों में बस गया पास्ता?

World Pasta Day: हमने इटली के उस पारंपरिक पास्ता को अपनी रसोई में बुलाया और उस पर अपना देसी तड़का लगा दिया। फिर क्या था, जन्म हुआ हमारे चहेते इंडियन मसाला पास्ता और तंदूरी पास्ता का!

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हर साल 25 अक्टूबर को मनाया जाता है वर्ल्ड पास्ता डे (AI Generated and newsroom verified image)

World Pasta Day 2026: भारत में लोग पास्ता खूब खाते हैं। भारत ही क्या, पूरी दुनिया में पास्ता खाया जाता है। वैसे क्या आपने कभी सोचा है कि हजारों मील दूर इटली के किसी कोने में पैदा हुआ यह मैदे और सूजी का छोटा सा नूडलनुमा व्यंजन, हमारी देसी थाली और टिफिन बॉक्स का पक्का यार कैसे बन गया? कहानी बड़ी दिलचस्प है कि कैसे ग्लोबल फूड कल्चर ने पास्ता को हमारे दिलों में हमेशा के लिए बसा लिया।

जब विदेशी पास्ता से पहली बार हुई हमारी मुलाकात

याद कीजिए वो दौर जब हमारे लिए मैक्रोनी का मतलब सिर्फ वो छोटे-छोटे गोल पाइप वाली चीजें थीं, जिन्हें मम्मी कभी-कभी हल्दी, प्याज और टमाटर डालकर बिल्कुल सूखी मैगी की तरह छौंक दिया करती थीं। तब हमें यह भी नहीं पता था कि इटली में इसे किस शान से पकाया जाता है। हमारे लिए वह एक नया विदेशी मेहमान था, जिसे हमने अपनी देसी रसोई के मसालों की चाशनी में ऐसा लपेटा कि वह हमेशा के लिए हमारा ही होकर रह गया।

जैसे-जैसे दुनिया सिमटती गई, ग्लोबलाइजेशन का दौर आया और शहर-शहर में पिज्जा-पास्ता के कैफे खुलने लगे। लोग सिर्फ पेट भरने नहीं, बल्कि एक नया अनुभव तलाशने निकले। तभी हमारी मुलाकात असली इटालियन व्हाइट सॉस और रेड सॉस से हुई। शुरुआत में यह थोड़ा अजीब जरूर लगा, क्योंकि हमारी जीभ को तो तीखे और चटपटे मसालों की आदत थी। लेकिन क्रीमी मक्खन और चीज के जादू ने धीरे-धीरे सबको अपना दीवाना बना लिया।

इटालियन पास्ता का देसी जुगाड़

हालाांकि भारतीय भला बिना मिर्च-मसाले के कहां मान सकते हैं? हमने इटली के उस पारंपरिक पास्ता को अपनी रसोई में बुलाया और उस पर अपना देसी तड़का लगा दिया। फिर क्या था, जन्म हुआ हमारे चहेते इंडियन मसाला पास्ता और तंदूरी पास्ता का!

अब भला ओरिगैनो और चिली फ्लेक्स के साथ-साथ गरम मसाला, कसूरी मेथी और अदरक-लहसुन का पेस्ट पास्ता की प्लेट में मिलने लगा। शिमला मिर्च, गाजर और कॉर्न के साथ जब पनीर के टुकड़े और ढेर सारी लाल मिर्च का छौंक लगा, तो पास्ता ने इटली की सरहदें पार करके सीधे हमारे मोहल्ले की ट्यूशन्स और किटी पार्टियों में कब्जा कर लिया। आज हालत यह है कि बच्चों के टिफिन बॉक्स से लेकर संडे की सुस्त शाम तक, देसी मसाले वाला पास्ता हर घर की शान बन चुका है।

अब तो रेस्टोरेंट के मेन्यू में भी राज करता है फ्यूजन

आज बड़े-बड़े फाइव स्टार होटल हों या नुक्कड़ पर खड़े फूड ट्रक्स, पास्ता का यह देसी अवतार हर जगह धूम मचा रहा है। शेफ लोग भी अब व्हाइट सॉस में मखनी ग्रेवी का टच देकर मखनी पास्ता बना रहे हैं, तो कोई तंदूरी सॉस के साथ पास्ता को भूनकर परोस रहा है। यह इस बात का सबूत है कि जब दो अलग-अलग संस्कृतियां मिलती हैं, तो स्वाद का एक ऐसा नया आसमान बनता है, जो दिल को भी छू लेता है और पेट को भी तृप्त करता है।

Suneet Singh
सुनीत सिंहauthor

सुनीत सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में डिप्टी न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन में स्पेशल स्टोरीज प्रोजेक्ट का नेतृत्व कर रहे हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों के अनुभव के साथ, सुनीत उन बहुमुखी पत्रकारों में शामिल हैं जिन्होंने न्यूजरूम और फील्ड—दोनों मोर्चों पर खुद को साबित किया है। माइक, कैमरा और एडिटिंग डेस्क तीनों से उनकी सहज जुगलबंदी ने उन्हें एक संतुलित और विश्वसनीय मीडिया प्रोफेशनल के रूप में स्थापित किया है। पिछले 10 वर्षों से सुनीत लाइफस्टाइल, लिटरेचर, सिनेमा और संस्कृति से जुड़ी गहन व विश्लेषणात्मक स्टोरीज लिखते रहे हैं और अबतक 12,000 से अधिक आर्टिकल पब्लिश कर चुके हैं। उनकी लेखन शैली गहराई, मौलिक दृष्टिकोण और रिसर्च-आधारित प्रस्तुति से पहचानी जाती है। वे विषयों की बारीकियों को पकड़कर उन्हें सरल, प्रभावी और पाठकों से जुड़ने वाली भाषा में ढालने में दक्ष हैं।

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